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फर्जी परवाना : मृतकों के नाम पहुंचा सात परवाना, वारिस भी निशाने पर

Fri, 21 Feb 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 21 Feb 2025 12:08 AM IST
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Fake license: Seven licenses reached the name of the deceased, heirs also on target
खड्डा। सहायक अभिलेख अधिकारी गोरखपुर कोर्ट से फर्जीवाड़ा करने वाले खड्डा क्षेत्र के तीन लोगों के नाम से गोरखपुर में दर्ज हुए केस में दो मृतकों का नाम शामिल हैं। एक महिला मृत सर्वा की पत्नी है। इन दोनों के वारिस समेत कुल 18 फर्जी परवाना के जरिए अभिलेख में नाम दर्ज कराने में शामिल सभी का प्रार्थना पत्र तथा आधार कार्ड, नाम व पूरा पता तहसील में मौजूद है। दो और नाम सामने आए हैं, जिसमें एक व्यक्ति 25 वर्ष पहले मर चुका है तो दूसरे की मौत भी बहुत पहले हो चुकी थी। इस तरह मृतकों के नाम पहुंचे परवानों की संख्या सात से ज्यादा हो चुकी है। इससे अब इनके वारिस भी निशाने पर आ गए हैं।
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सहायक अभिलेख अधिकारी गोरखपुर के आदेश पर पेशकार की ओर से देवरिया के 11 व खड्डा क्षेत्र के तीन लोगों समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसमें गुरुचरन और सर्वा की मौत बहुत पहले हो चुकी है। इन दोनों मृतकों के वारिस इस पूरे षड्यंत्र में मुख्य रूप से सूत्रधार माने जा रहे हैं। मुकदमे में जिस महिला प्रभावती का नाम है वह मृतक सर्वा की पत्नी है। रोचक बात यह है कि इसके लिए फर्जीवाड़ा करने वाले यह भूल गए कि मृतक के नाम से कोई ऑर्डर नहीं हो सकता। अगर दौरान मुकदमा किसी वादी या प्रतिवादी की मृत्यु हो जाती है तो न्यायिक प्रक्रिया के तहत साक्ष्य प्रस्तुत करके वारिस बनना पड़ता है। लेकिन, धंधेबाजों ने मृतक के नाम से कूटरचना कर फर्जी आदेश व परवाना बनाया और तहसील में भिजवाकर नाम दर्ज कराना शुरू कर दिया।
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केस 1
-तहसील में नाम दर्ज कराने के लिए एक प्रार्थना पत्र विशुनी पुत्र फागू निवासी ग्राम शिवपुर का भी है। ग्रामीणों के मुताबिक इनकी मृत्यु लगभग 20 वर्ष पहले हो चुकी है। लेकिन, इनके नाम से भी वर्ष 2017 में एआरओ कोर्ट से आदेश हुआ है। अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए परवाना खड्डा तहसील को भेजा गया है। इसमें जयराम नाम का व्यक्ति वारिस बनकर पूरा काम कर रहा था।


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केस 2
-मृतक हिरामन पुत्र कुमार निवासी शिवपुर के वारिस बनकर श्रीकिशुन, रमाकांत, संजय, संतोष व दीनानाथ, शंकर, राम वेलास ने तहसील खड्डा में फर्जी परवाना व आदेश के जरिए नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। बावजूद अभी तक इन लोगों के खिलाफ तहसील प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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केस 3
मृत सुरेश पुत्र भोज निवासी ग्राम शिवपुर का वारिस बन श्यामकिशोर पुत्र सुरेश अपना नाम दर्ज कराने के लिए फर्जी परवाना व आदेश के जरिए नाम दर्ज कराना चाह रहे थे। नाम दर्ज होने में देरी होने पर उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर शिकायत भी किया था।
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पूरे मामले से एसडीएम को अवगत करा दिया गया है। इसमें शामिल लोगों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महेश कुमार, तहसीलदार, खड्डा

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-अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच एडीएम न्यायिक के नेतृत्व में चल रही है।
- विशाल भारद्वाज, डीएम, कुशीनगर
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