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हंगामे के बाद अस्पताल में खरीदा गया पंखा
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 11:10 PM IST
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प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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बृहस्पतिवार की सुबह रसोई गैस सिलेंडर में लगी आग से झुलसी महिला को प्राथमिक इलाज के लिए खड्डा पीएचसी लेकर गए लोगों ने वहां की अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर ने अस्पताल के लिए नया पंखा खरीदा और जनरेटर चालू कराया। लोगों ने पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को देते हुए कार्रवाई की मांग की।
खड्डा थाना क्षेत्र के करदह गांव की एक महिला बृहस्पतिवार को सुबह खाना बनाते समय रसोई गैस में हुए रिसाव के चलते लगी आग से झुलस गई। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा लेकर पहुंचे तो वहां मरीज को गर्मी से राहत देने के लिए एक पंखा तक नहीं था। गंदगी से भरे शौचालय में ताला बंद था। नाराज लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर ब्लाक प्रमुख जिलाजीत यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष प्रद्युम्न तिवारी, भाकियू नेता रमाकांत तिवारी आदि भी पहुंच गए। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि बिजली नहीं रहने पर इस अस्पताल में जनरेटर भी नहीं चलता है। रात में मोमबत्ती जलाकर मरीजों का इलाज होता है।
मामला बढ़ता देख प्रभारी चिकित्साधिकारी संतोष गुप्ता ने तुरंत बाजार से एक पंखा खरीदकर मंगवाया तथा जनरेटर चालू कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ। बाद में लोगों ने पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को खड्डा को देते हुए अस्पताल की जांच कराकर व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की गई।
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इस संबंध में एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी रिपोर्ट भेजकर व्यवस्था में सुधार के लिए कहा जाएगा। अस्पताल की कमियों को दूर कराने के लिए औचक निरीक्षण करके कार्रवाई की जाएगी।
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खड्डा थाना क्षेत्र के करदह गांव की एक महिला बृहस्पतिवार को सुबह खाना बनाते समय रसोई गैस में हुए रिसाव के चलते लगी आग से झुलस गई। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खड्डा लेकर पहुंचे तो वहां मरीज को गर्मी से राहत देने के लिए एक पंखा तक नहीं था। गंदगी से भरे शौचालय में ताला बंद था। नाराज लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर ब्लाक प्रमुख जिलाजीत यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष प्रद्युम्न तिवारी, भाकियू नेता रमाकांत तिवारी आदि भी पहुंच गए। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि बिजली नहीं रहने पर इस अस्पताल में जनरेटर भी नहीं चलता है। रात में मोमबत्ती जलाकर मरीजों का इलाज होता है।
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मामला बढ़ता देख प्रभारी चिकित्साधिकारी संतोष गुप्ता ने तुरंत बाजार से एक पंखा खरीदकर मंगवाया तथा जनरेटर चालू कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ। बाद में लोगों ने पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को खड्डा को देते हुए अस्पताल की जांच कराकर व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की गई।
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इस संबंध में एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी रिपोर्ट भेजकर व्यवस्था में सुधार के लिए कहा जाएगा। अस्पताल की कमियों को दूर कराने के लिए औचक निरीक्षण करके कार्रवाई की जाएगी।