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Kushinagar News: मौसम में बदलाव से ओपीडी में बढ़ी भीड़, इमरजेंसी वार्ड फुल
Sun, 17 May 2026 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 17 May 2026 02:07 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी में एक्स रे कराने को मरीजों व तीमारदारों की काउंटर तक जुटी भीड़।संवा
पडरौना। मौसम बदलते ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। उल्टी, दस्त, डायरिया, सांस, शुगर, बीपी व हृदय के मरीज बढ़ गए हैं। शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की बेहिसाब भीड़ बढ़ गई। दोपहर तक मेडिसिन विभाग में मरीजों का आंकड़ा 400 के पार पहुंच गया, जबकि 12 घंटे में 85 मरीजों को इमरजेंसी वार्ड से अलग-अलग वार्डों में भर्ती कराया गया। अस्पताल में बढ़े मरीजों के चलते एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांच के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इससे वहां अव्यवस्था दिखी। तमाम मरीज जांच में चहेतों को तरजीह देने का आरोप लगा रहे थे। जबकि तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को इससे कोई लेना-देना नहीं था।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रही। सबसे अधिक दबाव मेडिसिन विभाग में रहा। चैंबर मरीजों से भरा था व बाहर खड़े मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दोपहर 12:30 बजे यहां का आंकड़ा 400 को पार कर गया था। डाॅक्टरों के अनुसार, मौसम में तेजी से बदलाव के कारण उल्टी, दस्त, डायरिया, सांस, शुगर, बीपी व हृदय रोग के मरीजों की संख्या अधिक रही।
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जांच काउंटरों पर व्यस्थाएं ध्वस्त
एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड काउंटर पर मरीजों की भीड़ के चलते वहां पैर रखने की जगह नहीं थी। धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। तमाम मरीज अपना पर्चा वापस मांग रहे थे। उनका कहना था कि काउंटर पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी अपने चहेतों की पहले जांच करा रहे हैं। जिनकी जान-पहचान नहीं है, उनके पर्चे इधर से उधर कर दिए जा रहे हैं। ऐसे में काफी परेशानी हो रही है।
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मरीज बोले
सुबह नौ बजे ही अस्पताल आ गया था। डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा तो तत्काल लाइन में लगकर पर्चा लगा दिया। दोपहर के एक बज चुके हैं, लेकिन मेरा नंबर नहीं आया। मेरे सामने कई लोग आए और सीधे अंदर चले गए। जब दूसरे मरीजों ने विरोध किया तो स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें धैर्य रखने की नसीहत दी। बिना पहचान वाले मरीजों की यहां कोई नहीं सुनता है। -शिवदयाल, छट्ठू कटया
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सुबह करीब आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। सीने में दर्द है। ओपीडी में डाॅक्टर ने सीने का एक्स-रे कराने की सलाह दी। वहां से पर्चा लेकर एक्स-रे काउंटर पर जमा कर दिया हूं। दोपहर एक बजे से अधिक समय हो रहा है, लेकिन अब तक मेरा नंबर नहीं आया है। एक्स-रे हो पाएगा या नहीं, असमंजस की स्थिति है। यहां कोई मरीजों की सुनने वाला नहीं है। -हफीजउल्लाह, महिलानगरी, खड्डा
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रही। सबसे अधिक दबाव मेडिसिन विभाग में रहा। चैंबर मरीजों से भरा था व बाहर खड़े मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दोपहर 12:30 बजे यहां का आंकड़ा 400 को पार कर गया था। डाॅक्टरों के अनुसार, मौसम में तेजी से बदलाव के कारण उल्टी, दस्त, डायरिया, सांस, शुगर, बीपी व हृदय रोग के मरीजों की संख्या अधिक रही।
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जांच काउंटरों पर व्यस्थाएं ध्वस्त
एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड काउंटर पर मरीजों की भीड़ के चलते वहां पैर रखने की जगह नहीं थी। धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। तमाम मरीज अपना पर्चा वापस मांग रहे थे। उनका कहना था कि काउंटर पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी अपने चहेतों की पहले जांच करा रहे हैं। जिनकी जान-पहचान नहीं है, उनके पर्चे इधर से उधर कर दिए जा रहे हैं। ऐसे में काफी परेशानी हो रही है।
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मरीज बोले
सुबह नौ बजे ही अस्पताल आ गया था। डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा तो तत्काल लाइन में लगकर पर्चा लगा दिया। दोपहर के एक बज चुके हैं, लेकिन मेरा नंबर नहीं आया। मेरे सामने कई लोग आए और सीधे अंदर चले गए। जब दूसरे मरीजों ने विरोध किया तो स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें धैर्य रखने की नसीहत दी। बिना पहचान वाले मरीजों की यहां कोई नहीं सुनता है। -शिवदयाल, छट्ठू कटया
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सुबह करीब आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। सीने में दर्द है। ओपीडी में डाॅक्टर ने सीने का एक्स-रे कराने की सलाह दी। वहां से पर्चा लेकर एक्स-रे काउंटर पर जमा कर दिया हूं। दोपहर एक बजे से अधिक समय हो रहा है, लेकिन अब तक मेरा नंबर नहीं आया है। एक्स-रे हो पाएगा या नहीं, असमंजस की स्थिति है। यहां कोई मरीजों की सुनने वाला नहीं है। -हफीजउल्लाह, महिलानगरी, खड्डा