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Kushinagar News: सीएम तक पहुंचने से फरियादियों को नहीं रोक पाए तो वेतन रोका
Wed, 25 Jun 2025 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 25 Jun 2025 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा (कुशीनगर)। न्याय की आस में सीएम के जनता दर्शन में पहुंचने वालों को अफसर रोक रहे हैं। अफसरों की यह करतूत न सिर्फ सीएम को अधिक से अधिक फरियादियों से मिलने की कोशिश में अड़ंगा लगा रही है, बल्कि सरकार की छवि को भी बिगाड़ रही है। ऐसा ही मामला कुशीनगर के हाटा तहसील में उजागर हुआ है।
यहां एसडीएम ने फरियादियों को सीएम तक पहुंचने से रोक नहीं पाने पर तीन लेखपालों का वेतन रोक दिया। इतना ही नहीं कानूनगो को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई। डीएम के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने कड़ी जांच के आदेश दिए। अफसरों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर ही लोगों की शिकायतें सुनें और न्याय दिलवाने में कोई कोताही न होने दें।
सीएम गोरखपुर आते हैं तो उनका प्रयास रोजाना अधिक से अधिक फरियादियों से मिलकर उनकी शिकायतें दूर करने का रहता है। अफसरों को डर रहता है कि शिकायतों पर मुख्यमंत्री उनके खिलाफ सख्त एक्शन न ले लें। बताया जा रहा है कि जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में हाटा से तहसीलदार के साथ कानूनगो बलराम कुशवाहा, लेखपाल मनोज कुमार सिंह, हृदयानंद वर्मा और जितेंद्र प्रसाद की ड्यूटी लगी थी। इन्हें निर्देश दिए गए थे कि मुख्यमंत्री से शिकायत करने क्षेत्र से जो भी फरियादी पहुंचें, उन्हें बाहर ही समझा-बुझाकर संतुष्ट करें, ताकि मामला सीएम तक न पहुंचने पाए।
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नायब तहसीलदार सुनील सिंह ने एसडीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि तहसीलदार का ट्रांसफर होने की वजह से उनकी जगह पर वह टीम के साथ 22 जून को जनता दर्शन में ड्यूटी के लिए गए थे। कानूनगो और लेखपाल की टीम हाटा तहसील क्षेत्र से पहुंचे तीन फरियादियों को सीएम तक जाने से रोक नहीं पाई।
इससे पहले भी इसी टीम की मौजूदगी में छह जून और नौ जून को दो-दो फरियादी सीएम से शिकायत करने पहुंच गए थे। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट एसडीएम ने एडीएम को भेजी। विभाग की खामियां उजागर होने से खफा एडीएम ने इसे अनुशासनहीनता और लापरवाही माना। उन्होंने कानूनगो व लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
एसडीएम हाटा योगेश्वर सिंह ने कहा कि एडीएम के आदेश पर जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। अनुशासनहीनता और लापरवाही पर कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तीनों लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अगले आदेश तक उनका वेतन रोक दिया गया है।
एडीएम कुशीनगर वैभव मिश्रा ने कहा कि हाटा एसडीएम को विभागीय कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है। जनता दरबार में लेखपाल और कानूनगो द्वारा लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर आदेश जारी हुआ है। हमारी मंशा फरियादियों की बात स्थानीय स्तर पर सुनकर उन्हें न्याय दिलाने की थी।
डीएम से मिला लेखपाल संघ
लेखपाल संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हृदयानंद वर्मा ने बताया कि संघ ने डीएम से मिलकर अपनी बात रखी है। डीएम के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने कड़ी जांच के आदेश दिए हैं।
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हाटा (कुशीनगर)। न्याय की आस में सीएम के जनता दर्शन में पहुंचने वालों को अफसर रोक रहे हैं। अफसरों की यह करतूत न सिर्फ सीएम को अधिक से अधिक फरियादियों से मिलने की कोशिश में अड़ंगा लगा रही है, बल्कि सरकार की छवि को भी बिगाड़ रही है। ऐसा ही मामला कुशीनगर के हाटा तहसील में उजागर हुआ है।
यहां एसडीएम ने फरियादियों को सीएम तक पहुंचने से रोक नहीं पाने पर तीन लेखपालों का वेतन रोक दिया। इतना ही नहीं कानूनगो को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई। डीएम के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने कड़ी जांच के आदेश दिए। अफसरों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर ही लोगों की शिकायतें सुनें और न्याय दिलवाने में कोई कोताही न होने दें।
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सीएम गोरखपुर आते हैं तो उनका प्रयास रोजाना अधिक से अधिक फरियादियों से मिलकर उनकी शिकायतें दूर करने का रहता है। अफसरों को डर रहता है कि शिकायतों पर मुख्यमंत्री उनके खिलाफ सख्त एक्शन न ले लें। बताया जा रहा है कि जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में हाटा से तहसीलदार के साथ कानूनगो बलराम कुशवाहा, लेखपाल मनोज कुमार सिंह, हृदयानंद वर्मा और जितेंद्र प्रसाद की ड्यूटी लगी थी। इन्हें निर्देश दिए गए थे कि मुख्यमंत्री से शिकायत करने क्षेत्र से जो भी फरियादी पहुंचें, उन्हें बाहर ही समझा-बुझाकर संतुष्ट करें, ताकि मामला सीएम तक न पहुंचने पाए।
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नायब तहसीलदार सुनील सिंह ने एसडीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि तहसीलदार का ट्रांसफर होने की वजह से उनकी जगह पर वह टीम के साथ 22 जून को जनता दर्शन में ड्यूटी के लिए गए थे। कानूनगो और लेखपाल की टीम हाटा तहसील क्षेत्र से पहुंचे तीन फरियादियों को सीएम तक जाने से रोक नहीं पाई।
इससे पहले भी इसी टीम की मौजूदगी में छह जून और नौ जून को दो-दो फरियादी सीएम से शिकायत करने पहुंच गए थे। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट एसडीएम ने एडीएम को भेजी। विभाग की खामियां उजागर होने से खफा एडीएम ने इसे अनुशासनहीनता और लापरवाही माना। उन्होंने कानूनगो व लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
एसडीएम हाटा योगेश्वर सिंह ने कहा कि एडीएम के आदेश पर जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। अनुशासनहीनता और लापरवाही पर कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तीनों लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अगले आदेश तक उनका वेतन रोक दिया गया है।
एडीएम कुशीनगर वैभव मिश्रा ने कहा कि हाटा एसडीएम को विभागीय कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है। जनता दरबार में लेखपाल और कानूनगो द्वारा लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर आदेश जारी हुआ है। हमारी मंशा फरियादियों की बात स्थानीय स्तर पर सुनकर उन्हें न्याय दिलाने की थी।
डीएम से मिला लेखपाल संघ
लेखपाल संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हृदयानंद वर्मा ने बताया कि संघ ने डीएम से मिलकर अपनी बात रखी है। डीएम के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने कड़ी जांच के आदेश दिए हैं।