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Kushinagar News: कैनसेट खोजना बना कौतूहल
Wed, 29 Oct 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 29 Oct 2025 12:16 AM IST
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तमकुहीरोड/गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। मॉडल रॉकेट के माध्यम से जब काउंटडाउन 9,8 से शुरू होकर 3,2,1 जीरो कर के ज्योही खत्म होता है एक स्पार्क से निकली चिंगारी से पूरा केमिकल प्रेशर में बदलकर रॉकेट एक से सवा किमी ऊपर जाता है। उसमें से नोज कोन पर लगा कैन साइज सेटेलाइट पैराशूट के माध्यम से ज्योंहि आसपास के गन्ने और धान के खेतों के अलावा नदी के किनारे गिरते ही छात्रों में उसे ढूंढने और उसमें डाटा कलेक्ट करने की जिज्ञासा पैदा हो जाती है। कैन सेट को छात्र जीपीएस के माध्यम से ट्रेस कर खेतों की ओर दौड़ते हैं। जब यह मिल जाता है तो ऐसा लगता है जैसे मानो उन्हें जिंदगी की सारी खुशियां मिल गई हो। रॉकेट लॉन्चिंग के बाद ऑब्जर्वेशन सेंटर और दर्शक दीर्घा में बैठे लोग लांचिंग को सफल मान तालियां जरूर बटोर लेते हैं लेकिन महीनों और हजारों की मेहनत के बाद तैयार किए गए कैन सेट जबतक रॉकेट से निकलकर पैराशूट के माध्यम से धरा पर सफल लैंड नहीं करता और उसे छात्रा-छात्राओं द्वारा जीपीएस के माध्यम से ट्रेस कर खोज नहीं लेते तब तक उनके लिए मिशन सफल नहीं माना जाता। रॉकेट के नोज कोन पर लगे कैन सेट को खोजने के लिए टीम तो लगी हुई है लेकिन इसे ट्रेस कर खोजने और फिर इसे प्राप्त कर डाटा इकट्ठा करना एक तरह से युवाओं के लिए जिज्ञासा भरा होता है। रॉकेट लांचिंग के बाद ऐसे ही युवा मंगलवार को जब खेतों में दौड़ते हुए नजर आए तो उनके लिए यह एक आनंद भरा और कौतूहल के साथ उत्कृष्ट अनुभव था।
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