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Kushinagar News: बिजली ने रुलाया...एसी, पंखे की धीमी हुई चाल
Sat, 31 May 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 31 May 2025 11:58 PM IST
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पडरौना। नौतपा के दौरान लगातार बढ़ रहे तापमान से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। लो वोल्टेज की वजह से घरों में लगे कूलर और पंखे की चाल जहां धीमी हो गई है, वहीं एसी नहीं चल पा रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक लोग इसको लेकर परेशान हैं।
उपकेंद्रों पर आने वाली बिजली की सप्लाई भी 33 हजार वोल्ट के बजाए 24 हजार वोल्ट ही आ रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार की रात आठ बजे से शनिवार को सुबह आठ बजे के बीच 78 बार बिजली ट्रिपिंग हुई है। इसकी वजह ओवर लोड बताई जा रहा है।
गर्मी से निपटने के लिए बिजली विभाग की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने के साथ ही उपकेंद्रों पर फीडरों का उपकरण बदला गया। जर्जर तार व पोल भी ठीक किए गए, लेकिन गर्मी की तपिश बढ़ी तो बिजली आपूर्ति फिर पुराने ढर्रे पर आ गई। बिजली निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि बिजली की अधिक खपत होने और मेन सप्लाई का वोल्टेज कम मिलने के कारण लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है।
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उपकेंद्रों पर मैन पावर कम होने से फाॅल्ट की शिकायतों को दूर करने में 24 से 48 घंटे लग जा रहे हैं। पडरौना उपकेंद्र पर 44 लोगों की जरूरत है, लेकिन 21 की तैनाती है, जिससे 10 से 15 घंटे काम लिया जा रहा है।
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उपकेंद्रों पर आने वाली बिजली की सप्लाई भी 33 हजार वोल्ट के बजाए 24 हजार वोल्ट ही आ रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार की रात आठ बजे से शनिवार को सुबह आठ बजे के बीच 78 बार बिजली ट्रिपिंग हुई है। इसकी वजह ओवर लोड बताई जा रहा है।
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गर्मी से निपटने के लिए बिजली विभाग की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने के साथ ही उपकेंद्रों पर फीडरों का उपकरण बदला गया। जर्जर तार व पोल भी ठीक किए गए, लेकिन गर्मी की तपिश बढ़ी तो बिजली आपूर्ति फिर पुराने ढर्रे पर आ गई। बिजली निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि बिजली की अधिक खपत होने और मेन सप्लाई का वोल्टेज कम मिलने के कारण लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है।
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उपकेंद्रों पर मैन पावर कम होने से फाॅल्ट की शिकायतों को दूर करने में 24 से 48 घंटे लग जा रहे हैं। पडरौना उपकेंद्र पर 44 लोगों की जरूरत है, लेकिन 21 की तैनाती है, जिससे 10 से 15 घंटे काम लिया जा रहा है।