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Kushinagar News: बुद्ध पीजी कुशीनगर में भिक्षु ज्ञानेश्वर स्मृति द्वार का लोकार्पण
Tue, 11 Nov 2025 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:02 AM IST
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लोकार्पण के बाद मौजूद अतिथि और शिक्षक।स्रोत-स्रोत-सोशल मीडिया
कसया। बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में सोमवार को म्यांमार के प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान एवं रंगून स्थित धम्मचारिया विश्वविद्यालय के प्रमुख डॉ. न्यानिसारा सितागु सियादो और भारत में म्यांमार के राजदूत उ जा ऊ ने भिक्षु ज्ञानेश्वर स्मृति द्वार का लोकार्पण किया।
भंते ज्ञानेश्वर ने इस द्वार के निर्माण कार्य को बड़े मनोयोग से संपन्न कराया था और अपने जन्मदिन के अवसर पर ही इसके लोकार्पण का निर्णय पूर्व में लिया था। इस अवसर पर संबोधित करते हुए भंते न्यानिसारा सितागु ने कहा कि भगवान बुद्ध ने शिक्षा को विश्व कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग बताया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की प्रगति से ही समाज और संसार के कल्याण के द्वार खुलते हैं।
भारत में म्यांमार के राजदूत उ जा ऊ ने कहा कि भदंत ज्ञानेश्वर जी का शिक्षा के प्रति गहरा लगाव था और उन्होंने सदैव इसे सेवा का माध्यम माना। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव सरदार वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, भंते नंदरतन थेरो, भंते महेंद्र, पूर्व प्राचार्य प्रो. अमृतांशु शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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भंते ज्ञानेश्वर ने इस द्वार के निर्माण कार्य को बड़े मनोयोग से संपन्न कराया था और अपने जन्मदिन के अवसर पर ही इसके लोकार्पण का निर्णय पूर्व में लिया था। इस अवसर पर संबोधित करते हुए भंते न्यानिसारा सितागु ने कहा कि भगवान बुद्ध ने शिक्षा को विश्व कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग बताया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की प्रगति से ही समाज और संसार के कल्याण के द्वार खुलते हैं।
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भारत में म्यांमार के राजदूत उ जा ऊ ने कहा कि भदंत ज्ञानेश्वर जी का शिक्षा के प्रति गहरा लगाव था और उन्होंने सदैव इसे सेवा का माध्यम माना। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव सरदार वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, भंते नंदरतन थेरो, भंते महेंद्र, पूर्व प्राचार्य प्रो. अमृतांशु शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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