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सुरक्षित लैंडिंग के लिए आईएलएस से लैस होगा हवाईअड्डा
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सुरक्षित लैंडिंग के लिए आईएलएस से लैस होगा हवाईअड्डा
- कोहरे में हवाई जहाज के उतरने और उड़ान भरने में नहीं होगी दिक्कत
- लगभग आठ महीने लग सकते हैं आईएलएस सिस्टम से युक्त होने में
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से विमानों की उड़ान शुरू हुए एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक सामान्य संसाधन के सहारे विमानों की लैंडिंग और फ्लाइट है। अब हवाईअड्डा को (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) से लैस किया जाएगा। इसमें लगभग आठ माह का वक्त लगेगा।
कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्तूबर 2021 में किया था। उद्घाटन के समय स्पाइसजेट ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। अभी दिल्ली से कुशीनगर और कुशीनगर से दिल्ली के लिए स्पाइस जेट की हवाई सेवा जारी है। कोलकाता और मुंबई के लिए विमान सेवा शुरू नहीं हो सकी है।
इस हवाईअड्डे के लोकार्पण को एक साल बीतने के बाद भी विमानों की लैंडिंग के लिए सामान्य संसाधन का प्रयोग किया जा रहा है। अब अब जाड़े का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में कोहरा पड़ने पर विमानों की लैंडिंग या फ्लाइट प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसे देखते हुए इस हवाईअड्डे को आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) से लैस करने की तैयारी की जा रही है।
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बताया जा रहा है कि इसके लिए मशीनों की खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद उन्हें यहां भेजकर लगाया जाएगा। इस कार्य को पूर्ण होने में लगभग आठ महीने का समय लग सकता है।
कुशीनगर हवाईअड्डे को आईएलएस से युक्त करने के लिए मशीनों की खरीदारी की प्रक्रिया दिल्ली में उच्च स्तर पर चल रही है। उसके बाद उसे लाकर लगाने और चालू करने में लगभग आठ महीने का समय लगने की संभावना है।
- बी. प्रदीप, डायरेक्टर, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा
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- कोहरे में हवाई जहाज के उतरने और उड़ान भरने में नहीं होगी दिक्कत
- लगभग आठ महीने लग सकते हैं आईएलएस सिस्टम से युक्त होने में
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से विमानों की उड़ान शुरू हुए एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक सामान्य संसाधन के सहारे विमानों की लैंडिंग और फ्लाइट है। अब हवाईअड्डा को (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) से लैस किया जाएगा। इसमें लगभग आठ माह का वक्त लगेगा।
कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्तूबर 2021 में किया था। उद्घाटन के समय स्पाइसजेट ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। अभी दिल्ली से कुशीनगर और कुशीनगर से दिल्ली के लिए स्पाइस जेट की हवाई सेवा जारी है। कोलकाता और मुंबई के लिए विमान सेवा शुरू नहीं हो सकी है।
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इस हवाईअड्डे के लोकार्पण को एक साल बीतने के बाद भी विमानों की लैंडिंग के लिए सामान्य संसाधन का प्रयोग किया जा रहा है। अब अब जाड़े का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में कोहरा पड़ने पर विमानों की लैंडिंग या फ्लाइट प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसे देखते हुए इस हवाईअड्डे को आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) से लैस करने की तैयारी की जा रही है।
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बताया जा रहा है कि इसके लिए मशीनों की खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद उन्हें यहां भेजकर लगाया जाएगा। इस कार्य को पूर्ण होने में लगभग आठ महीने का समय लग सकता है।
कुशीनगर हवाईअड्डे को आईएलएस से युक्त करने के लिए मशीनों की खरीदारी की प्रक्रिया दिल्ली में उच्च स्तर पर चल रही है। उसके बाद उसे लाकर लगाने और चालू करने में लगभग आठ महीने का समय लगने की संभावना है।
- बी. प्रदीप, डायरेक्टर, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा