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गंडक नदी में पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीण चिंतित
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जलस्तर बढ़ा, नरवाजोत और एपी बांध पर दबाव
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी में पानी के बहाव में बुधवार शाम से लगातार हो रही बढ़ोतरी से नरवाजोत और एपी बांध पर फिर से दबाव बढ़ने लगा है जिससे इन पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गंडक नदी में पानी का बहाव दो दिन पहले एक लाख से सवा लाख क्यूसेक के बीच आ गया था, जो बुधवार की रात से अचानक बढ़ने लगा और बृहस्पतिवार को सुबह तक 230000 क्यूसेक पर पहुंच गया। पानी में बहाव में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से बृहस्पतिवार से एक बार फिर नरवाजोत और एपी बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। स्थिति यह है नरवाजोत गांव के सामने नदी धीरे-धीरे उपजाऊ भूमि को काटती हुई बांध की ओर बढ़ने लगी है, जबकि बिनटोली के सामने किलोमीटर 1.480 पर बने ठोकर और नोनियापट्टी में किलोमीटर 12.860 पर बने ठोकर पर नदी का दबाव बना हुआ है। चैनपट्टी में किलोमीटर 2.400 से किलोमीटर 2.500 के बीच और जवही दयाल, जवही मलही, घघवा जगदीश, बिनटोली, रकबा जंगलीपट्टी, दहारी टोला गांव के सामने सहित अन्य कई संवेदनशील स्थानों पर नदी बांध से सटकर बह रही है, जो कभी भी बांध की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती है।
बांध के किनारे बसे बृजकिशोर साहनी, ओमप्रकाश निषाद, संजय सिंह, पप्पू यादव, दीनानाथ सिंह, प्रहलाद राम, प्रदीप सिंह, धुरंधर साह, रघुनाथ, मोहनजीत सिंह ने बताया कि अभी भी बांध के अधिकांश हिस्से में बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य नहीं कराया गया है। इससे उन गांवों के लोगों में बेचैनी बनी हुई है। इन लोगों ने सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का इंतजाम कराए जाने की मांग की है। बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि सभी संवेदनशील स्थानों पर चौकसी की जा रही है।
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तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी में पानी के बहाव में बुधवार शाम से लगातार हो रही बढ़ोतरी से नरवाजोत और एपी बांध पर फिर से दबाव बढ़ने लगा है जिससे इन पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गंडक नदी में पानी का बहाव दो दिन पहले एक लाख से सवा लाख क्यूसेक के बीच आ गया था, जो बुधवार की रात से अचानक बढ़ने लगा और बृहस्पतिवार को सुबह तक 230000 क्यूसेक पर पहुंच गया। पानी में बहाव में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से बृहस्पतिवार से एक बार फिर नरवाजोत और एपी बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। स्थिति यह है नरवाजोत गांव के सामने नदी धीरे-धीरे उपजाऊ भूमि को काटती हुई बांध की ओर बढ़ने लगी है, जबकि बिनटोली के सामने किलोमीटर 1.480 पर बने ठोकर और नोनियापट्टी में किलोमीटर 12.860 पर बने ठोकर पर नदी का दबाव बना हुआ है। चैनपट्टी में किलोमीटर 2.400 से किलोमीटर 2.500 के बीच और जवही दयाल, जवही मलही, घघवा जगदीश, बिनटोली, रकबा जंगलीपट्टी, दहारी टोला गांव के सामने सहित अन्य कई संवेदनशील स्थानों पर नदी बांध से सटकर बह रही है, जो कभी भी बांध की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती है।
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बांध के किनारे बसे बृजकिशोर साहनी, ओमप्रकाश निषाद, संजय सिंह, पप्पू यादव, दीनानाथ सिंह, प्रहलाद राम, प्रदीप सिंह, धुरंधर साह, रघुनाथ, मोहनजीत सिंह ने बताया कि अभी भी बांध के अधिकांश हिस्से में बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य नहीं कराया गया है। इससे उन गांवों के लोगों में बेचैनी बनी हुई है। इन लोगों ने सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का इंतजाम कराए जाने की मांग की है। बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि सभी संवेदनशील स्थानों पर चौकसी की जा रही है।
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