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Kushinagar News: स्कूल से लेकर मंदिरों तक गुरु पूर्णिमा की धूम
Thu, 30 Jul 2026 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:58 AM IST
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गुरु पूर्णिमा पर को सम्मानित करते लोग। स्रोत -सोशल मीडिया
पडरौना। स्कूल से लेकर मठों-मंदिरों तक गुरु पूर्णिमा की धूम रही। लोगों ने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। मंदिरों में भंडारा, पूजन अर्चन का आयोजन किया गया। साधु-संत को लोगों ने अंग वस्त्र देकर आशीर्वाद लिया। भाजपा के पदाधिकारियों ने जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन किया। क्षेत्र के मंदिरों की साफ-सफाई कर साधु संत और शिक्षकों को सम्मानित किया। निजी और सरकारी स्कूलों में भी कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
शहर के मंदिरों में नगर पालिका प्रशासन की ओर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रसाद वितरण कराया गया। अध्यक्ष विनय जायसवाल ने संत-संतों एवं गुरुजनों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। चित्रगुप्त मंदिर में नगर मंडल अध्यक्ष भुवनेश्वर मिश्रा एवं मनोज शर्मा के नेतृत्व में पीठाधीश्वर अजय दास को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। पूर्व मंडल अध्यक्ष महेश रौनियार की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता बलकुडि़या स्थित और पिपरा बाजार स्थित राम-जानकी मंदिर पहुंचे। साधु-संतों को सम्मातिन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है।
उजारनाथ संवाद के अनुसार, सेंदुरिया बुजुर्ग, पटहेरिया, राजापाकड़, जवार भैंसहा सहित विभिन्न मंदिरों में भाजपा नेता आनंद सिंह कुशवाहा की अगुवाई में अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर संतों को सम्मानित किया गया। कन्हैया शर्मा, अभिषेक तिवारी, आंसूमान, योगेश गुप्ता, सीटू शर्मा, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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कसया संवाद के अनुसार, संस्कार संगम की तरफ से शहर के शक्ति नगर में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर चर्चा कर शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता सुरेश प्रसाद गुप्त ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की आत्मा का पर्व है। महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाया जाने वाला यह दिवस गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, संस्कार और राष्ट्रभाव का भी निर्माण करते हैं। गोष्ठी को डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. बच्चा मद्धेशिया आदि ने संबोधित किया। दिनेश तिवारी भोजपुरिया और अन्य प्रतिभा संपन्न लोगों को सम्मानित किया गया। गोष्ठी का संचालन राजू कुमार मद्धेशिया ने किया। इस दौरान रमेश मद्धेशिया, रामनारायण जायसवाल, धीरज जायसवाल आदि मौजूद रहे।
सुकरौली संवाद के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों एवं देवस्थलों पर पुजारी-पुरोहितों का सम्मान किया गया। भाजपा नेता ऋषि त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं।
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शहर के मंदिरों में नगर पालिका प्रशासन की ओर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रसाद वितरण कराया गया। अध्यक्ष विनय जायसवाल ने संत-संतों एवं गुरुजनों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। चित्रगुप्त मंदिर में नगर मंडल अध्यक्ष भुवनेश्वर मिश्रा एवं मनोज शर्मा के नेतृत्व में पीठाधीश्वर अजय दास को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। पूर्व मंडल अध्यक्ष महेश रौनियार की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता बलकुडि़या स्थित और पिपरा बाजार स्थित राम-जानकी मंदिर पहुंचे। साधु-संतों को सम्मातिन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है।
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उजारनाथ संवाद के अनुसार, सेंदुरिया बुजुर्ग, पटहेरिया, राजापाकड़, जवार भैंसहा सहित विभिन्न मंदिरों में भाजपा नेता आनंद सिंह कुशवाहा की अगुवाई में अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर संतों को सम्मानित किया गया। कन्हैया शर्मा, अभिषेक तिवारी, आंसूमान, योगेश गुप्ता, सीटू शर्मा, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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कसया संवाद के अनुसार, संस्कार संगम की तरफ से शहर के शक्ति नगर में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर चर्चा कर शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता सुरेश प्रसाद गुप्त ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की आत्मा का पर्व है। महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाया जाने वाला यह दिवस गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, संस्कार और राष्ट्रभाव का भी निर्माण करते हैं। गोष्ठी को डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. बच्चा मद्धेशिया आदि ने संबोधित किया। दिनेश तिवारी भोजपुरिया और अन्य प्रतिभा संपन्न लोगों को सम्मानित किया गया। गोष्ठी का संचालन राजू कुमार मद्धेशिया ने किया। इस दौरान रमेश मद्धेशिया, रामनारायण जायसवाल, धीरज जायसवाल आदि मौजूद रहे।
सुकरौली संवाद के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों एवं देवस्थलों पर पुजारी-पुरोहितों का सम्मान किया गया। भाजपा नेता ऋषि त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं।

गुरु पूर्णिमा पर को सम्मानित करते लोग। स्रोत -सोशल मीडिया

गुरु पूर्णिमा पर को सम्मानित करते लोग। स्रोत -सोशल मीडिया