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Kushinagar News: गंडक नदी पर पुल नहीं होने से नाव ही सहारा
Mon, 18 Dec 2023 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:47 AM IST
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सेवरही क्षेत्र में खेतीबाड़ी के लिए नाव से गंडक नदी पार जाते किसान व मजदूर।
तमकुहीरोड। गंडक नदी पार करने में क्षेत्र के कई गांवों लोगों नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। हालत यह है कि गंडक नदी के उस पार से गन्ने की कटाई और गेहूं की बुआई के लिए किसान ट्रैक्टर-ट्राली के साथ मजदूरों को भी नाव से उस पार पहुंचाते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि यहां पुल बन जाए तो लोगों को आवागमन में सहूलियत मिल जाएगी।
सेवरही क्षेत्र के एपी तटबंध से लगे पिपराघाट, नरवाजोत, जंगली पट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, चैन पट्टी, जवही दयाल, ततवा टोला, विरवट कोंन्हवलिया, बाक खाश, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला, अहिरौलीदान आदि गांवों के किसानों की खेती गंडक नदी के उस पार है। इन गांव के किसानों को गंडक नदी पार जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। इस नदी के उस पार बोए गन्ने की कटाई के कार्य के साथ खाली खेतों को तैयार कर गेहूं की बुवाई का कार्य जोरो पर है। खेती का सीजन होने के चलते बड़ी संख्या में किसान व मजदूर नाव से उस पार जाने लगे हैं। नदी पार से गन्ना लाने के लिए उन्हें ट्रैक्टर व डीसी भी नाव से ही उस पार लें जाना मजबूरी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिहार सरकार द्वारा धनहा क्षेत्र में रतवल के पास और बिशुनपुर गाइड बांध के पास गंडक नदी पर पक्के पुल का निर्माण पहले ही कराया जा चुका है।लेकिन यूपी क्षेत्र में नरवाजोत से लेकर अहिरौलीदान के लगभग 17 किलोमीटर की लंबाई में बहने वाली गंडक नदी में कही पक्के पुल का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को नदी पार खेतीबाड़ी करने के लिए नाव पर निर्भर रहना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान जेके सिंह, पूर्व प्रधान हीरालाल यादव, संजय सिंह, ध्रुव निषाद, प्रभुनाथ यादव, प्रदीप सिंह, पप्पू यादव, बृजकिशोर साहनी, दीनानाथ सिंह आदि ने यहां पुल बनाने की मांग की है।
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सेवरही क्षेत्र के एपी तटबंध से लगे पिपराघाट, नरवाजोत, जंगली पट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, चैन पट्टी, जवही दयाल, ततवा टोला, विरवट कोंन्हवलिया, बाक खाश, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला, अहिरौलीदान आदि गांवों के किसानों की खेती गंडक नदी के उस पार है। इन गांव के किसानों को गंडक नदी पार जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। इस नदी के उस पार बोए गन्ने की कटाई के कार्य के साथ खाली खेतों को तैयार कर गेहूं की बुवाई का कार्य जोरो पर है। खेती का सीजन होने के चलते बड़ी संख्या में किसान व मजदूर नाव से उस पार जाने लगे हैं। नदी पार से गन्ना लाने के लिए उन्हें ट्रैक्टर व डीसी भी नाव से ही उस पार लें जाना मजबूरी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिहार सरकार द्वारा धनहा क्षेत्र में रतवल के पास और बिशुनपुर गाइड बांध के पास गंडक नदी पर पक्के पुल का निर्माण पहले ही कराया जा चुका है।लेकिन यूपी क्षेत्र में नरवाजोत से लेकर अहिरौलीदान के लगभग 17 किलोमीटर की लंबाई में बहने वाली गंडक नदी में कही पक्के पुल का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को नदी पार खेतीबाड़ी करने के लिए नाव पर निर्भर रहना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान जेके सिंह, पूर्व प्रधान हीरालाल यादव, संजय सिंह, ध्रुव निषाद, प्रभुनाथ यादव, प्रदीप सिंह, पप्पू यादव, बृजकिशोर साहनी, दीनानाथ सिंह आदि ने यहां पुल बनाने की मांग की है।
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