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Kushinagar News: पहाड़ी बारिश से गंडक नदी ने फिर दिखाए तेवर

Fri, 12 Jul 2024 04:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 12 Jul 2024 04:50 AM IST
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Gandak river again showed its anger due to mountain rain
पडरौना। पहाड़ी बारिश से गंडक नदी ने फिर तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को नदी का डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 90 हजार क्यूसेक पर जा पहुंचा। इससे नदी फिर एक बार उफान पर आ गई। भैंसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु से 50 सेमी ऊपर बहने लगी। यह देख रेताक्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराता देख लोग जरुरी कार्यों को निपटाने में जुट गए हैं। वहीं, गांवों से पानी उतरने के बाद कीचड़ के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। कीचड़ और दुर्गंध के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से कोई ठोस इंतजाम नहीं किया जा सका है।
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सप्ताहभर पहले वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से साढ़े चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी बड़ी गंडक नदी में डिस्चार्ज कर दिया गया था। इससे गंडक उफना गई और आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। लोगों को प्रशासनिक अफसरों ने ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी थी। इसके बाद लोग अपने आशियाने को छोड़ बांध व अन्य ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित ठिकानों की ओर निकल गए। दो दिन पहले जलस्तर में कमी होने के बाद निचले इलाकों से पानी निकल गया। इसके बाद लोग अपने घरों की तरफ लौटने लगे। बाढ़ के साथ आई सिल्ट और कीचड़ से रेता क्षेत्र के गांव भरे पड़े हैं। दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है। इन दुश्वारियों को झेलते हुए किसी तरह लोगों की दिनचर्या पर पटरी पर लौट रही है। ऐसे में सप्ताहभर बाद फिर जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में दो दिनों से फिर भारी बारिश हो रही है। इससे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को 1 लाख 90 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज किया गया। इससे दूसरी बार गंडक उफान पर है। भैंसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु से 50 सेमी ऊपर बह रही है। छितौनी बांध के संवेदनशील प्वाइंट पर नदी का दबाव ब़ढ गया है। स्पर-सी को नदी ने निशाने पर ले लिया है। इससे तटबंध के आसपास बसे गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। एक सप्ताह में दूसरी बार नदी के उफनाने से रेता क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी अब महदेवा गांव की आबादी के करीब से बह रही है। इसके चलते इस गांव के लोग रातभर जागकर गुजार रहे हैं। हालांकि, बाढ़ खंड विभाग की ओर से तटबंध पर नजर रखी जा रही है।
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नदी कटान की भेंट चढ़ी फसले, किसान चिंतित
तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण नदी जवही दयाल में खेती योग्य भूमि को निशाना बनाते हुए तेज कटान कर रही है। अब तक कई एकड़ भूमि में बुवाई की गई धान व गन्ने की फसल कटान की भेंट चढ़ चुकी हैं। इससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर कटान का यही सिलसिला जारी रहा तो एपी तटबंध के साथ गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।
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वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से बड़ी गंडक नदी में किए जा रहे अत्यधिक डिस्चार्ज से नरवाजोत, जंगलीपट्टी, बिनटोली, जवही दयाल, बांकखास, कचहरी टोला समेत अन्य गांवों के सामने बने ठोकरों से टकरा कर नदी बह रही है। इससे इन ठोकरों पर नदी का दबाव लगातार बना हुआ है। बांध की सुरक्षा को कभी भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसे लेकर बाढ़ खंड के अभियंता लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण जवही दयाल में खेती योग्य भूमि कटान की भेंट चढ़ रही है। यहां किमी 3.500 पर नए ठोकर के निर्माण के बाद नदी का दबाव इस क्षेत्र में अप्रत्याशित रूप से और बढ़ गया है। अब तक कई एकड़ में बुवाई की गई धान व गन्ने की फसल नदी कटान की भेंट चढ़ चुकी है। यही नहीं, पिछले रविवार को जिस मुसहर टोला में कटान तेज हो जाने के बाद वहां से 28 परिवारों को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया गया था, वहां भी नदी बांध से सटकर बह रही है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। गांव के राजेश मंडल, अर्जुन मंडल, भरत, राधेश्याम, गोरख, गुरुवचन, दुखन, पारस आदि कहना है कि इस क्षेत्र में बांध से नदी दूर होने के कारण बाढ़-बचाव का कोई कार्य नहीं कराया गया है। बावजूद इसके नदी यहां खेती योग्य भूमि को निशाना बनाते हुए बांध की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में यदि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है और बांध तथा गांव की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है।

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एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

तमकुहीरोड। तमकुहीराज के एसडीएम विकास चंद्र ने बृहस्पतिवार की शाम गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर नरवाजोत, नरवा टोला समेत अन्य कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बाढ़ के खतरे से सतर्कता व सावधानी बरतने का निर्देश दिया। इसके बाद सेवरही ब्लॉक के ग्रामसभा राजपुर खास में आयोजित चौपाल में लोगों की समस्याएं सुनीं और उसके समाधान के निर्देश दिए। साथ ही गोला घाट में पीपा का पुल खुल जाने से लोगों व छात्रों को आ रही दिक्कतों को लेकर तत्काल वहां सरकारी नाव लगाने का भी निर्देश दिया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, लेखपाल शैलेंद्र पांडेय, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि केदार यादव, पूर्व प्रधान कमल निषाद, ध्रुव निषाद, विनोद कुमार, राजकिशोर निरंकारी, शमसुद्दीन, दिलीप सोनी, इरफान अंसारी, लालबाबू यादव आदि मौजूद रहे।
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