{"_id":"65b823a1d91d3a6684044834","slug":"in-khatauni-deed-of-land-worth-rs-70-lakh-was-done-by-fraud-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-111674-2024-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: खतौनी में फर्जीवाड़ा कर 70 लाख की जमीन का करा लिया बैनामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: खतौनी में फर्जीवाड़ा कर 70 लाख की जमीन का करा लिया बैनामा
Tue, 30 Jan 2024 03:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 30 Jan 2024 03:46 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का नाम गलत तरीके से खतौनी में दर्ज कराकर भू माफिया ने करीब 70 लाख की जमीन बैनामा करा ली। इसकी जानकारी होने पर बेटी ने विरोध किया तो भू माफिया धमकाने लगा। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों पर केस दर्ज किया है। वहीं, जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया है।
हाटा कोतवाली क्षेत्र विशुनपुर उर्फ ठूठी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह की मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। इनकी बेटी पूनम सिंह का आरोप है कि सुकरौली गांव निवासी रामप्रवेश कश्यप ने सुरेंद्र सिंह का नाम खतौनी में फर्जी तरीके से दर्ज करा दिया और 70 लाख की जमीन परिजनों के नाम से बैनामा करा ली। इसकी जानकारी होने पर तहसील में पता किया तो खतौनी में फर्जीवाड़ा सामने अया। साक्ष्य के तौर पर पूनम ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी तहसील प्रशासन से मांगी। साक्ष्य के आधार पर पूनम ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने सुकरौली कस्बा निवासी रामप्रवेश कश्यप, प्रदीप कश्यप, अनिल कश्यप, प्रेमपाल कश्यप और एक महिला पर धोखाधड़ी, अभिलेखों में हेराफेरी करने और धमकी देने का केस दर्ज किया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि फर्जीवाड़ा कर जमीन बैनामा कराने वाले आरोपी विरोध करने पर धमकी दे रहे हैं। हाटा कोतवाल राजप्रकाश सिंह नेे बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
-
चकबंदी अधिकारी पर कार्रवाई के बाद जालसाजों पर शिकंजा नहीं कस सकी पुलिस
पडरौना। हाटा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में खलिहान और पोखरी की जमीन का नाम खारिज कर तत्कालीन चकबंदी अधिकारी कसया धीरेंद्रजीत सिंह ने धनपाल के नाम दर्ज कर दिया था। गांव के एक व्यक्ति की शिकायत पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ। बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी आलोक कुमार की तहरीर पर सितंबर 2003 में हाटा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। इसमें शामिल कई लोगों का नाम पुलिस की विवेचना में सामने आया। लेकिन अभी तक पोखरी औश्र खलिहान की जमीन अपने नाम कराने वाले जालसाजों पर पुलिस की ओर से शिकंजा नहीं कसा गया। पुलिस इस मामले की विवेचना अभी भी लंबित है। कई सफेदपोश का नाम सामने आने की वजह से पुलिस की विवेचना धीमी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाटा कोतवाली क्षेत्र विशुनपुर उर्फ ठूठी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह की मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। इनकी बेटी पूनम सिंह का आरोप है कि सुकरौली गांव निवासी रामप्रवेश कश्यप ने सुरेंद्र सिंह का नाम खतौनी में फर्जी तरीके से दर्ज करा दिया और 70 लाख की जमीन परिजनों के नाम से बैनामा करा ली। इसकी जानकारी होने पर तहसील में पता किया तो खतौनी में फर्जीवाड़ा सामने अया। साक्ष्य के तौर पर पूनम ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी तहसील प्रशासन से मांगी। साक्ष्य के आधार पर पूनम ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने सुकरौली कस्बा निवासी रामप्रवेश कश्यप, प्रदीप कश्यप, अनिल कश्यप, प्रेमपाल कश्यप और एक महिला पर धोखाधड़ी, अभिलेखों में हेराफेरी करने और धमकी देने का केस दर्ज किया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि फर्जीवाड़ा कर जमीन बैनामा कराने वाले आरोपी विरोध करने पर धमकी दे रहे हैं। हाटा कोतवाल राजप्रकाश सिंह नेे बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विज्ञापन
-
चकबंदी अधिकारी पर कार्रवाई के बाद जालसाजों पर शिकंजा नहीं कस सकी पुलिस
पडरौना। हाटा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में खलिहान और पोखरी की जमीन का नाम खारिज कर तत्कालीन चकबंदी अधिकारी कसया धीरेंद्रजीत सिंह ने धनपाल के नाम दर्ज कर दिया था। गांव के एक व्यक्ति की शिकायत पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ। बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी आलोक कुमार की तहरीर पर सितंबर 2003 में हाटा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। इसमें शामिल कई लोगों का नाम पुलिस की विवेचना में सामने आया। लेकिन अभी तक पोखरी औश्र खलिहान की जमीन अपने नाम कराने वाले जालसाजों पर पुलिस की ओर से शिकंजा नहीं कसा गया। पुलिस इस मामले की विवेचना अभी भी लंबित है। कई सफेदपोश का नाम सामने आने की वजह से पुलिस की विवेचना धीमी हो गई है।
विज्ञापन