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Kushinagar News: पिपराघाट में सैकड़ों हेक्टेयर फसल डूबी
Mon, 08 Jul 2024 05:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 08 Jul 2024 05:06 AM IST
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तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बांसी नदी भी उफना गई है। इससे पिपराघाट में सैकड़ों हेक्टेयर धान व गन्ने की फसल डूब गई है।
पिपराघाट एहतमाली और पिपराघाट मुस्तक़िल ग्राम सभा गंडक व बांसी नदी के दोआब में बसा है। इस ग्रामसभा के तवकल टोला, दहारी टोला, जोगनी, इमिलिया टोला, देवनारायण टोला, उपाध्याय टोला, हनुमान टोला, नरवाजोत, मोतीराय टोला, गोलाघाट, राजपुर खास, नरवा टोला, मुसहरी टोला, चौकी टोला, बुटन टोला समेत अन्य गांवों के किसानों ने सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर धान व गन्ने की खेती कर रखी है। शनिवार की रात में अचानक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से अत्यधिक पानी छोड़ दिया गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया और इन टोलों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। किसान प्रमोद सिंह, पन्नालाल यादव, विरेन्द्र गोड़, पुजारी सिंह, रामायन राय, सरल शर्मा, ध्रुव निषाद का कहना है कि उनकी तरह लोगों ने हजारों खर्च कर धान की रोपाई की थी। लेकिन, एक ही दिन में भारी मात्रा में पानी छोड़ने के कारण फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई है।
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पिपराघाट एहतमाली और पिपराघाट मुस्तक़िल ग्राम सभा गंडक व बांसी नदी के दोआब में बसा है। इस ग्रामसभा के तवकल टोला, दहारी टोला, जोगनी, इमिलिया टोला, देवनारायण टोला, उपाध्याय टोला, हनुमान टोला, नरवाजोत, मोतीराय टोला, गोलाघाट, राजपुर खास, नरवा टोला, मुसहरी टोला, चौकी टोला, बुटन टोला समेत अन्य गांवों के किसानों ने सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर धान व गन्ने की खेती कर रखी है। शनिवार की रात में अचानक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से अत्यधिक पानी छोड़ दिया गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया और इन टोलों में सैकड़ों हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। किसान प्रमोद सिंह, पन्नालाल यादव, विरेन्द्र गोड़, पुजारी सिंह, रामायन राय, सरल शर्मा, ध्रुव निषाद का कहना है कि उनकी तरह लोगों ने हजारों खर्च कर धान की रोपाई की थी। लेकिन, एक ही दिन में भारी मात्रा में पानी छोड़ने के कारण फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई है।
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