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Kushinagar News: एमआरआई के लिए गोरखपुर की दौड़, मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं नदारद

Fri, 02 Oct 2026 12:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:56 AM IST
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Gorakhpur races for MRI, medical college lacks facilities
पडरौना। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में इलाज की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, लेकिन गंभीर बीमारियों की जांच के लिए जरूरी एमआरआई की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर एमआरआई कराने वाले मरीजों को गोरखपुर भेजा जाता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को अतिरिक्त खर्च के साथ लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
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मेडिकल कॉलेज में ब्रेन ट्यूमर, सिर में गंभीर चोट, रीढ़ की हड्डी की समस्या, बोन टीबी और हड्डियों सहित शरीर के अंदरूनी हिस्सों से जुड़ी जटिल बीमारियों में एमआरआई की जरूरत पड़ती है। सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को जांच के लिए गोरखपुर जाना पड़ता है। गंभीर मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।
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डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मस्तिष्क, रीढ़ और हड्डियों से जुड़ी कई जटिल बीमारियों की स्थिति स्पष्ट करने और इलाज की दिशा तय करने में एमआरआई महत्वपूर्ण होती है। मेडिकल कॉलेज में जांच की जरूरत पड़ने पर मरीज को गोरखपुर रेफर किया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी गोंड ने बताया कि अभी एमआरआई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसे शुरू कराने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही यह सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है।



पांच से आठ हजार तक खर्च

हड्डी रोग विभाग में इलाज कराने आए कांताराय मठिया निवासी अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि कई माह से कमर में दर्द है। एक्स-रे में समस्या स्पष्ट नहीं हुई और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला। डॉक्टर ने एमआरआई कराने की सलाह दी है। उनका कहना है कि निजी केंद्र पर जांच कराने में करीब पांच से आठ हजार रुपये खर्च होंगे। डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी है। दुर्गावती देवी ने बताया कि करीब एक वर्ष से घुटने और कमर में दर्द है। दवा लेने के बाद भी राहत नहीं मिली। डॉक्टर ने एमआरआई कराने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज मिलने के बावजूद जांच के लिए दूसरे शहर जाना पड़ रहा है।
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