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Kushinagar News: पंचायत भवनों पर भी बनेगा गोल्डन कार्ड, ऐप से मिलेगी जानकारी
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- पात्र गृहस्थी राशनकार्ड के लाभार्थियों का भी बन सकेगा आयुष्मान कार्ड
- पांच लाख रुपये तक की सालाना मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलती है इस कार्ड के लाभार्थियों को
कुशीनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) अब आसानी से पंचायत भवनों पर ही बनेगा। प्रशासन ने इसके लिए एक एप भी बनाया है। जिसे मोबाइल में डाउनलोड कर उससे भी आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के बारे में पूरी जानकारी भी इसी एप पर मिल सकेगी।
कुशीनगर जनपद में 14,35,537 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। यह योजना जिले में वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। उसी समय से ही गोल्डन कार्ड भी बनना शुरू हुआ था। लेकिन करीब पांच वर्षों में 6,23,080 लोगों का गोल्डन कार्ड ही बन पाया है।
गोल्डन कार्ड बनाने में कुशीनगर पूरे प्रदेश में 65वें स्थान पर
गोल्डन कार्ड बनाने की गति इतनी धीमी है कि कुशीनगर प्रदेश में 65वें स्थान पर है। इसमें तेजी लाने के लिए गोल्डन कार्ड पर लगने वाला शुल्क माफ कर दिया गया। जनसेवा केंद्रों को निर्देश दिए गए थे कि गोल्डन कार्ड नि:शुल्क बनाएं तथा उसकी लिस्ट विभाग को भेजें। भुगतान विभाग की ओर से होगा। इसके अलावा सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में आयुष्मान मित्रों की तैनाती कर वहां गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं। इसके बावजूद तेजी नहीं आई है। इसे देखते हुए विभाग ने अब पंचायत भवनों पर भी पंचायत सहायकों के जरिए गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था की है। ताकि गोल्डन कार्ड अपने गांव में ही बनवाकर लाभार्थी इस योजना का लाभ ले सकें।
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पात्र गृहस्थी वाले लाभार्थी भी होंगे लाभांवित
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जरुरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को इस योजना से लाभांवित करने के लिए पात्र गृहस्थी वाले राशनकार्डधारकों को भी शामिल किया गया है। वे भी चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे। विभाग की शर्त यह है कि परिवार के मुखिया दंपति की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो तथा उनके परिवार के सदस्यों की संख्या छह या इससे अधिक हो। अंत्योदय कार्डधारकों का आयुष्मान कार्ड पहले ही बनना शुरू हो गया था।
ऐप से भी बनेगा कार्ड, मिलेगी सारी जानकारी
विभागीय अधिकारी के मुताबिक इस योजना की सुविधा हर हाथ तक पहुंचाने के लिए आयुष्मान एप लांच किया गया है। इसे किसी भी एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। उसके बाद पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर बनाया जा सकता है। इसके क्यूआर कोड को स्कैन करके भी एप डाउनलोड किया जा सकता है। क्यूआर कोड स्कैन कर कार्ड बनाने की विधि को भी देखा जा सकता है।
योजना की स्थिति
योजना की शुरुआत- 27 सितंबर, 2018
योजना के लाभार्थियों की संख्या- 14,35,537
गोल्डन कार्ड के लाभांवित लोग- 6,23,080
लक्षित परिवार- 3,35,036
लाभांवित परिवार- 2,54,869
प्रदेश में जिले का रैंक- 65
प्रदेश में परिवारवार जनपद का लक्ष्य- 26
लाभार्थी व उनके परिवार को साल में पांच लाख रुपये की चिकित्सा सुविधा मिलती है। सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए पंचायत भवनों पर भी गोल्डन कार्ड बनाने का शासन ने निर्णय लिया है। इसके अलावा पात्र गृहस्थी के लाभार्थी भी इस योजना में शामिल किए गए हैं। आयुष्मान एप लांच हुआ है, जो आयुष्मान कार्ड बनाने में काफी मददगार है। अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिले, इसका प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ
