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किसानों को डेढ़ गुना मूल्य देने जा रही सरकार : मौर्या
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 11 Feb 2018 12:01 AM IST
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सभा में बोलते कैबिनेट मंत्री।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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कसया।गन्ना विभाग की तरफ से कुशीनगर के लीलावती देवी स्टेडियम में शनिवार को गन्ना विकास गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान पहुंचे किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने गन्ना की प्रगतिशील खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों में गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली होती थी। किसान बिचौलियों और दलालों के हाथ गन्ना बेचने को मजबूर होता था, लेकिन अब ऐसा स्थित नहीं है। मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को फसलों की लागत का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य देने जा रही है। धान, गेंहू, आलू व गन्ना उत्पादित करने वाले किसानों के साथ असहयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
विधायक कुशीनगर रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार गन्ना किसानों को 14 दिन में अंदर भुगतान करा रही है। गांव, गरीब, मजदूर व किसानों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री प्रयास कर रहे हैं।
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जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में तकनीकि दिक्कत बताने वाले चीनी मिलों के प्रबंधक आदत में सुधार लाएं। किसानों के बैंक खातों में जल्दी बकाया भुगतान भेजने का प्रबंध करें।
इसके पूर्व उप गन्ना आयुक्त देवरिया राजीव राय ने गन्ना विभाग का संक्षिप्त परिचय दिया। उप कृषि निदेशक अरुण कुमार ने कृषि विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। मृदा उर्वरता में जैविक खाद की महत्ता पर मृदा वैज्ञानिक अनिल कुमार मिश्र ने प्रकाश डाला। गन्ने की खेती के लिए उन्नतशील प्रजातियां एवं विधियों की जानकारी वैज्ञानिक जीएन राव ने दिया। गन्ने की सहफसली खेती के बारे में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सरगटिया के प्रधान वैज्ञानिक अखिलेश दुबे ने बताया। इसके अलावा गन्ने के रोग, नियंत्रण, गन्ना की खेती में पेड़ी प्रबंधन का महत्व आदि विषयों पर कीट वैज्ञानिक डाक्टर विनय कुमार मिश्र व प्रसार वैज्ञानिक बच्चा राव ने किसानों को जानकारी दी।
गोष्ठी में चीनी मिल ढाढ़ा, सेवरही व रामकोला की तरफ से किसानों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। गोष्ठी स्थल के बगल में डेमो व कीटनाशक दवाइयों, ट्रैक्टर, पंपिंग मशीन सहित कृषि साहित्य के स्टॉल लगाए गए थे।
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गोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों में गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली होती थी। किसान बिचौलियों और दलालों के हाथ गन्ना बेचने को मजबूर होता था, लेकिन अब ऐसा स्थित नहीं है। मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को फसलों की लागत का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य देने जा रही है। धान, गेंहू, आलू व गन्ना उत्पादित करने वाले किसानों के साथ असहयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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विधायक कुशीनगर रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार गन्ना किसानों को 14 दिन में अंदर भुगतान करा रही है। गांव, गरीब, मजदूर व किसानों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री प्रयास कर रहे हैं।
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जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में तकनीकि दिक्कत बताने वाले चीनी मिलों के प्रबंधक आदत में सुधार लाएं। किसानों के बैंक खातों में जल्दी बकाया भुगतान भेजने का प्रबंध करें।
इसके पूर्व उप गन्ना आयुक्त देवरिया राजीव राय ने गन्ना विभाग का संक्षिप्त परिचय दिया। उप कृषि निदेशक अरुण कुमार ने कृषि विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। मृदा उर्वरता में जैविक खाद की महत्ता पर मृदा वैज्ञानिक अनिल कुमार मिश्र ने प्रकाश डाला। गन्ने की खेती के लिए उन्नतशील प्रजातियां एवं विधियों की जानकारी वैज्ञानिक जीएन राव ने दिया। गन्ने की सहफसली खेती के बारे में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सरगटिया के प्रधान वैज्ञानिक अखिलेश दुबे ने बताया। इसके अलावा गन्ने के रोग, नियंत्रण, गन्ना की खेती में पेड़ी प्रबंधन का महत्व आदि विषयों पर कीट वैज्ञानिक डाक्टर विनय कुमार मिश्र व प्रसार वैज्ञानिक बच्चा राव ने किसानों को जानकारी दी।
गोष्ठी में चीनी मिल ढाढ़ा, सेवरही व रामकोला की तरफ से किसानों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। गोष्ठी स्थल के बगल में डेमो व कीटनाशक दवाइयों, ट्रैक्टर, पंपिंग मशीन सहित कृषि साहित्य के स्टॉल लगाए गए थे।