{"_id":"62eac5d4cf3efa38917d1a28","slug":"gandak-reached-below-danger-mark-kushinagar-news-gkp445947540","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान से नीचे पहुंची गंडक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस गंडक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान से नीचे पहुंची गंडक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस गंडक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
विज्ञापन
खतरे के निशान से नीचे पहुंची गंडक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
बाढ़ प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला सहित अन्य गांवों के ज्यादातर घरों से पानी निकला
खड्डा के बाढ़ प्रभावित गांवों में सामुदायिक रसोई की हुई शुरुआत
खड्डा। नेपाल से सटे वाल्मीकि नगर बैराज से मंगलवार शाम गंडक नदी में छोटे गए 3,17,600 क्यूसेक पानी से भैसहां गेज पर रात 12 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशाने के करीब पहुंच गया। हालांकि बुधवार को दिन में तीन बजे तक डिस्चार्ज घटकर 2,70,000 क्यूसेक हो गया। इससे नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बाढ़ प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला सहित अन्य गांवों के ज्यादातर घरों से पानी निकल गया, लेकिन सड़कों पर पानी भरा है। नाव से लोगों को आवागमन करना पड़ा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान 96 मीटर से सिर्फ चार सेंटीमीटर नीचे रह गया था।
उधर, बाढ़ प्रभावितों की परेशानी को देखते हुए डीएम एस. राजलिंगम के निर्देश पर सामुदायिक रसोई की शुरुआत की गई है। इससे शिवपुर, हरिहरपुर व नरायनपुर गांव के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन
नदी में पानी कम होने पर शिवपुर पुलिस चौकी सहित ऊंचे हिस्से तथा सड़कों से पानी उतर गया है, लेकिन नीचले हिस्से में बने घरों में पानी भरा है। घरों से निकला पानी कीचड़ छोड़ गया है। लोग इसे साफ करने में जुटे हैं।
...
सड़कों पर भरा है पानी
बाढ़ से प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला व बसंतपुर गांव के नीचले भाग में अब भी पानी भरा है। मरचहवा दक्षिण टोला से बसंतपुर तक जाने सड़क पर पानी बह रहा है। बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सड़क भी जलमग्न है। इन गांवों के लोगों को जरूरत के सामान व अन्य कार्यों के लिए महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा जाना पड़ रहा है। प्रधान इजहार ने बताया कि मरचहवा व बसंतपुर से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है।
...
बिहार सीमा पर बने गाइड बांध पर मंडरा रहा खतरा
तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से उत्तर प्रदेश व बिहार सीमा पर बिहार सरकार की ओर से बनवाए गए गाइड बांध की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। गाइड बांध की सुरक्षा के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने चौकसी बढ़ा दी है।
अहिरौलीदान के बाद से बिहार प्रांत की सीमा शुरू हो जाती है। इसलिए बिहार सरकार ने गंडक नदी की बाढ़ से बचाव के लिए अपने क्षेत्र के कई गांवों को बचाने के लिए वर्ष 2013-2014 में अहिरौलीदान से विशुनपुर तक 8.200 किमी लंबे गाइड बांध का निर्माण कराया था। इस बांध की सुरक्षा भी वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करती है।
गोपालगंज के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर जल संसाधन विभाग गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता श्रीनिवास प्रसाद व जेई ऋषभ कुमार की अगुवाई में एक विशेषज्ञ टीम बंधे की निगरानी में जुट गई है।
...
एपी बांध पर कटान का खतरा
तमकुहीरोड। नरवाजोत से अहिरौलीदान तक एपी बांध पर गंडक नदी का दबाव बढ़ गया है। इससे कटान का खतरा मंडराने लगा है। पिपराघाट के अधिकांश टोले बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
तवकल टोला के परिषदीय स्कूल के साथ कई जगह सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भारी नुकसान हो सकता है। नरवाजोत व एपी बांध के चैनपट्टी, मुसहर टोला, ततवा टोली, बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला में पानी का भारी दबाव बना है।
बांसी नदी के उफान के चलते पिपराघाट सहित राजपुर खास, बेनिया पिपरा, नरवा टोला, इमिलिया टोला, जोगनी, देवनारायण टोला, रानीगंज, चौकी टोला, भंगी टोला, शिव टोला, उपाध्याय, हनुमान टोला, बुटन टोला, रणजीत टोला, तीनटोलियां सहित अन्य कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
वीरभार ठोकर का एक हिस्सा नदी में बहा
खड्डा। छितौनी तटबंध पर बने वीरभार ठोकर को मजबूत रखने के लिए डाउन स्ट्रीम में हुए निर्माण कार्य का करीब 35 मीटर हिस्सा बुधवार को नदी में बह गया। इसे गंडक नदी की धारा को रोक कर बड़े इलाके को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है।
