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Kushinagar News: अपना ही विकास नहीं कर पा रहा कसाडा, पांच पद और पांचों खाली
Sat, 10 Jun 2023 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 10 Jun 2023 11:30 PM IST
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कसया नगर के बैरिया चौराहें पर कसाडा कार्यालय।संवाद
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कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में शामिल है कुशीनगर नगर पालिका और 256 गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) अपना ही विकास नहीं कर पा रहा है। हालत यह है कि यहां पांच पद सृजित हैं और पांचों खाली हैं। नगर पालिका कुशीनगर सहित 256 गांवों का विकास उधार के कर्मचारियों के भराेसे है।
यहां के लोगों को घर या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बनवाने के लिए नक्शा बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि यहां किसी लिपिक की तैनाती नहीं है। कलेक्ट्रेट में तैनात एक लिपिक और अभियंताओं को संबद्ध कर काम कराया जा रहा है।
कसाडा क्षेत्र में भवन बनाने के लिए उसका नक्शा पास कराना जरूरी होता है। पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण कुशीनगर तथा आसपास के इलाकों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की घोषणा हुई थी।
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वर्ष 2007 में प्राधिकरण का गठन करते हुए कार्य प्रारंभ किया गया। नगर के बैरिया चौराहे पर कसाडा का प्रशासनिक भवन बना तो विगत वर्ष 30 सितंबर 2022 को प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लोकार्पण किया।
इस कार्यालय को संचालित करने के लिए एक एटीपी (सहायक नगर नियोजन), दो अवर अभियंता, एक लिपिक और एक चपरासी की आवश्यकता है, लेकिन इन पदों पर तैनाती नहीं हो पाई है।
फिलहाल, कलेक्ट्रेट से संबंधित एक लिपिक के भरोसे ही यहां का कार्य किसी तरह चल रहा है, जबकि कसाडा से विकास कार्य सहित नगर में नवनिर्मित मकानों का नक्शा बनाने सहित कई अन्य जरूरी कार्य किए जाते हैं।
पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है विभाग की भूमिका
पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण कुशीनगर तथा आसपास के इलाकों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से इसकी घोषणा हुई थी।
कसाडा क्षेत्र में कुशीनगर व देवरिया जिले के कुल 257 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें से देवरिया जिले के तरकुलवा व देसही देवरिया ब्लॉक के 83 गांव शामिल हैं। शेष 174 गांव कुशीनगर जिले के कसया व हाटा ब्लॉक के हैं।
कसया नगर पंचायत का विस्तार करते हुए कुशीनगर नगर पालिका बनाए जाने के बाद 42 गांव नगर क्षेत्र में शामिल हो गए। शेष गांव पंचायतीराज विभाग के अधीन हैं।
कसाडा क्षेत्र में शामिल नगर पालिका व ग्राम पंचायत क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए कसाडा से मानचित्र स्वीकृत कराना होता है। कसाडा बोर्ड की पिछली कई बैठकों में अपने क्षेत्र के गांवों में विकास कार्य को लेकर चर्चा होती रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। परंतु बोर्ड की पिछली बैठक में प्राधिकरण की आय बढ़ाने तथा उससे विकास कार्य कराने को लेकर निर्णय लिया गया था।
ये है कसाडा की सीमा
कसाडा की सीमा कुशीनगर के चारों तरफ है। गोरखपुर मार्ग पर पिपरही भड़कुलवा तक, पडरौना मार्ग पर अर्जुनहां तक, देवरिया मार्ग पर तरकुलवा तक, तुर्कपट्टी मार्ग पर सपहां तक तथा रामकोला मार्ग पर टेकुआटार बाजार तक कसाडा की सीमा है।
