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Kushinagar News: स्क्रैप कारोबारी के यहां जीएसटी का छापा, लाखों की कर चोरी पकड़ी गई
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गोरखपुर/कुशीनगर। कुशीनगर में स्क्रैप कारोबारी के यहां जीएसटी विभाग ने शुक्रवार को छापा मारकर लाखों की कर चोरी पकड़ी है। टीम दूसरे के नाम से फर्म खोलकर कर चोरी करने वाले कारोबारी के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर जांच में जुट गई है। साथ ही टीम स्क्रैप कारोबारी से माल खरीदने वालों की भी तलाश कर रही है, जिससे उन लोगाें पर भी कार्रवाई कर सके।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो संजय कुमार व ज्वाइंट कमिश्नर उदित नारायण सिंह के निर्देश पर उप आयुक्त सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम ने रेकी से मिली जानकारी के अनुसार फर्म पर सुबह 11 बजे छापा मारा। दोपहर तीन बजे तक चली कार्रवाई के दौरान पता चला कि स्क्रैप कारोबारी सुनील सेठ गांव के ही एक व्यक्ति मस्तराज के नाम से फर्म पंजीकृत कराकर कर चोरी के साथ ही इनपुट क्रेडिट टैक्स का लाभ लेता है। बदले में उसे प्रतिदिन दो सौ रुपये देता है।
टूटे घर में मिला फर्म का मालिक
टीम जब गांव में मस्तराज के घर पहुंची तो मौके पर एक उसका एक टूटा घर मिला। आसपास के लोगों से जब पूछताछ की गई तो लोगों ने उसके द्वारा किसी भी तरह से कारोबार करने से इन्कार किया। ग्रामीणों व ग्राम प्रधान ने भी बताया कि मस्तराज के साथ किसी ने गलत किया है। स्क्रैप कारोबारी ने कागज में जिन गाड़ियों से माल जिस रास्ते से आना-जाना दिखाया है, वह गाड़ियां उस रास्ते से गुजरी ही नहीं हैं। जांच टीम में असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत द्विवेदी, जीतेंद्र रमन तथा अशोक कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।
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एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो संजय कुमार व ज्वाइंट कमिश्नर उदित नारायण सिंह के निर्देश पर उप आयुक्त सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम ने रेकी से मिली जानकारी के अनुसार फर्म पर सुबह 11 बजे छापा मारा। दोपहर तीन बजे तक चली कार्रवाई के दौरान पता चला कि स्क्रैप कारोबारी सुनील सेठ गांव के ही एक व्यक्ति मस्तराज के नाम से फर्म पंजीकृत कराकर कर चोरी के साथ ही इनपुट क्रेडिट टैक्स का लाभ लेता है। बदले में उसे प्रतिदिन दो सौ रुपये देता है।
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टूटे घर में मिला फर्म का मालिक
टीम जब गांव में मस्तराज के घर पहुंची तो मौके पर एक उसका एक टूटा घर मिला। आसपास के लोगों से जब पूछताछ की गई तो लोगों ने उसके द्वारा किसी भी तरह से कारोबार करने से इन्कार किया। ग्रामीणों व ग्राम प्रधान ने भी बताया कि मस्तराज के साथ किसी ने गलत किया है। स्क्रैप कारोबारी ने कागज में जिन गाड़ियों से माल जिस रास्ते से आना-जाना दिखाया है, वह गाड़ियां उस रास्ते से गुजरी ही नहीं हैं। जांच टीम में असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत द्विवेदी, जीतेंद्र रमन तथा अशोक कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।
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