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Kushinagar News: जमीन के फर्जीवाड़े में रानी शरद कुमारी और जिला पंचायत अध्यक्ष के दो बेटों समेत 15 पर प्राथमिकी
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पडरौना (कुशीनगर)। फर्जी दस्तावेज के सहारे 1.2830 हेक्टेयर जमीन हड़पने और बैनामा कराने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने पडरौना राजदरबार की रानी शरद कुमारी और जिला पंचायत अध्यक्ष के दो बेटों डुम्मरभार निवासी गिरिजेश कुमार जायसवाल व संजीव कुमार जायसवाल समेत 15 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। जंगल बेलवा टोला चौरिया निवासी सुरेंद्र यादव की याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद मंगलवार देर रात पुलिस ने यह कार्रवाई की। इसके पहले फर्जीवाड़ा कर जमीन कब्जा करने के आरोप में रानी शरद कुमारी की तहरीर पर सुरेंद्र यादव समेत नौ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
मालूम हो कि पडरौना राजदरबार और जंगल बेलवा टोला चौरिया निवासी सुरेंद्र यादव के बीच शहर में स्थित आराजी संख्या 604 (1.2830 हेक्टेयर) को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। बीते दिनों सुरेंद्र यादव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह आराजी संख्या 604 के स्वामी हैं। यह जमीन पीढ़ियों से उनके परिवार के कब्जे में रही है और पिता की मौत के बाद वरासत के जरिए उनका नाम दर्ज है। राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने के साथ ही कई फसली वर्षों के अभिलेख भी उनके पास मौजूद हैं। राजदरबार पडरौना निवासी शरद कुमारी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और उस जमीन को हड़पने के उद्देश्य से फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कई बैनामे करा दिए। इसमें कुछ स्थानीय लोगों की झूठी गवाही कराई गई। याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शरद कुमारी समेत 15 पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर राजदरबार निवासी रानी शरद कुमारी, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल के बेटे डुम्मरभार निवासी गिरिजेश कुमार जायसवाल, संजीव कुमार जायसवाल, सज्जाद अली, अखिलेश तिवारी, मनीष जायसवाल, भाजपा नेता सूर्यप्रकाश शुक्ल, सतीश चंद्र कुशवाहा, अनिल जायसवाल, धीरज कुमार, राहुल श्रीवास्तव, वीरेंद्र, अजीत कुमार जायसवाल, अनिल चौरसिया, दीपक कुमार पर धोखाधड़ी, कूटरचना कर जमीन बेचने समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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इन नौ लोगों पर पहले दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट
इससे पहले बड़ा दरबार (राज परिवार) की जंगल बेलवा स्थित 5.3140 हेक्टेयर भूमि का अवैध बैनामा करने के आरोप में जनवरी में शरद कुमारी की तहरीर पर पुलिस नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। जिन पर प्राथमिकी दर्ज हुई है उनमें सुरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, मीरा पांडेय, बबीता सिंह, सुनीता सिंह, सत्येंद्र यादव, धनंजय पांडेय, पारसनाथ सिंह पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोप है कि आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर 28 सितंबर 2025 को जमीन का अवैध बैनामा और कब्जा किया।
डीएम ने कराई जांच, कार्रवाई का इंतजार
बताया जा रहा है कि खड्डा से लेकर पडरौना शहर में राजदरबार की रानी शरद कुमारी और रानी रेवती के नाम दर्ज अधिकांश जमीनों के अभिलेखों में हेराफेरी कर कुछ लोगों ने अपना नाम अभिलेखों में दर्ज करा लिया है। इसके अलावा कुछ राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से जमीन बेच भी दी है। पडरौना शहर में तो उस जमीन पर कालोनी भी बस गई है। इससे जुड़े मुकदमे हाईकोर्ट में भी चल रहे हैं। मामले में डीएम ने जांच भी कराई। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, करीब एक माह पहले राजस्वकर्मियों ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है लेकिन अभी तक इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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मालूम हो कि पडरौना राजदरबार और जंगल बेलवा टोला चौरिया निवासी सुरेंद्र यादव के बीच शहर में स्थित आराजी संख्या 604 (1.2830 हेक्टेयर) को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। बीते दिनों सुरेंद्र यादव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह आराजी संख्या 604 के स्वामी हैं। यह जमीन पीढ़ियों से उनके परिवार के कब्जे में रही है और पिता की मौत के बाद वरासत के जरिए उनका नाम दर्ज है। राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने के साथ ही कई फसली वर्षों के अभिलेख भी उनके पास मौजूद हैं। राजदरबार पडरौना निवासी शरद कुमारी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और उस जमीन को हड़पने के उद्देश्य से फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कई बैनामे करा दिए। इसमें कुछ स्थानीय लोगों की झूठी गवाही कराई गई। याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शरद कुमारी समेत 15 पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर राजदरबार निवासी रानी शरद कुमारी, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल के बेटे डुम्मरभार निवासी गिरिजेश कुमार जायसवाल, संजीव कुमार जायसवाल, सज्जाद अली, अखिलेश तिवारी, मनीष जायसवाल, भाजपा नेता सूर्यप्रकाश शुक्ल, सतीश चंद्र कुशवाहा, अनिल जायसवाल, धीरज कुमार, राहुल श्रीवास्तव, वीरेंद्र, अजीत कुमार जायसवाल, अनिल चौरसिया, दीपक कुमार पर धोखाधड़ी, कूटरचना कर जमीन बेचने समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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इन नौ लोगों पर पहले दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट
इससे पहले बड़ा दरबार (राज परिवार) की जंगल बेलवा स्थित 5.3140 हेक्टेयर भूमि का अवैध बैनामा करने के आरोप में जनवरी में शरद कुमारी की तहरीर पर पुलिस नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। जिन पर प्राथमिकी दर्ज हुई है उनमें सुरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, मीरा पांडेय, बबीता सिंह, सुनीता सिंह, सत्येंद्र यादव, धनंजय पांडेय, पारसनाथ सिंह पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोप है कि आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर 28 सितंबर 2025 को जमीन का अवैध बैनामा और कब्जा किया।
डीएम ने कराई जांच, कार्रवाई का इंतजार
बताया जा रहा है कि खड्डा से लेकर पडरौना शहर में राजदरबार की रानी शरद कुमारी और रानी रेवती के नाम दर्ज अधिकांश जमीनों के अभिलेखों में हेराफेरी कर कुछ लोगों ने अपना नाम अभिलेखों में दर्ज करा लिया है। इसके अलावा कुछ राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से जमीन बेच भी दी है। पडरौना शहर में तो उस जमीन पर कालोनी भी बस गई है। इससे जुड़े मुकदमे हाईकोर्ट में भी चल रहे हैं। मामले में डीएम ने जांच भी कराई। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, करीब एक माह पहले राजस्वकर्मियों ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है लेकिन अभी तक इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।