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- पांच लाख रुपये तक की सालाना मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलती है इस कार्ड के लाभार्थियों को
कुशीनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) अब आसानी से पंचायत भवनों पर ही बनेगा। प्रशासन ने इसके लिए एक एप भी बनाया है। जिसे मोबाइल में डाउनलोड कर उससे भी आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के बारे में पूरी जानकारी भी इसी एप पर मिल सकेगी।
कुशीनगर जनपद में 14,35,537 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। यह योजना जिले में वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। उसी समय से ही गोल्डन कार्ड भी बनना शुरू हुआ था। लेकिन करीब पांच वर्षों में 6,23,080 लोगों का गोल्डन कार्ड ही बन पाया है।
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गोल्डन कार्ड बनाने में कुशीनगर पूरे प्रदेश में 65वें स्थान पर
गोल्डन कार्ड बनाने की गति इतनी धीमी है कि कुशीनगर प्रदेश में 65वें स्थान पर है। इसमें तेजी लाने के लिए गोल्डन कार्ड पर लगने वाला शुल्क माफ कर दिया गया। जनसेवा केंद्रों को निर्देश दिए गए थे कि गोल्डन कार्ड नि:शुल्क बनाएं तथा उसकी लिस्ट विभाग को भेजें। भुगतान विभाग की ओर से होगा। इसके अलावा सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में आयुष्मान मित्रों की तैनाती कर वहां गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं। इसके बावजूद तेजी नहीं आई है। इसे देखते हुए विभाग ने अब पंचायत भवनों पर भी पंचायत सहायकों के जरिए गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था की है। ताकि गोल्डन कार्ड अपने गांव में ही बनवाकर लाभार्थी इस योजना का लाभ ले सकें।
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पात्र गृहस्थी वाले लाभार्थी भी होंगे लाभांवित
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जरुरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को इस योजना से लाभांवित करने के लिए पात्र गृहस्थी वाले राशनकार्डधारकों को भी शामिल किया गया है। वे भी चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे। विभाग की शर्त यह है कि परिवार के मुखिया दंपति की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो तथा उनके परिवार के सदस्यों की संख्या छह या इससे अधिक हो। अंत्योदय कार्डधारकों का आयुष्मान कार्ड पहले ही बनना शुरू हो गया था।
ऐप से भी बनेगा कार्ड, मिलेगी सारी जानकारी
विभागीय अधिकारी के मुताबिक इस योजना की सुविधा हर हाथ तक पहुंचाने के लिए आयुष्मान एप लांच किया गया है। इसे किसी भी एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। उसके बाद पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर बनाया जा सकता है। इसके क्यूआर कोड को स्कैन करके भी एप डाउनलोड किया जा सकता है। क्यूआर कोड स्कैन कर कार्ड बनाने की विधि को भी देखा जा सकता है।
योजना की स्थिति
योजना की शुरुआत- 27 सितंबर, 2018
योजना के लाभार्थियों की संख्या- 14,35,537
गोल्डन कार्ड के लाभांवित लोग- 6,23,080
लक्षित परिवार- 3,35,036
लाभांवित परिवार- 2,54,869
प्रदेश में जिले का रैंक- 65
प्रदेश में परिवारवार जनपद का लक्ष्य- 26
लाभार्थी व उनके परिवार को साल में पांच लाख रुपये की चिकित्सा सुविधा मिलती है। सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए पंचायत भवनों पर भी गोल्डन कार्ड बनाने का शासन ने निर्णय लिया है। इसके अलावा पात्र गृहस्थी के लाभार्थी भी इस योजना में शामिल किए गए हैं। आयुष्मान एप लांच हुआ है, जो आयुष्मान कार्ड बनाने में काफी मददगार है। अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिले, इसका प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