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बढ़ रहा कोरोना महामारी का खतरा, फिर भी लापरवाही
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बढ़ रहा कोरोना महामारी का खतरा, फिर भी लापरवाही
पडरौना। कोरोना महामारी का खतरा फिर से बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र, कनार्टक, केरल और राजस्थान सहित कई राज्यों में इस मर्ज के रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अगर जिले में संक्रमण की बात करें तो एक सप्ताह में छह केस मिल चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल, बाजार, शॉपिंग कांप्लेक्स, चौराहे तथा आयोजनों में लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रख रहे हैं।
कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने सतर्कता के लिए फिर से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सोमवार की शाम को मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कमिश्नर और डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और राजस्थान सहित कई प्रदेशों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि ट्रेनों, बसों और हवाई जहाज से यात्रा करने वाले मुसाफिरों की शत प्रतिशत जांच कराई जाए। टीकाकरण की संख्या बढ़ाने, टीकाकरण केंद्र अधिकतम ढाई किलोमीटर दूर रखने, 13 से 27 मार्च तक कोविड टेस्टिंग पर जोर देने के लिए भी निर्देश दिए थे। बावजूद इसके कोरोना महामारी को लेकर सतर्कता नहीं दिख रही है।
मंगलवार को जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों सहित बाजार, शॉपिंग कांप्लेक्स, चौराहों और दुकानों में इक्का-दुक्का लोग ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। दूसरे राज्यों की कौन कहे, जिले में ही एक सप्ताह में छह लोग कोरोना से संक्रमित मिल चुके हैं, जिससे साबित होता है कि कोरोना संक्रमण का खतरा यहां भी बना हुआ है।
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तिथि कोरोना जांच रिपोर्ट की स्थिति
नौ मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
11 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
13 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
14 मार्च दो व्यक्ति संक्रमित
15 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
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पडरौना। कोरोना महामारी का खतरा फिर से बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र, कनार्टक, केरल और राजस्थान सहित कई राज्यों में इस मर्ज के रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अगर जिले में संक्रमण की बात करें तो एक सप्ताह में छह केस मिल चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल, बाजार, शॉपिंग कांप्लेक्स, चौराहे तथा आयोजनों में लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रख रहे हैं।
कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने सतर्कता के लिए फिर से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सोमवार की शाम को मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कमिश्नर और डीएम के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और राजस्थान सहित कई प्रदेशों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि ट्रेनों, बसों और हवाई जहाज से यात्रा करने वाले मुसाफिरों की शत प्रतिशत जांच कराई जाए। टीकाकरण की संख्या बढ़ाने, टीकाकरण केंद्र अधिकतम ढाई किलोमीटर दूर रखने, 13 से 27 मार्च तक कोविड टेस्टिंग पर जोर देने के लिए भी निर्देश दिए थे। बावजूद इसके कोरोना महामारी को लेकर सतर्कता नहीं दिख रही है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों सहित बाजार, शॉपिंग कांप्लेक्स, चौराहों और दुकानों में इक्का-दुक्का लोग ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। दूसरे राज्यों की कौन कहे, जिले में ही एक सप्ताह में छह लोग कोरोना से संक्रमित मिल चुके हैं, जिससे साबित होता है कि कोरोना संक्रमण का खतरा यहां भी बना हुआ है।
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तिथि कोरोना जांच रिपोर्ट की स्थिति
नौ मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
11 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
13 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित
14 मार्च दो व्यक्ति संक्रमित
15 मार्च एक व्यक्ति संक्रमित