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Kushinagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का हुआ निस्तारण
Sun, 11 May 2025 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 11 May 2025 01:57 AM IST
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पडरौना। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें कुल 1,08083 वादों का निस्तारण हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सुशील कुमार शशि ने किया। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाब सिंह-द्वितीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद, पीठासीन अधिकारी अनुरोध मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय इफराक अहमद, आनंद प्रकाश-तृतीय, परमेश्वर प्रसाद, अंगद प्रसाद-द्वितीय आदि न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 108083 वादों का निस्तारण किया गया है। इसमें फौजदारी के 8664 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 57610 रुपये की धनराशि वसूल कर राजकीय कोष में जमा कराया गया है। मोटर दुर्घटना से संबंधित 27 क्लेम का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 16895000 रुपये मुआवजा दिलवाया गया। पारिवारिक न्यायालयों की तरफ से 50 वादों का निस्तारण कर छह जोड़ों (पति-पत्नी) को एक साथ विदा किया गया। बैंक ऋण से संबंधित वादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंको की तरफ से कुल 1040 बैंक ऋण वादों का निस्तारण कर 90472319 रुपये टोकन मनी के रूप में ऋण धारियों से वसूल की गई। इसके अलावा 751 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
इस दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यपाल सिंह प्रेमी, दिनेश कुमार- द्वितीय, विजय कुमार वर्मा- द्वितीय, रामेश्वर दयाल, प्रभात सिंह, अजीत कुमार मिश्र, शान्तनु तनवर, सुनंदन गोयल, गीता त्रिपाठी, गोरख प्रसाद यादव, रमेश कुमार राय, केके पांडेय, महेंद्र प्रताप गोविंद्र राव, उपेंद्र कुमार पाठक, सुनील कुमार मिश्र, संजय कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सुशील कुमार शशि ने किया। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाब सिंह-द्वितीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद, पीठासीन अधिकारी अनुरोध मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय इफराक अहमद, आनंद प्रकाश-तृतीय, परमेश्वर प्रसाद, अंगद प्रसाद-द्वितीय आदि न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 108083 वादों का निस्तारण किया गया है। इसमें फौजदारी के 8664 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 57610 रुपये की धनराशि वसूल कर राजकीय कोष में जमा कराया गया है। मोटर दुर्घटना से संबंधित 27 क्लेम का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 16895000 रुपये मुआवजा दिलवाया गया। पारिवारिक न्यायालयों की तरफ से 50 वादों का निस्तारण कर छह जोड़ों (पति-पत्नी) को एक साथ विदा किया गया। बैंक ऋण से संबंधित वादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंको की तरफ से कुल 1040 बैंक ऋण वादों का निस्तारण कर 90472319 रुपये टोकन मनी के रूप में ऋण धारियों से वसूल की गई। इसके अलावा 751 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
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इस दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यपाल सिंह प्रेमी, दिनेश कुमार- द्वितीय, विजय कुमार वर्मा- द्वितीय, रामेश्वर दयाल, प्रभात सिंह, अजीत कुमार मिश्र, शान्तनु तनवर, सुनंदन गोयल, गीता त्रिपाठी, गोरख प्रसाद यादव, रमेश कुमार राय, केके पांडेय, महेंद्र प्रताप गोविंद्र राव, उपेंद्र कुमार पाठक, सुनील कुमार मिश्र, संजय कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
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