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Kushinagar News: चार माह में ढहा सिंचाई विभाग का कंक्रीट पैनल, रेत की बोरियों से रोका जा रहा रिसाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिपरा बाजार। सिंचाई विभाग की ओर से परगन छपरा गांव के पास मेन कैनाल में करीब चार माह पहले बनाया गया कंक्रीट पैनल मंगलवार को ढह गया। नहर से पानी का रिसाव रोकने के लिए बृहस्पतिवार को ध्वस्त पैनल के स्थान पर रेत से भरी बोरियां रखी जा रही थीं। पैनल के इतनी कम अवधि में ढहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर नेपाल और बिहार की सीमा से निकलकर मेन कैनाल, रजवाहा, माइनर और गुलों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाती है। सिंचाई विभाग की ओर से हर वर्ष रजवाहों और माइनरों की सिल्ट सफाई के साथ सेवा मार्गों की मरम्मत पर भी खर्च किया जाता है। इसके बावजूद किसानों की ओर से खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। माघी माइनर की भी खराब स्थिति : रोवारी के निकट दमोदरी गांव के पास माघी माइनर में टूटे स्थान की विभाग की ओर से ईंटों से मरम्मत कराई गई थी।
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पिपरा बाजार। सिंचाई विभाग की ओर से परगन छपरा गांव के पास मेन कैनाल में करीब चार माह पहले बनाया गया कंक्रीट पैनल मंगलवार को ढह गया। नहर से पानी का रिसाव रोकने के लिए बृहस्पतिवार को ध्वस्त पैनल के स्थान पर रेत से भरी बोरियां रखी जा रही थीं। पैनल के इतनी कम अवधि में ढहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर नेपाल और बिहार की सीमा से निकलकर मेन कैनाल, रजवाहा, माइनर और गुलों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाती है। सिंचाई विभाग की ओर से हर वर्ष रजवाहों और माइनरों की सिल्ट सफाई के साथ सेवा मार्गों की मरम्मत पर भी खर्च किया जाता है। इसके बावजूद किसानों की ओर से खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। माघी माइनर की भी खराब स्थिति : रोवारी के निकट दमोदरी गांव के पास माघी माइनर में टूटे स्थान की विभाग की ओर से ईंटों से मरम्मत कराई गई थी।
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