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खैरफुटा टोला के कई घर बड़ी गंडक के निशाने पर
kushinagar
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:33 AM IST
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- फोटो : amarujala
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बड़ी गंडक नदी अपना रूख अहिरौलीदान गांव के खैरफुटा टोला की तरफ कर ली है। रविवार को जहां खैरफुटा टोला के एक व्यक्ति की रिहायशी झोपड़ी कटान की भेंट चढ़ गई तो वहीं सोमवार को कई घरों पर कटान का खतरा मंडराने लगा। गांव वालों का कहना है कि बड़ी गंडक कम पानी होने के बावजूद कटान करती हुई टोले तक पहुंच गई है, लेकिन प्रशासन इससे बचाव का कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। यदि यही स्थिति रही तो टोले के लोगों को पलायन करने के लिए विवश होना पड़ सकता है। सेवरही ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित अहिरौलीदान गांव में गंडक नदी ने एक बार फिर क्षति पहुंचाना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों बड़ी गंडक की कटान से गांव का संपर्क मार्ग और पुलिया ध्वस्त हो गई थी। यही नहीं कटान करती हुई नदी जिस हिसाब से खैरफुटा और मदुरही टोला के पास पहुंच गई है, उससे इन पुरवों के कटने का खतरा बढ़ गया है। इसके पहले सितंबर में यह नदी कंचन टोला व चित्तू टोला का अस्तित्व समाप्त कर चुकी है। नदी की कटान से कई एकड़ गन्ना की फसल बर्बाद हो चुकी है। रविवार की शाम बड़ी गंडक का कटान इतना तेज हो गया था कि खैरफुटा टोला के विनोद चौहान की रिहायशी झोपड़ी कटान की भेंट चढ़ गई। गनीमत थी कि उसके पहले परिवार के लोगों ने झोपड़ी से अपना जरुरी सामान निकाल लिया था। इसी तरह अब यह नदी कटान करती हुई पुरवे में रहने वाले बाबूलाल चौहान के घर के सामने पहुंच गई है। इसी के साथ जगदीश चौहान, मैनेजर चौहान, नान्हू चौहान के घर पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है और ये लोग अपना सामान समेटने में जुट गए हैं। गांव के जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल का कहना है कि नदी के कटान करने और उससे हो रहे नुकसान के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया है, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस गांव के प्रधान हीरालाल यादव, पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, जेके सिंह, अरविंद सिंह, रामपूजन, रामविलास शर्मा, भगवान, गाम्हा, धुरंधर, महेश, अदालत आदि ने भी इस संबंध में प्रशासन से तत्परता दिखाने की मांग की है।
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बड़ी गंडक नदी अपना रूख अहिरौलीदान गांव के खैरफुटा टोला की तरफ कर ली है। रविवार को जहां खैरफुटा टोला के एक व्यक्ति की रिहायशी झोपड़ी कटान की भेंट चढ़ गई तो वहीं सोमवार को कई घरों पर कटान का खतरा मंडराने लगा। गांव वालों का कहना है कि बड़ी गंडक कम पानी होने के बावजूद कटान करती हुई टोले तक पहुंच गई है, लेकिन प्रशासन इससे बचाव का कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। यदि यही स्थिति रही तो टोले के लोगों को पलायन करने के लिए विवश होना पड़ सकता है। सेवरही ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित अहिरौलीदान गांव में गंडक नदी ने एक बार फिर क्षति पहुंचाना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों बड़ी गंडक की कटान से गांव का संपर्क मार्ग और पुलिया ध्वस्त हो गई थी। यही नहीं कटान करती हुई नदी जिस हिसाब से खैरफुटा और मदुरही टोला के पास पहुंच गई है, उससे इन पुरवों के कटने का खतरा बढ़ गया है। इसके पहले सितंबर में यह नदी कंचन टोला व चित्तू टोला का अस्तित्व समाप्त कर चुकी है। नदी की कटान से कई एकड़ गन्ना की फसल बर्बाद हो चुकी है। रविवार की शाम बड़ी गंडक का कटान इतना तेज हो गया था कि खैरफुटा टोला के विनोद चौहान की रिहायशी झोपड़ी कटान की भेंट चढ़ गई। गनीमत थी कि उसके पहले परिवार के लोगों ने झोपड़ी से अपना जरुरी सामान निकाल लिया था। इसी तरह अब यह नदी कटान करती हुई पुरवे में रहने वाले बाबूलाल चौहान के घर के सामने पहुंच गई है। इसी के साथ जगदीश चौहान, मैनेजर चौहान, नान्हू चौहान के घर पर भी कटान का खतरा बढ़ गया है और ये लोग अपना सामान समेटने में जुट गए हैं। गांव के जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल का कहना है कि नदी के कटान करने और उससे हो रहे नुकसान के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया है, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस गांव के प्रधान हीरालाल यादव, पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, जेके सिंह, अरविंद सिंह, रामपूजन, रामविलास शर्मा, भगवान, गाम्हा, धुरंधर, महेश, अदालत आदि ने भी इस संबंध में प्रशासन से तत्परता दिखाने की मांग की है।