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Kushinagar News: चेतावनी बिंदु से 33 सेमी ऊपर पहुंची गंडक, ग्रामीणों में दहशत
Thu, 14 Aug 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:53 AM IST
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तमकुहीरोड/खड्डा। गंडक नदी का डिस्चार्ज मंगलवार को भी 1.30 लाख क्यूसेक के आसपास बने रहने से जवहीदयाल सहित कई स्थानों पर नदी ठोकर व बांध से सट कर बह रही है। हालाकि नदी चेतावनी बिंदु से 33 सेमी ऊपर बह रही है। नरवाजोत को छोड़कर शेष सभी जगह परियोजना का कार्य लगभग पूरा कराया जा चुका है।
गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव को लेकर जहां बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बांध की निगरानी तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन डिस्चार्ज बढ़ने पर स्थिति बिगड़ सकती है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े सत्रह किलो मीटर की लम्बाई गंडक नदी बहती है, जो बांध के किनारे घनी आबादी वाले गांवो से गुजरती है। पिछले कई सालों से नदी मे भारी मात्रा में पानी छोड़े के कारण नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। यही कारण है कि जब भी नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है।
नरवाजोत, पिपराघाट,चैनपट्टी, जवही दयाल व विरवट कोन्हवलिया में नदी ठोकरों व बांध से सट कर बह रही है। जो डिस्चार्ज बढ़ने पर कभी भी बांध की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए जहां बाढ़ खंड अभियंता रमेशधर दुबे व सुनील कुमार यादव सहित सभी अभियंता लगातार तटबंधो पर निगरानी बनाये हुए है और नरवाजोत मे शेष कार्य को पुरा कराने में लगे हुए हैं। जबकि क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, राजेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद, बृजकिशोर साहनी आदि ने कहा कि इस साल नदी अभी अपने पुराने रौद्र रूप में अभी तक नहीं आई है।
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गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव को लेकर जहां बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बांध की निगरानी तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन डिस्चार्ज बढ़ने पर स्थिति बिगड़ सकती है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े सत्रह किलो मीटर की लम्बाई गंडक नदी बहती है, जो बांध के किनारे घनी आबादी वाले गांवो से गुजरती है। पिछले कई सालों से नदी मे भारी मात्रा में पानी छोड़े के कारण नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। यही कारण है कि जब भी नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है।
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नरवाजोत, पिपराघाट,चैनपट्टी, जवही दयाल व विरवट कोन्हवलिया में नदी ठोकरों व बांध से सट कर बह रही है। जो डिस्चार्ज बढ़ने पर कभी भी बांध की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए जहां बाढ़ खंड अभियंता रमेशधर दुबे व सुनील कुमार यादव सहित सभी अभियंता लगातार तटबंधो पर निगरानी बनाये हुए है और नरवाजोत मे शेष कार्य को पुरा कराने में लगे हुए हैं। जबकि क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, राजेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद, बृजकिशोर साहनी आदि ने कहा कि इस साल नदी अभी अपने पुराने रौद्र रूप में अभी तक नहीं आई है।
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