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Kushinagar News: खड्डा में दो बार खिला कमल, तीन बार चली साइकिल
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खड्डा। नगर पंचायत में हुए चुनाव में अब तक दो बार कमल खिला है, जबकि यहां तीन चुनाव में साइकिल ही चली है। हालांकि, निकाय चुनाव में एक बार निर्दल उम्मीदवार का जादू चला है। खड्डा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव शुरू से ही भाजपा के लिए चुनौती पूर्ण रहा है।
वर्ष 1989 में पहली बार नगर पंचायत का चुनाव हुआ, तो भाजपा ने दीपलाल भारती को उम्मीदवार बताया था। उनके सामने कांग्रेस के ताहिर लारी ने ताल ठोकी थी। इस चुनाव में दीपलाल के लिए नारा चला कि एक नोट व एक वोट और मतदाताओं ने समर्थन कर कमल खिला दिया। वर्ष 1995 में सपा के राजू डालमिया ने शिवसेना उम्मीदवार बाला प्रसाद जायसवाल को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया था। इस चुनाव में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। वर्ष 2001 में सपा उम्मीदवार स्नेहलता जायसवाल ने फिर से कब्जा कर अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं।
इस चुनाव में दूसरे स्थान पर बाला प्रसाद की पत्नी सिंगारी देवी रहीं। इस चुनाव में भी भाजपा को पुन: हार का मुंह देखना पड़ा था। दो बार से हार रही भाजपा को वर्ष 2006 में सफलता मिली और डॉ. निलेश मिश्रा अध्यक्ष पद पर काबिज हुए। इस चुनाव में दूसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार ताहिर लारी रहे। वर्ष 2011 में पुन: भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा और निर्दल प्रत्याशी रही शारदा तुलस्यान ने जीत दर्ज किया था, जबकि ताहिर लारी दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा प्रत्याशी रूखसाना लारी पत्नी ताहिर लारी विजयी रही, जबकि भाजपा प्रत्याशी को मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
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वर्ष 1989 में पहली बार नगर पंचायत का चुनाव हुआ, तो भाजपा ने दीपलाल भारती को उम्मीदवार बताया था। उनके सामने कांग्रेस के ताहिर लारी ने ताल ठोकी थी। इस चुनाव में दीपलाल के लिए नारा चला कि एक नोट व एक वोट और मतदाताओं ने समर्थन कर कमल खिला दिया। वर्ष 1995 में सपा के राजू डालमिया ने शिवसेना उम्मीदवार बाला प्रसाद जायसवाल को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया था। इस चुनाव में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। वर्ष 2001 में सपा उम्मीदवार स्नेहलता जायसवाल ने फिर से कब्जा कर अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं।
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इस चुनाव में दूसरे स्थान पर बाला प्रसाद की पत्नी सिंगारी देवी रहीं। इस चुनाव में भी भाजपा को पुन: हार का मुंह देखना पड़ा था। दो बार से हार रही भाजपा को वर्ष 2006 में सफलता मिली और डॉ. निलेश मिश्रा अध्यक्ष पद पर काबिज हुए। इस चुनाव में दूसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार ताहिर लारी रहे। वर्ष 2011 में पुन: भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा और निर्दल प्रत्याशी रही शारदा तुलस्यान ने जीत दर्ज किया था, जबकि ताहिर लारी दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा प्रत्याशी रूखसाना लारी पत्नी ताहिर लारी विजयी रही, जबकि भाजपा प्रत्याशी को मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
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