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नहर के किनारे फेंके मिले पांच गोवंशीय पशु
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कुशीनगर में घायल गोवंशीय पशुओं का इलाज करते पशु अस्पताल की टीम।
- फोटो : KUSHINAGAR
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नहर के किनारे फेंके मिले पांच गोवंशीय पशु
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। खैरटिया शीतलापुर में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे सोमवार को फेंके हुए पांच बछड़े मिले। दुर्बल और अस्वस्थ दिख रहे इन बछड़ों के फेेंके जाने की सूचना गांव में फैलते ही भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची कोटवा पशु अस्पताल की टीम बछड़ों को साथ लेकर चली गई।
गांव के लोगों का कहना था कि बछड़ों को तस्करों ने पकड़े जाने के डर से फेंका होगा। पशु चिकित्सा अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि गोवंशीय पशुओं का इलाज कोटवा पशु अस्पताल में किया जा रहा है। दो की हालत मरणासन है। हालत सामान्य होते ही उन्हें पशु आश्रय केंद्र भेज दिया जाएगा। रविवार को खड्डा ब्लॉक के कोपजंगल में स्थित पशु आश्रय केंद्र में दो पशुओं की मौत हो गई थी। कुछ गोवंशीय बीमार भी बताए जा रहे थे। खड्डा के बीडीओ रमाकांत का कहना है कि लावारिस हालत में गोवंशीय पशुओं के फेंके जाने की सूचना पर वह कोपजंगल पशु आश्रय केंद्र गए थे। वहां गोवंशीय पशुओं की गणना कराई। मौके पर 115 गोवंशीय पशु मिले। रविवार की गणना में भी इतने ही थे।
‘पशु तस्करी का मामला लग रहा’
हियुवा के जिला प्रभारी डॉ. रामआधार राजभर का कहना हैं कि एक ही जगह पांच गोवंशीय पशुओं का मिलना इस थानाक्षेत्र में पशु तस्करी की तरफ इशारा कर रहा है। क्योंकि इस क्षेत्र में पशु तस्करी के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। इस मामले की जांच हियुवा की टीम अपने स्तर से कराएगी।
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पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। खैरटिया शीतलापुर में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे सोमवार को फेंके हुए पांच बछड़े मिले। दुर्बल और अस्वस्थ दिख रहे इन बछड़ों के फेेंके जाने की सूचना गांव में फैलते ही भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची कोटवा पशु अस्पताल की टीम बछड़ों को साथ लेकर चली गई।
गांव के लोगों का कहना था कि बछड़ों को तस्करों ने पकड़े जाने के डर से फेंका होगा। पशु चिकित्सा अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि गोवंशीय पशुओं का इलाज कोटवा पशु अस्पताल में किया जा रहा है। दो की हालत मरणासन है। हालत सामान्य होते ही उन्हें पशु आश्रय केंद्र भेज दिया जाएगा। रविवार को खड्डा ब्लॉक के कोपजंगल में स्थित पशु आश्रय केंद्र में दो पशुओं की मौत हो गई थी। कुछ गोवंशीय बीमार भी बताए जा रहे थे। खड्डा के बीडीओ रमाकांत का कहना है कि लावारिस हालत में गोवंशीय पशुओं के फेंके जाने की सूचना पर वह कोपजंगल पशु आश्रय केंद्र गए थे। वहां गोवंशीय पशुओं की गणना कराई। मौके पर 115 गोवंशीय पशु मिले। रविवार की गणना में भी इतने ही थे।
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‘पशु तस्करी का मामला लग रहा’
हियुवा के जिला प्रभारी डॉ. रामआधार राजभर का कहना हैं कि एक ही जगह पांच गोवंशीय पशुओं का मिलना इस थानाक्षेत्र में पशु तस्करी की तरफ इशारा कर रहा है। क्योंकि इस क्षेत्र में पशु तस्करी के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। इस मामले की जांच हियुवा की टीम अपने स्तर से कराएगी।
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