आठ वर्ष में 2,144 लोगों ने किया आवेदन
कसाडा कार्यालय में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीते आठ वर्षों में 2,144 लोगों ने नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। इसमें से अधिकांश लोगों के मानचित्र स्वीकृत भी हो चुके हैं। इससे पहले कसाडा कार्यालय का कार्य शुरू होने के बाद वर्ष 2009 से 2012 तक कसया हवाईपट्टी विस्तारीकरण के चलते हवाई पट्टी के पांच किलोमीटर की परिधि में मानचित्र स्वीकृति नहीं होते थे। एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद वर्ष 2012 से पूरे कसाडा क्षेत्र के लिए भवन मानचित्र स्वीकृत होना शुरू हो गया। कसाडा में मानचित्र सत्यापन के लिए आए आवेदन
वर्ष- कुल प्राप्त आवेदन
2013-14- 109
2014-15- 169
2015-16- 237
2016-17- 208
2017-18- 234
2018-19- 286
2019-20- 441
2020-21- 460
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संबद्ध किए गए हैं अभियंता
कसाडा में शासन की तरफ से दो अवर अभियंताओं को संबद्ध किया गया है, जबकि लिपिक के काम के लिए कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी को संबद्ध किया गया है। वहीं, चपरासी की तैनाती आउटसोर्सिंग से है। सहायक नियोजक का काम अभी सह नियुक्त नियोजक गोरखपुर देख रहे हैं। सचिव कसाडा का भी पद सृजित नहीं है। आय कम होने के चलते एसडीएम ही सचिव कसाडा के कार्यों की देखरेख करते रहे हैं।
जल्द ही दिखेगा बदलाव
एसडीएम कसाडा की सचिव रत्निका श्रीवास्तव का कहना है कि कसाडा का अब अपना कार्यालय भवन बन गया है। कुशीनगर को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही कसाडा क्षेत्र में शामिल इलाके को भी विकसित किया जाएगा। अभी कसाडा के पास आय के स्रोत नहीं हैं, जिससे विकास कार्य में भी तेजी नहीं आ पा रही है। भवन मानचित्र की स्वीकृति व सत्यापन कार्य से इसकी शुरुआत हो गई है। जल्द ही कसाडा क्षेत्र में बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा। खाली पदों पर नियुक्ति के लिए भी शासन स्तर पर प्रयास चल रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) अपना ही विकास नहीं कर पा रहा है। हालत यह है कि यहां पांच पद सृजित हैं और पांचों खाली हैं। नगर पालिका कुशीनगर सहित 256 गांवों का विकास उधार के कर्मचारियों के भराेसे है।
यहां के लोगों को घर या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बनवाने के लिए नक्शा बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि यहां किसी लिपिक की तैनाती नहीं है। कलेक्ट्रेट में तैनात एक लिपिक और अभियंताओं को संबद्ध कर काम कराया जा रहा है।
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कसाडा क्षेत्र में भवन बनाने के लिए उसका नक्शा पास कराना जरूरी होता है। पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण कुशीनगर तथा आसपास के इलाकों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की घोषणा हुई थी।
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वर्ष 2007 में प्राधिकरण का गठन करते हुए कार्य प्रारंभ किया गया। नगर के बैरिया चौराहे पर कसाडा का प्रशासनिक भवन बना तो विगत वर्ष 30 सितंबर 2022 को प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लोकार्पण किया।
इस कार्यालय को संचालित करने के लिए एक एटीपी (सहायक नगर नियोजन), दो अवर अभियंता, एक लिपिक और एक चपरासी की आवश्यकता है, लेकिन इन पदों पर तैनाती नहीं हो पाई है।
फिलहाल, कलेक्ट्रेट से संबंधित एक लिपिक के भरोसे ही यहां का कार्य किसी तरह चल रहा है, जबकि कसाडा से विकास कार्य सहित नगर में नवनिर्मित मकानों का नक्शा बनाने सहित कई अन्य जरूरी कार्य किए जाते हैं।
पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है विभाग की भूमिका
पर्यटन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण कुशीनगर तथा आसपास के इलाकों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के उद्देश्य से इसकी घोषणा हुई थी।
कसाडा क्षेत्र में कुशीनगर व देवरिया जिले के कुल 257 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें से देवरिया जिले के तरकुलवा व देसही देवरिया ब्लॉक के 83 गांव शामिल हैं। शेष 174 गांव कुशीनगर जिले के कसया व हाटा ब्लॉक के हैं।
कसया नगर पंचायत का विस्तार करते हुए कुशीनगर नगर पालिका बनाए जाने के बाद 42 गांव नगर क्षेत्र में शामिल हो गए। शेष गांव पंचायतीराज विभाग के अधीन हैं।
कसाडा क्षेत्र में शामिल नगर पालिका व ग्राम पंचायत क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए कसाडा से मानचित्र स्वीकृत कराना होता है। कसाडा बोर्ड की पिछली कई बैठकों में अपने क्षेत्र के गांवों में विकास कार्य को लेकर चर्चा होती रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। परंतु बोर्ड की पिछली बैठक में प्राधिकरण की आय बढ़ाने तथा उससे विकास कार्य कराने को लेकर निर्णय लिया गया था।
ये है कसाडा की सीमा
कसाडा की सीमा कुशीनगर के चारों तरफ है। गोरखपुर मार्ग पर पिपरही भड़कुलवा तक, पडरौना मार्ग पर अर्जुनहां तक, देवरिया मार्ग पर तरकुलवा तक, तुर्कपट्टी मार्ग पर सपहां तक तथा रामकोला मार्ग पर टेकुआटार बाजार तक कसाडा की सीमा है।
आठ वर्ष में 2,144 लोगों ने किया आवेदन
कसाडा कार्यालय में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीते आठ वर्षों में 2,144 लोगों ने नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। इसमें से अधिकांश लोगों के मानचित्र स्वीकृत भी हो चुके हैं। इससे पहले कसाडा कार्यालय का कार्य शुरू होने के बाद वर्ष 2009 से 2012 तक कसया हवाईपट्टी विस्तारीकरण के चलते हवाई पट्टी के पांच किलोमीटर की परिधि में मानचित्र स्वीकृति नहीं होते थे। एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद वर्ष 2012 से पूरे कसाडा क्षेत्र के लिए भवन मानचित्र स्वीकृत होना शुरू हो गया। कसाडा में मानचित्र सत्यापन के लिए आए आवेदन
वर्ष- कुल प्राप्त आवेदन
2013-14- 109
2014-15- 169
2015-16- 237
2016-17- 208
2017-18- 234
2018-19- 286
2019-20- 441
2020-21- 460
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संबद्ध किए गए हैं अभियंता
कसाडा में शासन की तरफ से दो अवर अभियंताओं को संबद्ध किया गया है, जबकि लिपिक के काम के लिए कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी को संबद्ध किया गया है। वहीं, चपरासी की तैनाती आउटसोर्सिंग से है। सहायक नियोजक का काम अभी सह नियुक्त नियोजक गोरखपुर देख रहे हैं। सचिव कसाडा का भी पद सृजित नहीं है। आय कम होने के चलते एसडीएम ही सचिव कसाडा के कार्यों की देखरेख करते रहे हैं।
जल्द ही दिखेगा बदलाव
एसडीएम कसाडा की सचिव रत्निका श्रीवास्तव का कहना है कि कसाडा का अब अपना कार्यालय भवन बन गया है। कुशीनगर को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही कसाडा क्षेत्र में शामिल इलाके को भी विकसित किया जाएगा। अभी कसाडा के पास आय के स्रोत नहीं हैं, जिससे विकास कार्य में भी तेजी नहीं आ पा रही है। भवन मानचित्र की स्वीकृति व सत्यापन कार्य से इसकी शुरुआत हो गई है। जल्द ही कसाडा क्षेत्र में बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा। खाली पदों पर नियुक्ति के लिए भी शासन स्तर पर प्रयास चल रहा है।