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Kushinagar News: राम-सीता विवाह में गूंजा जय सियाराम, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु
Fri, 24 Apr 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:50 AM IST
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तुर्कपट्टी। पुरंदरपुर में रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन राम-सीता विवाह के मंचन में जय सियाराम की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया। अयोध्या धाम की रामलीला मंडली के कलाकारों ने सीता स्वयंवर से लेकर विवाह तक के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
मंच पर जनकपुरी दरबार, स्वयंवर और भगवान राम द्वारा शिवधनुष भंग का दृश्य जैसे ही प्रस्तुत हुआ, दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। इसके बाद माता सीता द्वारा भगवान राम को वरमाला पहनाने और विवाह की रस्मों के दौरान पूरा परिसर “जय सियाराम” के उद्घोष से गूंज उठा। मंगल गीत, शहनाई की मधुर धुन और वैदिक मंत्रोच्चार ने माहौल को और अधिक दिव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। कई लोगों की आंखें श्रद्धा और आनंद से नम हो गईं। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने त्रेतायुग की अनुभूति कराई और दर्शकों को रामायण काल में ले गया। इससे पूर्व धर्ममंच का उद्घाटन करते हुए अतिथियों ने कहा कि राम-सीता विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि मर्यादा, प्रेम, त्याग और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य शुभेंदु वेदांती त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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मंच पर जनकपुरी दरबार, स्वयंवर और भगवान राम द्वारा शिवधनुष भंग का दृश्य जैसे ही प्रस्तुत हुआ, दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। इसके बाद माता सीता द्वारा भगवान राम को वरमाला पहनाने और विवाह की रस्मों के दौरान पूरा परिसर “जय सियाराम” के उद्घोष से गूंज उठा। मंगल गीत, शहनाई की मधुर धुन और वैदिक मंत्रोच्चार ने माहौल को और अधिक दिव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। कई लोगों की आंखें श्रद्धा और आनंद से नम हो गईं। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने त्रेतायुग की अनुभूति कराई और दर्शकों को रामायण काल में ले गया। इससे पूर्व धर्ममंच का उद्घाटन करते हुए अतिथियों ने कहा कि राम-सीता विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि मर्यादा, प्रेम, त्याग और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य शुभेंदु वेदांती त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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