ग्रामीण ओमप्रकाश, अजय शर्मा, दिलीप कुमार, मुन्ना यादव, हरिशंकर सिंह आदि ने वीरभार ठोकर की हुई मरम्मत की जांच कराने की मांग की है।
बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी का कहना है कि नदी के दबाव से वीरभार ठोकर पर कटान हुआ है। इसके मरम्मत पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला सहित अन्य गांवों के ज्यादातर घरों से पानी निकला
खड्डा के बाढ़ प्रभावित गांवों में सामुदायिक रसोई की हुई शुरुआत
खड्डा। नेपाल से सटे वाल्मीकि नगर बैराज से मंगलवार शाम गंडक नदी में छोटे गए 3,17,600 क्यूसेक पानी से भैसहां गेज पर रात 12 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशाने के करीब पहुंच गया। हालांकि बुधवार को दिन में तीन बजे तक डिस्चार्ज घटकर 2,70,000 क्यूसेक हो गया। इससे नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बाढ़ प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला सहित अन्य गांवों के ज्यादातर घरों से पानी निकल गया, लेकिन सड़कों पर पानी भरा है। नाव से लोगों को आवागमन करना पड़ा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान 96 मीटर से सिर्फ चार सेंटीमीटर नीचे रह गया था।
विज्ञापन
उधर, बाढ़ प्रभावितों की परेशानी को देखते हुए डीएम एस. राजलिंगम के निर्देश पर सामुदायिक रसोई की शुरुआत की गई है। इससे शिवपुर, हरिहरपुर व नरायनपुर गांव के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन
नदी में पानी कम होने पर शिवपुर पुलिस चौकी सहित ऊंचे हिस्से तथा सड़कों से पानी उतर गया है, लेकिन नीचले हिस्से में बने घरों में पानी भरा है। घरों से निकला पानी कीचड़ छोड़ गया है। लोग इसे साफ करने में जुटे हैं।
...
सड़कों पर भरा है पानी
बाढ़ से प्रभावित मरचहवा दक्षिण टोला व बसंतपुर गांव के नीचले भाग में अब भी पानी भरा है। मरचहवा दक्षिण टोला से बसंतपुर तक जाने सड़क पर पानी बह रहा है। बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सड़क भी जलमग्न है। इन गांवों के लोगों को जरूरत के सामान व अन्य कार्यों के लिए महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा जाना पड़ रहा है। प्रधान इजहार ने बताया कि मरचहवा व बसंतपुर से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है।
...
बिहार सीमा पर बने गाइड बांध पर मंडरा रहा खतरा
तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से उत्तर प्रदेश व बिहार सीमा पर बिहार सरकार की ओर से बनवाए गए गाइड बांध की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। गाइड बांध की सुरक्षा के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने चौकसी बढ़ा दी है।
अहिरौलीदान के बाद से बिहार प्रांत की सीमा शुरू हो जाती है। इसलिए बिहार सरकार ने गंडक नदी की बाढ़ से बचाव के लिए अपने क्षेत्र के कई गांवों को बचाने के लिए वर्ष 2013-2014 में अहिरौलीदान से विशुनपुर तक 8.200 किमी लंबे गाइड बांध का निर्माण कराया था। इस बांध की सुरक्षा भी वाल्मीकि नगर बैराज से गंडक नदी में छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करती है।
गोपालगंज के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर जल संसाधन विभाग गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता श्रीनिवास प्रसाद व जेई ऋषभ कुमार की अगुवाई में एक विशेषज्ञ टीम बंधे की निगरानी में जुट गई है।
...
एपी बांध पर कटान का खतरा
तमकुहीरोड। नरवाजोत से अहिरौलीदान तक एपी बांध पर गंडक नदी का दबाव बढ़ गया है। इससे कटान का खतरा मंडराने लगा है। पिपराघाट के अधिकांश टोले बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
तवकल टोला के परिषदीय स्कूल के साथ कई जगह सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भारी नुकसान हो सकता है। नरवाजोत व एपी बांध के चैनपट्टी, मुसहर टोला, ततवा टोली, बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला में पानी का भारी दबाव बना है।
बांसी नदी के उफान के चलते पिपराघाट सहित राजपुर खास, बेनिया पिपरा, नरवा टोला, इमिलिया टोला, जोगनी, देवनारायण टोला, रानीगंज, चौकी टोला, भंगी टोला, शिव टोला, उपाध्याय, हनुमान टोला, बुटन टोला, रणजीत टोला, तीनटोलियां सहित अन्य कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
वीरभार ठोकर का एक हिस्सा नदी में बहा
खड्डा। छितौनी तटबंध पर बने वीरभार ठोकर को मजबूत रखने के लिए डाउन स्ट्रीम में हुए निर्माण कार्य का करीब 35 मीटर हिस्सा बुधवार को नदी में बह गया। इसे गंडक नदी की धारा को रोक कर बड़े इलाके को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है।
ग्रामीण ओमप्रकाश, अजय शर्मा, दिलीप कुमार, मुन्ना यादव, हरिशंकर सिंह आदि ने वीरभार ठोकर की हुई मरम्मत की जांच कराने की मांग की है।
बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी का कहना है कि नदी के दबाव से वीरभार ठोकर पर कटान हुआ है। इसके मरम्मत पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।