फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Employees are misleading higher officials to save themselves

Kushinagar News: खुद को बचाने के लिए उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रहे कर्मी

Thu, 20 Feb 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 20 Feb 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
Employees are misleading higher officials to save themselves
खड्डा। फर्जी परवाना व आदेश पर खड्डा तहसील के राजस्व अभिलेखों में हुए खेल में शामिल जिम्मेदार खुद को बचाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाते जा रहे हैं।
विज्ञापन

एआरओ कोर्ट गोरखपुर ने सत्यापन के बाद भेजे गए 18 परवानों को फर्जी करार दिया है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन रिकॉर्ड रूम में फाइल ढूंढ़ने के नाम पर जांच के नाम पर टाल-मटोल कर रहे हैं। कानून के जानकारों की मानें तो जब मुकदमा चला ही नहीं तो रिकाॅर्ड रूम में फाइल कैसे पहुंच जाएगी। रिकाॅर्ड रूम में फाइल ढूंढने के लिए पहुंची तहसील की टीम से रिकाॅर्ड रूम के जिम्मेदारों ने जाकड़ नंबर मांगे हैं, बिना उसके फाइल ढूंढ़ने से हाथ खड़े कर दिए है। उच्चाधिकारियों को ऐसी ही सूचना देकर खड्डा तहसील प्रशासन गुमराह करने में लगा है। फर्जी परवाना भेज अभिलेख में नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराने के बजाए तहसील प्रशासन फाइल व जाकड़ नंबर के पेच में उलझा हुआ है। जांच का विषय तो यह भी है कि जब तहसील में ऑनलाइन मुकदमा नंबर जांच की सुविधा मौजूद है तो किस कारण आंख बंद कर नामांतरण आदेश दे दिया गया।

गोरखपुर सहायक अभिलेख अधिकारी के न्यायालय के नाम से फर्जी तरीके से कूट रचना कर फर्जी नामांतरण परवाना व आदेश की छाया प्रति खड्डा तहसील को भेजी गई और धोखाधड़ी करके राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कराना शुरू कर दिया। सत्यापन रिपोर्ट भी फर्जी तरीके से तहसील में पहुंचा दिया और इसे ही सही मानते हुए तहसीलदार ने रजिस्ट्रार कानूनगो को नाम दर्ज करने का आदेश भी दे दिया। इसी आदेश के तहत तीन फर्जी परवाना पर मालिकान रजिस्टर में नाम दर्ज भी हो गया। आईसीसीएमएस पोर्टल पर जांच नहीं की, जबकि यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है। पलक झपकते ही इसके बारे में जानकारी की जा सकती है कि सही है या गलत है।
विज्ञापन

हालांकि, मामला उजागर होने पर तहसीलदार ने जांच की तो मामला गलत पाया। बावजूद इसके अभी तक इस खेल में शामिल लोगों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed