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कुशीनगर का हाल: लाल निशान के करीब पहुंची गंडक, नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से बढ़ी बेचैनी

Wed, 03 Aug 2022 09:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 03 Aug 2022 09:28 AM IST
सार

 प्रभावित गांवों में पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिवपुर गांव की पुलिस चौकी तक पानी पहुंच गया। घरों में तख्ता व मचान बनाकर लोग शरण लिए हैं। मरचहवा से बसंतपुर मार्ग पर पानी भर जाने से नाव चलानी पड़ रही है।

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Gandak reached near red mark in kushinagar flood
बसंतपुर गांव के सड़क व घरों में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : KUSHINAGAR

विस्तार

गंडक नदी में डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही बाढ़ का खतरा भी बढ़ने लगा है। सोमवार देर रात नदी में 2,76,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यह चेतावनी बिंदु से 94 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। उस समय यह लाल निशान (खतरे के निशान) से सिर्फ छह सेंटीमीटर नीचे रह गई थी। इसके चलते गंडक से सटे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया।

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मंगलवार को सुबह डिस्चार्ज में कमी आयी, लेकिन दोपहर 12 बजे यह फिर बढ़कर 2,86,000 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते क्षेत्र के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। मंगलवार को डीएम और एसपी ने पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और मातहतों को बचाव कार्य के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज सोमवार को 2,76,800 क्यूसेक था। उस समय नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर को पार कर 95.94 मीटर तक पहुंच गई थी। तब नदी खतरे के निशान 96 मीटर से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे थी। मंगलवार को सुबह आठ बजे जलस्तर 95.83 मीटर था, जो दोपहर 12 बजे तक यथावत बना था। सुबह नौ बजे डिस्चार्ज 2,70,400 क्यूसेक, 10 बजे 2,70,400 क्यूसेक, 11 बजे 2,80,000 क्यूसेक और दोपहर 12 बजे 2,86,000 क्यूसेक पानी वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में छोड़ा गया। डिस्चार्ज बढ़ने से जलस्तर में बढ़ोतरी होने के साथ ही नदी के लाल निशान छू लेने की आशंका जताई जा रही है।
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गांव में बाढ़ का पानी घुसने से बढ़ी परेशानी
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिवपुर गांव की पुलिस चौकी तक पानी पहुंच गया। घरों में तख्ता व मचान बनाकर लोग शरण लिए हैं। मरचहवा से बसंतपुर मार्ग पर पानी भर जाने से नाव चलानी पड़ रही है। बाढ़ प्रभावित महदेवा व सालिकपुर गांव में दोपहर बाद तक पानी नहीं घुसने से यहां के लोग राहत में हैं। नायब तहसीलदार रवि यादव राजस्व टीम के साथ जलमग्न गांव में मौजूद रहे।

सोमवार की शाम बाढ़ का पानी हरिहरपुर, शिवपुर, बसंतपुर और मरचहवा गांव में पहुंच गया। देर रात पानी से गांव घिर गया। ग्रामीणों के मुताबिक इन गांव के अधिकांश घरों तक व आसपास पानी पहुंच गया है। मंगलवार दोपहर तक जिस जगह सूखी जमीन थी, वहां अब पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
खड्डा थाने की शिवपुर पुलिस चौकी सहित पूरा गांव व इसके टोले पानी से भर गए हैं। पशुओं के लिए चारे की दिक्कत हो गई है। घरों में रखा भूसा भीग गया है। खेतों में पानी भरने से चारा लाना संभव नहीं है।

शिवपुर के प्रधान प्रतिनिधि राजू व हरिहर के प्रधान प्रतिनिधि हीरामन, नरायनपुर के प्रधान नरसिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोग किसी तरह घरों में तख्त रखकर व मचान बनाकर या ट्राली पर शरण लिए हैं। सड़कों पर पानी भरा है। भोजन बनाने में दिक्कत हो रही है। मरचहवा के प्रधान इजहार ने बताया है कि बसंतपुर से मरचहवा दक्षिण टोला जाने वाली सड़क व बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सड़क पर पानी भर जाने से नाव चलाई जा रही है।

दक्षिण टोला और बसंतपुर पूरी तरह तथा मरचहवा उत्तर टोला का आधा हिस्सा पानी से भर गया है। हालांकि, प्रति वर्ष बाढ़ के पानी में डूबने वाले महदेवा व सालिकपुर दो गांवों में पानी नहीं पहुंचा है। इससे वहां के लोग फिलहाल राहत में हैं। बाढ़ से जलमग्न हुए गांवों में नायब तहसीलदार रवि यादव राजस्व टीम के साथ पहुंचकर लोगों से मिल रहे हैं और उनकी समस्या के समाधान में जुटे हैं।
 

डीएम और एसपी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया
कुशीनगर डीएम व एसपी ने मंगलवार को खड्डा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव महदेवा व सालिकपुर का दौरा किया। उन्होंने गंडक नदी के किनारे पहुंचकर कटान का जायजा लिया और गांव में पानी घुसने के बाद आने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए निर्देश दिए।

बुधवार को डीएम एस. राजलिंगल और एसपी धवल जायसवाल एनएच-727 के सटे खड्डा थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित महदेवा गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से उनका हाल जाना। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। पशुओं के इलाज के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है।

उन्होंने गांव में पानी घुसने पर विस्थापित कर सालिकपुर पुलिस चौकी के पास एनएच के किनारे ठहराने के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया। दोनों अधिकारी महदेवा गांव के कटान वाले स्थान पर भी गए और बाढ़ खंड के अभियंताओं से निगरानी करते रहने का निर्देश दिया। अन्य तटबंधों की कड़ी निगरानी की बात भी कही। इस दौरान एसडीएम भावना सिंह सहित बाढ़ खंड के अभियंता एवं प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा आदि मौजूद थे।

 

चार साल से बिजली नहीं, अंधेरे में ग्रामीण
सरकार ने मिट्टी तेल का आवंटन बंद कर रखा है और चार साल से बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली नहीं है। बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीव जंतु पहुंच गए हैं। ऐसे में रात होते ही लगभग 30 हजार लोगों की जिंदगी दांव पर लग जाती है।

बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांव के अनिल, बेचन, नरेश, दुलारू, सोनमती, महेश, राजेश, अब्बास, भुअरी आदि बताते हैं कि लगभग चार साल से बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। नदी की कटान से तार-पोल बह जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। रात में लालटेन या ढिबरी जलाने के लिए मिट्टी तेल भी नहीं मिल रहा है। लोग ट्रैक्टर की बैटरी व छोटे छोटे सोलर पैनल से मोबाइल चार्ज कर रात में टार्च व मोमबत्ती के सहारे जिंदगी गुजारते हैं। रात को अंधेरे में बाढ़ के पानी में बहकर आने वाले जहरीले सांप, मगरमच्छ, कीड़े, मकोड़े आदि  खतरनाक जीव जंतुओं से खतरा बढ़ गया है।

नरवाजोत और अहिरौलीदान तटबंध पर बाढ़ का खतरा
गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज  बढ़ने से एपी बांध के किनारे बसे लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार डिस्चार्ज बढ़ने से अब नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने भी तटबंधों का जायजा लिया और कटान के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की।

अहिरौलीदान के कचहरी टोला में किलोमीटर 14.500, एपी बांध  के जवही दयाल में किलोमीटर 2.600 से किलोमीटर 3.000 के बीच, नरवाजोत में किलोमीटर 1.400 से किलोमीटर 1.700 के बीच, पिपराघाट के  दहारी टोला से तवकल टोला के बीच, घघवा जगदीश से चैनपट्टी के बीच कई ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहां पानी का दबाव व कटान का खतरा बढ़ने लगा है। इससे तटबंधों के किनारे बसे गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने नरवाजोत व एपी बांध का जायजा लिया। बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि सभी जगहों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित है।

 

बांसी नदी भी उफान पर
गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से बांसी नदी भी उफान पर आ गई है। इससे पिपराघाट के अधिकांश टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई जगह सड़कों पर बाढ़ का पानी घुटनों तक बह रहा है तो तवकल टोला स्थित परिषदीय विद्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। यह स्थिति शिव टोला, मुसहरी टोला, हनुमान टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, जोगनी, गोलाघाट, रानीगंज, इमिलिया टोला, तीनटोलियां सहित अधिकांश जगह बनी हुई है। शिव टोला जाने वाली सड़क पर घुटनों तक पानी बहने लगा है।

श्रीकांत सिंह पटेल, सरल शर्मा, आदित्य यादव, ध्रुव निषाद, पन्नालाल यादव, प्रदीप तिवारी, पुजारी सिंह, पुष्कर गिरि, दूधनाथ शर्मा, रामायन राय, संजय सिंह आदि का कहना है कि जिस तेजी से गंडक का डिस्चार्ज बढ़ रहा है और उसका पानी बांसी नदी में आ रहा है, उससे चिंता बढ़ गई है। तमकुहीराज के तहसीलदार दीपक कुमार गुप्ता का कहना है कि सभी बाढ़ प्रभावित गांवों के लेखपालों को स्थिति पर नजर रखने की हिदायत दी गई है।

 

नदी में बहकर आ रही लकड़ियां निकालने के लिए जान जोखिम में डाल रहे लोग
गंडक नदी में पानी के साथ बहकर आ रही लकड़ियों को छानकर ले जाने के लिए लोग जान जोखिम में डाल दे रहे हैं। सोमवार की देर रात छितौनी तटबंध के बीरभार ठोकर के पास लक्ष्मीपुर पड़रहवा निवासी 25 वर्षीय जवाहिर तेज धारा में बह गया। बताया जा रहा है कि वह लकड़ी छानने गया था और उसी के साथ बह गया। गनीमत रहा कि एक बड़ी लकड़ी के सहारे अपने को सुरक्षित किया और दो घंटे बाद किसी तरह सकुशल बाहर निकल पाया।

युवक का दूसरे दिन भी पता नहीं
सोमवार को गंडक नदी में लापता हुए एक अन्य युवक का दूसरे दिन भी पता नहीं चल पाया है। परिजन बेहाल हैं। उसी दिन देर शाम विधायक उसके घर पहुंचे और ढांढस बंधाया। सोमवार की शाम मदनपुर सुकरौली गांव निवासी शिशुपाल गोंड गांव के पास से गुजरने वाली गंडक नदी के किनारे ठोकर संख्या दो पर गया था। इस दरम्यान वह नदी में गिर जाने से लापता हो गया। दूसरे दिन भी उसका पता नहीं चल पाया। घरवालों का रो रोकर बुरा हाल है। देर शाम विधायक विवेकानंद पांडेय शिशुपाल के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

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