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बाल रोग विशेषज्ञ से उलझे एसआई का वीडियो हुआ वायरल
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बाल रोग विशेषज्ञ से उलझे एसआई का वीडियो हुआ वायरल
पडरौना। जिले में बुधवार को मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले एक निजी अस्पताल के डॉक्टर और पडरौना कोतवाली के एसआई के बीच हुई कहासुनी का मामला चर्चा में आ गया है। अस्पताल पहुंचकर जोर-जोर से बोल रहे एसआई कोविड गाइडलाइन का पालन कराने का हवाला दे रहे हैं तो वहीं डॉक्टर भी मरीजों की सुविधा की बात कह रहे हैं। इस मामले से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे को गलत ठहरा रहे हैं और अपनी-अपनी बात पर अड़े दिख रहे हैं। मामला सार्वजनिक होने के बाद पुलिस अफसर एसआई के बचाव में आ गए और कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती की बात कही जा रही है।
घटना पडरौना शहर के रामकोला रोड स्थित किलकारी हॉस्पिटल की है। बुधवार को दोपहर में पडरौना कोतवाली के एक एसआई कुछ पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल के अंदर पहुंचे। उन्होंने लॉकडाउन और कोविड संक्रमण से बचाव के लिए अस्पताल के बाहर और भीतर भीड़ न लगाए जाने की बात कही, जबकि डॉक्टर की तरफ से अस्पताल में मरीज कम होने की बात कही गई। डॉक्टर का कहना था कि कोविड संकट के इस दौर में बीमार बच्चों का इलाज भी जरूरी है। दूरदराज से जो भी मरीज आ रहे हैं, उनको बिना इलाज किए लौटा नहीं सकते। दोनों काफी देर तक अपना-अपना तर्क देते हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
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इस संबंध में अस्पताल के संचालक डॉ. कमलेश वर्मा का कहना है कि वह एनआईसीयू में भर्ती बच्चों को देख रहे थे। अस्पताल में कुछ गंभीर हालत में बच्चे भर्ती थे। इतने में एसआई के कुछ पुलिसकर्मियों के साथ आने की सूचना मिली। उन्होंने कक्ष में बैठाने और थोड़ी देर में मिलने को कहा। लेकिन एसआई की तरफ से तत्काल बुलाया जाने लगा। एसआई की तरफ से भीड़ हटाने पर जोर दिया जा रहा था, जबकि बारिश में न तो बच्चों को कहीं भेज सकते थे न ही उन्हें लेकर आए उनके घरवालों को। एसआई की तरफ से पार्किंग की व्यवस्था करने की बात कही जा रही थी।
इस संबंध में एसपी कुशीनगर सचिंद्र पटेल का कहना है कि वायरल वीडियो में डॉक्टर यह कहते दिख रहे हैं कि भीड़ हटाने के लिए कुछ नहीं कर सकते। ऐसा कहना उचित नहीं है। मरीजों का इलाज जरूरी है, लेकिन कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना हर किसी के लिए आवश्यक है। शुक्रवार से सभी अस्पतालों और प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जाएगी। यदि कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पडरौना। जिले में बुधवार को मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले एक निजी अस्पताल के डॉक्टर और पडरौना कोतवाली के एसआई के बीच हुई कहासुनी का मामला चर्चा में आ गया है। अस्पताल पहुंचकर जोर-जोर से बोल रहे एसआई कोविड गाइडलाइन का पालन कराने का हवाला दे रहे हैं तो वहीं डॉक्टर भी मरीजों की सुविधा की बात कह रहे हैं। इस मामले से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे को गलत ठहरा रहे हैं और अपनी-अपनी बात पर अड़े दिख रहे हैं। मामला सार्वजनिक होने के बाद पुलिस अफसर एसआई के बचाव में आ गए और कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती की बात कही जा रही है।
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घटना पडरौना शहर के रामकोला रोड स्थित किलकारी हॉस्पिटल की है। बुधवार को दोपहर में पडरौना कोतवाली के एक एसआई कुछ पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल के अंदर पहुंचे। उन्होंने लॉकडाउन और कोविड संक्रमण से बचाव के लिए अस्पताल के बाहर और भीतर भीड़ न लगाए जाने की बात कही, जबकि डॉक्टर की तरफ से अस्पताल में मरीज कम होने की बात कही गई। डॉक्टर का कहना था कि कोविड संकट के इस दौर में बीमार बच्चों का इलाज भी जरूरी है। दूरदराज से जो भी मरीज आ रहे हैं, उनको बिना इलाज किए लौटा नहीं सकते। दोनों काफी देर तक अपना-अपना तर्क देते हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
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इस संबंध में अस्पताल के संचालक डॉ. कमलेश वर्मा का कहना है कि वह एनआईसीयू में भर्ती बच्चों को देख रहे थे। अस्पताल में कुछ गंभीर हालत में बच्चे भर्ती थे। इतने में एसआई के कुछ पुलिसकर्मियों के साथ आने की सूचना मिली। उन्होंने कक्ष में बैठाने और थोड़ी देर में मिलने को कहा। लेकिन एसआई की तरफ से तत्काल बुलाया जाने लगा। एसआई की तरफ से भीड़ हटाने पर जोर दिया जा रहा था, जबकि बारिश में न तो बच्चों को कहीं भेज सकते थे न ही उन्हें लेकर आए उनके घरवालों को। एसआई की तरफ से पार्किंग की व्यवस्था करने की बात कही जा रही थी।
इस संबंध में एसपी कुशीनगर सचिंद्र पटेल का कहना है कि वायरल वीडियो में डॉक्टर यह कहते दिख रहे हैं कि भीड़ हटाने के लिए कुछ नहीं कर सकते। ऐसा कहना उचित नहीं है। मरीजों का इलाज जरूरी है, लेकिन कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना हर किसी के लिए आवश्यक है। शुक्रवार से सभी अस्पतालों और प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जाएगी। यदि कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।