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नीली किताब की तरह है फार्मर रजिस्ट्री : डीएम
Thu, 20 Feb 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:54 AM IST
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पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें डीएम ने किसानों की समस्याएं सुनी। इसमें डीएम ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डीएम विशाल भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक किसानों का फार्मर रजिस्ट्री बनाना अनिवार्य है। चाहे वह किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले या नहीं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों की पुरानी नीली किताब ही है, जिसमें उनके प्रत्येक गाटे का विवरण दर्ज होना है।
किसान अपनी ग्राम पंचायत के सहज जन सेवा केंद्र से आधार एवं खतौनी के अभिलेखों के साथ फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री तैयार नहीं करने पर किसानों को किसान सम्मान निधि के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित होना पड़ सकता है। फार्मर रजिस्ट्री तैयार बनने के बाद बार-बार ई-केवाईसी करने अथवा अपने भू अभिलेख प्रस्तुत करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। किसान महेंद्र मणि त्रिपाठी ने फार्मर रजिस्ट्री कराने में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग की। किसान आनंद तिवारी ने तहसीलों के अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटि के कारण नाम में मात्रा गलत होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। किसानों ने नव निर्माणाधीन जिला कारागार के नजदीक नाले के बंद होने की आशंका जताई। इस पर डीएम ने नाला को यथावत रहने की जानकारी दी। डीएम ने ड्रेनों/नहरों की सफाई संबंधी शिकायत पर अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड को निर्देश दिया कि विगत बरसात में जहां-जहां समस्याएं थी, उस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराएं।
इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मेनका, अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य वीभा लोहनी आदि मौजूद रहीं।
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किसान अपनी ग्राम पंचायत के सहज जन सेवा केंद्र से आधार एवं खतौनी के अभिलेखों के साथ फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री तैयार नहीं करने पर किसानों को किसान सम्मान निधि के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित होना पड़ सकता है। फार्मर रजिस्ट्री तैयार बनने के बाद बार-बार ई-केवाईसी करने अथवा अपने भू अभिलेख प्रस्तुत करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। किसान महेंद्र मणि त्रिपाठी ने फार्मर रजिस्ट्री कराने में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग की। किसान आनंद तिवारी ने तहसीलों के अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटि के कारण नाम में मात्रा गलत होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। किसानों ने नव निर्माणाधीन जिला कारागार के नजदीक नाले के बंद होने की आशंका जताई। इस पर डीएम ने नाला को यथावत रहने की जानकारी दी। डीएम ने ड्रेनों/नहरों की सफाई संबंधी शिकायत पर अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड को निर्देश दिया कि विगत बरसात में जहां-जहां समस्याएं थी, उस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराएं।
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इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मेनका, अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य वीभा लोहनी आदि मौजूद रहीं।