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Kushinagar News: अंतरराज्यीय ठगों का पर्दाफाश, तीन को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Wed, 13 Mar 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 13 Mar 2024 03:00 AM IST
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पडरौना(कुशीनगर)। सफाई करने के बहाने आभूषण चोरी या बदलने वाले अंतरराज्यीय ठठेरा गिरोह का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया। इनके पास से पुलिस ने चोरी का 2.40 लाख नकद रुपये समेत दो बाइक बरामद किया है। बिहार और आजमगढ़ के रहने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया। हाटा के सुकरौली बाजार में कुछ दिन पहले सफाई के बहाने जेवर लेकर भागने वाले ठगोंं की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी। उसकी मदद से पुलिस ठठेरा गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
हाटा कोतवाली क्षेत्र के सुकरौली बाजार में करीब 15 दिन पहले बाइक सवार युवक पहुंचे और सफाई करने के बहाने लाखों का जेवर लेकर फरार हो गए। ठगों की तस्वीर बाजार में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। धवल जायसवाल ने बताया कि कसया सीओ कुंदन कुमार सिंह के नेतृत्व में ठठेरा गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके पास से 2.40 लाख रुपये, अन्य घटनाओं में प्रयुक्त मोबाइल फोन, चोरी जेवरात, अपराध में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के नावकोठी निवासी विकास शाह, बिहार के खगड़िया जिले मुक्कीपुर कोठी थाना क्षेत्र के गोड़री गांव निवासी विक्की कुमार, आजमगढ़ के रानी के सराय थाना क्षेत्र के सेठवल गांव निवासी संतोष कुमार के रूप में की। ठठेरा गिरोह का नेटवर्क कुशीनगर जिले के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों में है। इनके टीम में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है। विकास के खिलाफ आजमगढ़, रायबरेली, गाजीपुर, कुशीनगर पर चार केस तथा विक्की पर महराजगंज, कुशीनगर समेत बिहार के कई थानों में केस दर्ज है।
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ठठेरा गिरोह ऐसे करता है अपराध
-बिहार और यूपी के जिलों में यह गैंग सक्रिय है। इस गैंग का केंद्र बिंदु जिला बेगूसराय बिहार है। इसका सरगना विकास कुमार शाह जो बेगूसराय का रहने वाला है और गैंग को संचालित करता है। रेकी के बाद गांव, कालोनी में भोली-भाली और वृद्ध महिलाओं को लक्ष्य बनाते हैं। गैंग के दो सदस्य जेवरातों की सफाई का बहाना बनाकर दिनदहाड़े घर में दाखिल होते हैं। केमिकल का इस्तेमाल कर सोने के जेवरात को तरल रूप में परिवर्तित कर देते हैं। उस लिक्विड को प्रिजर्व कर चोरी कर लेते है। पुनः ठोस तांबा उस घोल में शामिल कर गर्म करते है। सोने व तांबा को फिर से मिक्स कर झारखंड व सिवान क्षेत्र में तांबा व सोने को पृथक कर सोने को सस्ते दाम पर बेच देते हैं। यह गैंग इतना शातिर है कि खुद को सीसीटीवी फुटेज से बचने के लिए कूटरचित दोपहिया वाहनों में आरसी का इस्तेमाल करदा है तथा इनको सत्यापित करने के लिए कूटरचित मोहरों का भी प्रयोग करता है।गाड़ियों की अदला-बदली भी कर लेते है और मौका मिलने पर लक्षित घर की वृद्ध महिलाओं को झांसे में लेकर उनके जेवर लेकर फरार हो जाते हैं।
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हाटा कोतवाली क्षेत्र के सुकरौली बाजार में करीब 15 दिन पहले बाइक सवार युवक पहुंचे और सफाई करने के बहाने लाखों का जेवर लेकर फरार हो गए। ठगों की तस्वीर बाजार में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। धवल जायसवाल ने बताया कि कसया सीओ कुंदन कुमार सिंह के नेतृत्व में ठठेरा गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके पास से 2.40 लाख रुपये, अन्य घटनाओं में प्रयुक्त मोबाइल फोन, चोरी जेवरात, अपराध में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की।
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पुलिस ने आरोपियों की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के नावकोठी निवासी विकास शाह, बिहार के खगड़िया जिले मुक्कीपुर कोठी थाना क्षेत्र के गोड़री गांव निवासी विक्की कुमार, आजमगढ़ के रानी के सराय थाना क्षेत्र के सेठवल गांव निवासी संतोष कुमार के रूप में की। ठठेरा गिरोह का नेटवर्क कुशीनगर जिले के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों में है। इनके टीम में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है। विकास के खिलाफ आजमगढ़, रायबरेली, गाजीपुर, कुशीनगर पर चार केस तथा विक्की पर महराजगंज, कुशीनगर समेत बिहार के कई थानों में केस दर्ज है।
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ठठेरा गिरोह ऐसे करता है अपराध
-बिहार और यूपी के जिलों में यह गैंग सक्रिय है। इस गैंग का केंद्र बिंदु जिला बेगूसराय बिहार है। इसका सरगना विकास कुमार शाह जो बेगूसराय का रहने वाला है और गैंग को संचालित करता है। रेकी के बाद गांव, कालोनी में भोली-भाली और वृद्ध महिलाओं को लक्ष्य बनाते हैं। गैंग के दो सदस्य जेवरातों की सफाई का बहाना बनाकर दिनदहाड़े घर में दाखिल होते हैं। केमिकल का इस्तेमाल कर सोने के जेवरात को तरल रूप में परिवर्तित कर देते हैं। उस लिक्विड को प्रिजर्व कर चोरी कर लेते है। पुनः ठोस तांबा उस घोल में शामिल कर गर्म करते है। सोने व तांबा को फिर से मिक्स कर झारखंड व सिवान क्षेत्र में तांबा व सोने को पृथक कर सोने को सस्ते दाम पर बेच देते हैं। यह गैंग इतना शातिर है कि खुद को सीसीटीवी फुटेज से बचने के लिए कूटरचित दोपहिया वाहनों में आरसी का इस्तेमाल करदा है तथा इनको सत्यापित करने के लिए कूटरचित मोहरों का भी प्रयोग करता है।गाड़ियों की अदला-बदली भी कर लेते है और मौका मिलने पर लक्षित घर की वृद्ध महिलाओं को झांसे में लेकर उनके जेवर लेकर फरार हो जाते हैं।