फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   invalid sand digging

Kushinagar News: अवैध खनन में साल भर में पकड़ी गईं 264 गड़ियां... मुकदमा एक भी नहीं

Tue, 13 Jun 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 13 Jun 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
invalid sand digging
कप्तानगंज कस्बे के सटे मदरहवा घाट पर छोटी गंडक से सुबह 8.50 मिनट पर अवैध बालू निकालते धंधेबाज।स
रविवार की रात विधायक की सूचना पर बालू लदीं पांच ट्राॅलियां सीज की गई थीं
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में अवैध खनन का काम जोरों पर है। कई क्षेत्रों में खनन का काम रात-दिन चल रहा है। डंपर और ट्रॉलियां पकड़ी जा रही हैं। कुशीनगर में साल भर में अवैध खनन में 264 गाड़ियां पकड़ी गईं लेकिन मुकदमा एक भी दर्ज नहीं हुआ।
गोरखपुर जोन में 25 मार्च 2022 से 31 मई 2023 के बीच के आंकड़ों में कुशीनगर ही नहीं, बल्कि देवरिया, संतकबीर नगर, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में कोई खनन माफिया चिह्नित नहीं है।
विज्ञापन

रविवार की रात सेवरही थाना क्षेत्र में विधायक से लोगों ने शिकायत की तो विधायक के फोन पर तमकुहीराज एसडीएम ने पांच ट्राॅली बालू सीज की। खनन अधिकारी थाने में मुकदमा दर्ज नहीं कराते हैं। सिर्फ पेनाॅल्टी लगाकर छोड़ देते हैं। मुकदमा दर्ज न होने व वैध बालू घाट न होने से जनपद में खुलेआम बालू खनन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कप्तानगंज तहसील क्षेत्र के छोटी गंडक नदी के आधा दर्जन घाटों से अवैध बालू खनन हो रहा है। ट्रैक्टर ट्राॅली के अलावा अब डंपर और बैलगाड़ी से बालू की ढुलाई हो रही है। सोमवार की सुबह 8:50 बजे छोटी गंडक नदी के मदरहवा, ढेढि़यां, बभनौली, हसनगंज भीऊरा, मिश्रौली सहित अन्य घाटों की पड़ताल की गई तो मदरहवा घाट पर बालू के ढेर लगे हुए थे। दो मजदूर नदी से बालू निकालकर नाव पर लाद रहे थे, लेकिन कैमरा दिखने के बाद भी मजदूरों की सेहत पर कोई असर देखने को नहीं मिला। अन्य घाटों पर कुछ न कुछ बालू के ढेर दिखाई दिए।
नदी से बालू निकालने का काम शाम ढलते ही शुरू हो जाता है और सुबह तक निकालने के साथ-साथ डंपर, ट्राॅली ट्रैक्टर और बैलगाड़ी से पूरी रात बालू की ढुलाई की जाती है। अवैध बालू खनन कराने वाले लोग हर चौक-चौराहे पर लग्जरी कारों से वाहनों के आने-जाने की जानकारी लेते हैं। प्रशासन की ओर से अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई भी होती रहती है, लेकिन इसका कोई असर बालू माफिया पर नहीं पड़ता है।

यहां भी होता है अवैध बालू खनन
रविवार की दोपहर दो बजे हाटा के पड़री गांव के पास खनन के बाद ट्रैक्टर ट्राॅली से बालू की ढुलाई हो रही थी। वहां देर रात तक खनन चलता रहा। 3:10 बजे जटहां बाजार के मरिचहवां गांव में नदी का सफेद बालू डंप किया था। ट्रैक्टर ट्राॅली पर सफेद बालू लदा हुआ था। 3:50 बजे पकड़ियार बाजार क्षेत्र के क्रांति चौराहा पर सफेद बालू निकालकर रखा गया था।
रविवार की शाम कप्तानगंज के टेढि़या घाट पर 10 ट्राॅली से अधिक बालू रखा गया था। मौके पर दो लोग मिले। उन्होंने बताया कि रात होते ही ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर बताए गए स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा।

थानेदार पर दर्ज हो चुका है मुकदमा
जनपद में अवैध बालू खनन को प्रश्रय देने के मामले में कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जो बालू माफिया और उनके गठजोड़ की गवाही देती है। बरवापट्टी के एक थानेदार पर ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। क्योंकि बरवापट्टी थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गंडक नदी में अवैध बालू खनन जोरों पर चलता है। बालू लदी ट्रालियां और अन्य वाहन पार कराने में पुलिस भी संलिप्त थी। इनका बाकायदा शुल्क भी तय था, जिसे नकद लेने के बजाय एक सिपाही के खाते में मंगाया जा रहा था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सहित पुलिस विभाग के अफसरों को ट्वीट कर की गई थी।
आठ मई 2022 की शाम को तत्कालीन सीओ तमकुहीराज फूलचंद कन्नौजिया ने बरवापट्टी थाने जाकर इसकी जांच भी की थी। इस मामले में दोषी पाए जाने पर बरवापट्टी थाने के तत्कालीन एसओ सुरेशचंद्र राय और सिपाही मंजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। इन्हीं के थाने में इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया। पुलिस शिकायतें मिलने पर बालू लदी ट्राॅलियां पकड़ लेती है।

मुख्यमंत्री का आदेश भी अफसरों ने अनसुना कर दिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी अफसर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे अवैध बालू खनन का धंधा खूब फल-फूल रहा है। माफिया नदी व नालों को छलनी करने में दिन-रात एक किए हुए हैं। यही नहीं, नदी व नालों से निकाले गए सफेद बालू को सरकारी जमीन पर डंप किया जा रहा है। जिस पर अफसर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। 24 मार्च को मुख्यमंत्री ने जिले के अफसरों को अवैध बालू खनन रोकने के निर्देश दिए थे। जिसे अफसरों ने अनसुना कर दिया।

रॉयल्टी की होती है चोरी, बंटता है हिस्सा
नियमों के मुताबिक, परमिट देते समय ही यह तय किया जाता है कि किस जगह पर कितनी गहराई तक खनन कराया जा सकता है। अगर किसी जगह पर चार फीट खनन का परमिट है, तो वहां 20 फीट खनन कर दिया जाता है। यानी 16 फीट मिट्टी ज्यादा निकाली जाती है और सरकारी खजाने में इसकी रायल्टी जमा नहीं होती है। जब भी शिकायत पर जांच होती है, उसे साठगांठ से दबा दी जाती है। बचने के लिए तर्क दिया जाता है कि उस जगह पर पहले से 16 फीट गड्ढा था, इस वजह से 20 फीट गहरा हो गया। यानी झूठे तर्क से नियम-कानून को खारिज कर अवैध खनन का खेल जारी रखा जाता है।

जनपद में 264 प्रकरणों में गाड़ियां पकड़ी गई हैं। इन पर एक करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। पांच परिवाद न्यायालय में दाखिल किया गया है। नवंबर 2022 में हाटा थाने में अवैध बालू को लेकर एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जितेंद्र कुमार शर्मा, खनन अधिकारी

नवंबर 2022 में बालू खनन का मुकदमा दर्ज नहीं है। बालू पकड़ कर जीडी में चढ़ाने के बाद खनन अधिकारी को सूचना दी जाती है। इसके बाद वह कार्रवाई करते हैं।
-निर्भय सिंह, कोतवाल हाटा
संबंधित अधिकारी की ओर से तहरीर मिलने पर थाने पर मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed