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नसबंदी के बाद दो बेड पर चार मरीजों को लिटाया
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कोटवा समुदायिक केन्द्र पर एक ही बेड पर कई मरीजों को लिटाया गया।
- फोटो : KUSHINAGAR
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नसबंदी के बाद दो बेड पर चार मरीजों को लिटाया
- कोटवा सीएचसी पर शाम को अव्यवस्था के बीच हुई नसबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा सीएचसी पर शनिवार को नसबंदी शिविर में अव्यवस्था हावी रही। ऑपरेशन के बाद दो बेड जोड़कर चार महिलाओं को लिटाकर परिजनों के भरोसे छोड़ दिया गया था। हालत में थोड़ा सा सुधार दिखते ही महिलाओं को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवा में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। अस्पताल परिसर मे सुबह से ही महिलाएं अपने परिजनों के साथ ऑपरेशन के लिए जुटने लगी थीं। शाम करीब पांच बजे सर्जन डॉ. एए खान, डॉ. आफताब, हसीना खातून आदि की टीम ने कुल 25 महिलाओं की नसबंदी की। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को लिटाने के लिए पर्याप्त बेड नहीं होने पर दो बेड को जोड़कर चार मरीजों को लिटा दिया गया। परिजन उनके हाथ-पांव की मालिश करते दिखे। कुछ ही देर बाद दवा देकर घर जाने के लिए कहा जा रहा था। अस्पताल के दूसरे मंजिल पर ऑपरेशन के बाद परिजन स्ट्रेचर की बजाय कंधों पर टांगकर महिलाओं को नीचे ला रहे थे। ग्राम हरदी छपरा की सरोज देवी, लौकरिया की बबिता देवी, पशुरामपुर कमलावती देवी, बेलवा घाट की कविता आदि ने बताया कि सुबह ही बुलाया गया था लेकिन डाक्टर शाम पांच बजे आए। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर संतोष गुप्ता का कहना है कि शिविर में अव्यवस्था की शिकायत कई मरीजों के परिजनों ने भी की है। शिविर के आयोजन की जिम्मेदारी जिनको सौंपी गई थी उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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- कोटवा सीएचसी पर शाम को अव्यवस्था के बीच हुई नसबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा सीएचसी पर शनिवार को नसबंदी शिविर में अव्यवस्था हावी रही। ऑपरेशन के बाद दो बेड जोड़कर चार महिलाओं को लिटाकर परिजनों के भरोसे छोड़ दिया गया था। हालत में थोड़ा सा सुधार दिखते ही महिलाओं को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटवा में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। अस्पताल परिसर मे सुबह से ही महिलाएं अपने परिजनों के साथ ऑपरेशन के लिए जुटने लगी थीं। शाम करीब पांच बजे सर्जन डॉ. एए खान, डॉ. आफताब, हसीना खातून आदि की टीम ने कुल 25 महिलाओं की नसबंदी की। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को लिटाने के लिए पर्याप्त बेड नहीं होने पर दो बेड को जोड़कर चार मरीजों को लिटा दिया गया। परिजन उनके हाथ-पांव की मालिश करते दिखे। कुछ ही देर बाद दवा देकर घर जाने के लिए कहा जा रहा था। अस्पताल के दूसरे मंजिल पर ऑपरेशन के बाद परिजन स्ट्रेचर की बजाय कंधों पर टांगकर महिलाओं को नीचे ला रहे थे। ग्राम हरदी छपरा की सरोज देवी, लौकरिया की बबिता देवी, पशुरामपुर कमलावती देवी, बेलवा घाट की कविता आदि ने बताया कि सुबह ही बुलाया गया था लेकिन डाक्टर शाम पांच बजे आए। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर संतोष गुप्ता का कहना है कि शिविर में अव्यवस्था की शिकायत कई मरीजों के परिजनों ने भी की है। शिविर के आयोजन की जिम्मेदारी जिनको सौंपी गई थी उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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