{"_id":"67856150ead5decdb1002b5a","slug":"game-in-sweets-cheese-sample-failed-in-investigation-report-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-129985-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: मिठाई-पनीर में खेल...जांच रिपोर्ट में सैंपल फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: मिठाई-पनीर में खेल...जांच रिपोर्ट में सैंपल फेल
Tue, 14 Jan 2025 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:24 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। बाजार में मिलने वाली पनीर लाेगों की सेहत के लिए सही नहीं है। इसमें शरीर के लिए हानिकारक तत्वों की मिलावट की जा रही है। बाजार में रंगीन और घटिया मिठाई और पनीर बेची जा रही है।
खाद्य विभाग की ओर से पिछले एक साल में लिए गए पनीर के दो नमूनों समेत 16 सैंपल फेल हो गए हैं। इन सभी सैंपल में मिल्क फैट की जगह शरीर के लिए असुरक्षित फॉरेन फैट (विजातीय वसा) और वेजिटेबल ऑयल पाया गया।
इन्हें अनसेफ श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में अगर आप अगर पनीर लेने जा रहे हैं तो जांच-परखकर ही खरीदारी करें। मिलावटखोरी का धंधा नया नहीं है। इसको लेकर विभाग लोगों को जागरूक भी करता है। मगर सख्त कार्रवाई न होने इनके हौसले बुलंद रहते हैं और यह मिलावटखोरी से बाज नहीं आते।
विज्ञापन
जानकारों के मुताबिक दूध में कम से कम 4.5 फीसदी फैट और 8.5 फीसदी एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) यानी प्रोटीन, लेक्टोज, मिनरल और विटामिन होनी चाहिए। मगर, जिले के बाजारों में बड़े पैमाने पर मानकों को ताक पर रखकर पनीर बेचा जा रहा है। सैंपलों में फेल हुए मिलावटी पनीर में फैट अधिक मिला है जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है। इसके अलावा मिठाई, नमकीन, रंगीन चिप्स व पापड़ में भी मिलावट पाई गई है। ऐसे में इनकी जांच-पड़ताल के बाद ही खरीदारी करें।
खाद्य पदार्थों के 16 नमूने फेल : मिलावटी मिठाई एवं सफेद पनीर का काला धंधा त्योहार आते ही जोर पकड़ने लगता है। हालांकि, बाजारों में लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सके, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रियता बरतते हुए टीम गठित जांच-पड़ताल करता है।
इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न दुकानों पर छापा मारकर खाद्य पदार्थों के 147 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इसमें 16 सैंपल फेल हो गए हैं।
हर चीज में मिलावट : पनीर के लिए प्रयोग किए जा रहे दूध में पाउडर, कास्टिक सोडा, नमक, पानी और चीनी मिलाई जा रही है। मिलावटखोर घी, हल्दी, दाल, नमकीन और रिफाइन तेल को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
इसमें भी भारी पैमाने पर मिलावट की जा रही है। प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों की मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार चल रहे वित्तीय वर्ष में पनीर के दो, मिठाई के एक, घी के एक, दूध से बने मिठाई के एक, रिफाइन तेल का एक, दाल का एक, सोन पापड़ी के तीन, नमकीन के एक और अन्य खाद्य पदार्थों के पांच नमूने फेल हुए हैं।
वित्तीय वर्ष में दस, बीते माह दो पर लगा जुर्माना : प्रयोगशाला से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष में दस और बीते माह दो दुकानों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दूध में पानी और पाउडर की मिलावट मिलने पर सात लोगों पर 3.15 लाख रुपये, पनीर में मिलावट मिलने पर पांच लोगों पर 3.65 लाख रुपये, घी में मिलावट मिलने पर 1.50 लाख रुपये, दूध से बने मिठाइयों में मिलावट मिलने पर सात दुकानदारों पर 4.50 लाख रुपये, हल्दी में मिलावट होने पर दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच लाख रुपये, सेरेलेस में भी मिलावट मिली है। मिलावटी सेरेलेस बेचने वाले चार लोगों पर पांच लाख रुपये, अन्य मिलावटी मिठाई बेचने वाले दो दुकानदारों पर 2.5 लाख रुपये, बेकरी प्रोडक्ट में मिलावट करने वाले एक दुकान पर 50 हजार रुपये और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलने पर पांच दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.75 लाख रुपये समेत कुल 29.05 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
खाद्य विभाग की ओर से पिछले एक साल में लिए गए पनीर के दो नमूनों समेत 16 सैंपल फेल हो गए हैं। इन सभी सैंपल में मिल्क फैट की जगह शरीर के लिए असुरक्षित फॉरेन फैट (विजातीय वसा) और वेजिटेबल ऑयल पाया गया।
विज्ञापन
इन्हें अनसेफ श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में अगर आप अगर पनीर लेने जा रहे हैं तो जांच-परखकर ही खरीदारी करें। मिलावटखोरी का धंधा नया नहीं है। इसको लेकर विभाग लोगों को जागरूक भी करता है। मगर सख्त कार्रवाई न होने इनके हौसले बुलंद रहते हैं और यह मिलावटखोरी से बाज नहीं आते।
विज्ञापन
जानकारों के मुताबिक दूध में कम से कम 4.5 फीसदी फैट और 8.5 फीसदी एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) यानी प्रोटीन, लेक्टोज, मिनरल और विटामिन होनी चाहिए। मगर, जिले के बाजारों में बड़े पैमाने पर मानकों को ताक पर रखकर पनीर बेचा जा रहा है। सैंपलों में फेल हुए मिलावटी पनीर में फैट अधिक मिला है जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है। इसके अलावा मिठाई, नमकीन, रंगीन चिप्स व पापड़ में भी मिलावट पाई गई है। ऐसे में इनकी जांच-पड़ताल के बाद ही खरीदारी करें।
खाद्य पदार्थों के 16 नमूने फेल : मिलावटी मिठाई एवं सफेद पनीर का काला धंधा त्योहार आते ही जोर पकड़ने लगता है। हालांकि, बाजारों में लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सके, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रियता बरतते हुए टीम गठित जांच-पड़ताल करता है।
इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न दुकानों पर छापा मारकर खाद्य पदार्थों के 147 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इसमें 16 सैंपल फेल हो गए हैं।
हर चीज में मिलावट : पनीर के लिए प्रयोग किए जा रहे दूध में पाउडर, कास्टिक सोडा, नमक, पानी और चीनी मिलाई जा रही है। मिलावटखोर घी, हल्दी, दाल, नमकीन और रिफाइन तेल को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
इसमें भी भारी पैमाने पर मिलावट की जा रही है। प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों की मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार चल रहे वित्तीय वर्ष में पनीर के दो, मिठाई के एक, घी के एक, दूध से बने मिठाई के एक, रिफाइन तेल का एक, दाल का एक, सोन पापड़ी के तीन, नमकीन के एक और अन्य खाद्य पदार्थों के पांच नमूने फेल हुए हैं।
वित्तीय वर्ष में दस, बीते माह दो पर लगा जुर्माना : प्रयोगशाला से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष में दस और बीते माह दो दुकानों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दूध में पानी और पाउडर की मिलावट मिलने पर सात लोगों पर 3.15 लाख रुपये, पनीर में मिलावट मिलने पर पांच लोगों पर 3.65 लाख रुपये, घी में मिलावट मिलने पर 1.50 लाख रुपये, दूध से बने मिठाइयों में मिलावट मिलने पर सात दुकानदारों पर 4.50 लाख रुपये, हल्दी में मिलावट होने पर दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच लाख रुपये, सेरेलेस में भी मिलावट मिली है। मिलावटी सेरेलेस बेचने वाले चार लोगों पर पांच लाख रुपये, अन्य मिलावटी मिठाई बेचने वाले दो दुकानदारों पर 2.5 लाख रुपये, बेकरी प्रोडक्ट में मिलावट करने वाले एक दुकान पर 50 हजार रुपये और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलने पर पांच दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.75 लाख रुपये समेत कुल 29.05 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।