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Kushinagar News: रसोईघर के पास गंदगी, खराब हैंडपंप और बिखरा खाद्यान्न...कैसे सुरक्षित होगा बच्चों का निवाला?

Wed, 23 Sep 2026 01:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:36 AM IST
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Filth near the kitchen, a broken handpump, and scattered food grains... how can the children's meals be safe?
गोड़रिया। बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है लेकिन कई विद्यालयों में इसकी बुनियादी व्यवस्थाएं ही सवालों के घेरे में हैं। कहीं रसोईघर के आसपास कूड़े का ढेर मिला तो कहीं इंडिया मार्का हैंडपंप खराब मिला। कुछ विद्यालयों में खाद्यान्न और अन्य सामग्री भी व्यवस्थित तरीके से रखी नहीं मिली। ऐसे में सवाल है कि जिस रसोईघर में बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है, वहां स्वच्छता की स्थिति ऐसी है तो बच्चों की थाली तक पहुंचने वाला निवाला कितना सुरक्षित होगा।
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दुदही विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को पेयजल, साफ-सफाई और रसोई व्यवस्था की स्थिति खराब दिखी। शंकरपुर घोरठ, शाहपुर उचकी पट्टी, सोरहवा, बतरौली धुरखड़वा, लोहरपट्टी और शुक्लही के विद्यालयों में परिसर में गंदगी मिली। वहीं, शुद्ध पेयजल के लिए लगाए गए इंडिया मार्का हैंडपंप कई जगह खराब थे। प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर घोरठ में इंडिया मार्का हैंडपंप खराब मिला। बच्चे दूसरे साधारण हैंडपंप से पानी पीते नजर आए। रसोईघर के ठीक बगल में कूड़ा पड़ा था। भोजन तैयार करने वाले स्थान के आसपास गंदगी मिलने से विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
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शाहपुर उचकी पट्टी विद्यालय में बच्चे भोजन कर रहे थे। इसी दौरान सफाई कर्मचारी मैदान में सफाई करता नजर आया। सफाई के दौरान उठने वाली धूल भोजन कर रहे बच्चों तक पहुंचने की स्थिति बनी हुई थी। भोजन के समय सफाई कराए जाने को लेकर भी सवाल उठे। शुक्लही विद्यालय के रसोईघर में खाद्यान्न और अन्य स्टॉक व्यवस्थित तरीके से रखा हुआ नहीं मिला। रसोईघर में सामान के रखरखाव की स्थिति भी सवाल खड़े करने वाली थी। एमडीएम के लिए आने वाले खाद्यान्न को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से रखना विद्यालय स्तर पर जिम्मेदारी है।
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कीड़े मिलने की घटना के बाद और गंभीर हुए सवाल

बीते सोमवार को खिरकिया प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम के भोजन में कीड़े मिलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद परिषदीय विद्यालयों में रसोई व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। प्रारंभिक तौर पर साफ-सफाई की कमी को भी इसकी एक वजह माना जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ पेयजल, साफ वातावरण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए रसोईघर की नियमित सफाई, खाद्यान्न का सुरक्षित रखरखाव और भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है। पड़ताल में सामने आई खामियां विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।




विद्यालय परिसर में गंदगी मिलना संबंधित की लापरवाही है। रसोईघर या उसके आसपास गंदगी होना और भी गंभीर बात है। इस तरह की शिकायत न हो, इसकी जिम्मेदारी सभी शिक्षकों की है। सभी बीईओ को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि एमडीएम तैयार कराने और बच्चों तक उपलब्ध कराने के लिए एक-एक कर सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करें। इसके अलावा बनाई गई व्यवस्था की नियमित जांच भी कराई जाएगी।
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