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Kushinagar News: बिना रिपर कंबाइन मशीनें प्रयोग करने वाले पांच किसानों पर जुर्माना
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हाटा क्षेत्र में बगैर रैपर मशीन के साथ मिलने पर कम्बाइन को सीज करते एसडीएम हीरालाल व राजस्व टीम
फोटो है।
- हाटा तहसील में सीज की गईं प्रदूषण बढ़ाने वाली दो कंबाइन मशीनें, पांच किसानों पर लगा जुर्माना
- पराली जलने से पर्यावरण के साथ-साथ खेतों को पहुंच रहा नुकसान
पडरौना। कंबाइन मशीनों में रिपर का प्रयोग करना अनिवार्य है। इसके बिना कंबाइन मशीन से कटाई करने पर खेत में पराली बच जाता है। जिसे जलाने से प्रदूषण फैल रहा है। हाटा इलाके में रीपर के बिना चल रही दो कंबाइन मशीनों को सीज किया गया। वहीं इनका प्रयोग करने वाले पांच किसानों पर जुर्माना लगाया गया।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार पराली जलाने की शिकायतों का संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम ने दो कंबाइन मशीन पकड़ा। दोनों बगैर रीपर मशीन के चल रही। जांच के दौरान गिदहा धनहा और सुबुधिया खुर्द में ये कंबाइन बिना रीपर के चलती मिलीं थी। टीम ने उसे सीज कर दिया।
इन पर लगा जुर्माना
उन्होंने पराली जलाने को लेकर पांच किसानों को जुर्माना लगाया है। जिन किसानों पर जुर्माना लगा सभी हाटा कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। एसडीएम हीरालाल ने पड़री गांव के किसान रामनिवास, पोखरभिंडा के अरुण कुमार, जोलाहपुरवा के महेंद्र प्रताप, डुमरी के बाबूलाल, भलुआ के रामप्रकाश पर पराली जलाने पर 2500-2500 रुपये जुर्माना लगाया है।
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रिपर से नहीं बचता है अवशेष
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो धान की पराली जलाने से मीथेन, कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बनडाइ ऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर आदि गैसों का उत्सर्जन होता है। इससे वायुमंडल में कोहरा सा छा जाता है। इससे पर्यावरण और मनुष्य के साथ ही सभी जीवों के लिए बेहद खतरनाक हैं। कंबाइन मशीनें से कटी फसलों के अवशेष ही किसान जलाते हैं। इससे बचने के लिए सभी कंबाइन मशीन संचालकों को रीपर लगाकर ही कंबाइन मशीनें संचालित करना है।
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- हाटा तहसील में सीज की गईं प्रदूषण बढ़ाने वाली दो कंबाइन मशीनें, पांच किसानों पर लगा जुर्माना
- पराली जलने से पर्यावरण के साथ-साथ खेतों को पहुंच रहा नुकसान
पडरौना। कंबाइन मशीनों में रिपर का प्रयोग करना अनिवार्य है। इसके बिना कंबाइन मशीन से कटाई करने पर खेत में पराली बच जाता है। जिसे जलाने से प्रदूषण फैल रहा है। हाटा इलाके में रीपर के बिना चल रही दो कंबाइन मशीनों को सीज किया गया। वहीं इनका प्रयोग करने वाले पांच किसानों पर जुर्माना लगाया गया।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार पराली जलाने की शिकायतों का संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम ने दो कंबाइन मशीन पकड़ा। दोनों बगैर रीपर मशीन के चल रही। जांच के दौरान गिदहा धनहा और सुबुधिया खुर्द में ये कंबाइन बिना रीपर के चलती मिलीं थी। टीम ने उसे सीज कर दिया।
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इन पर लगा जुर्माना
उन्होंने पराली जलाने को लेकर पांच किसानों को जुर्माना लगाया है। जिन किसानों पर जुर्माना लगा सभी हाटा कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। एसडीएम हीरालाल ने पड़री गांव के किसान रामनिवास, पोखरभिंडा के अरुण कुमार, जोलाहपुरवा के महेंद्र प्रताप, डुमरी के बाबूलाल, भलुआ के रामप्रकाश पर पराली जलाने पर 2500-2500 रुपये जुर्माना लगाया है।
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रिपर से नहीं बचता है अवशेष
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो धान की पराली जलाने से मीथेन, कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बनडाइ ऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर आदि गैसों का उत्सर्जन होता है। इससे वायुमंडल में कोहरा सा छा जाता है। इससे पर्यावरण और मनुष्य के साथ ही सभी जीवों के लिए बेहद खतरनाक हैं। कंबाइन मशीनें से कटी फसलों के अवशेष ही किसान जलाते हैं। इससे बचने के लिए सभी कंबाइन मशीन संचालकों को रीपर लगाकर ही कंबाइन मशीनें संचालित करना है।