{"_id":"60de086e8ebc3e0a217c2a48","slug":"didn-t-turn-away-from-the-service-wanting-to-die-kushinagar-news-gkp400302764","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान चाहे चली गई सेवा से मुंह नहीं मोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान चाहे चली गई सेवा से मुंह नहीं मोड़ा
विज्ञापन
जान चाहे चली गई सेवा से मुंह नहीं मोड़ा
पडरौना। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कुशीनगर इकाई की तरफ से डॉक्टर्स डे के अवसर पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में कोरोना महामारी के दौरान अपनी और परिजनों की जान जोखिम में डालकर मरीजों का उपचार करने तथा संक्रमित होने की वजह से शहीद हुए डॉक्टरों को श्रद्धांजलि दी गई। डॉक्टरों के संघर्ष के बारे में चर्चा की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. अजय शुक्ल ने ऑनलाइन गोष्ठी में कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में डॉक्टरों के अनुभव और संघर्षों पर चर्चा की। संक्रमण के दौरान कई अस्पतालों पर डॉक्टरों को लोगों के रोष का सामना भी करना पड़ा। इस विषम परिस्थिति में डॉक्टर अपने परिवार से दूर रहे। जोखिम के बीच भी मरीजों का उपचार करना नहीं छोड़ा। तमाम डॉक्टर संक्रमित होने के बाद ठीक हुए और दोबारा सेवा में लग गए तो कुछ शहीद हो गए। यह महामारी डॉक्टर व उनके परिवार के लोगों पर आफत बनकर टूटी, लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी।
इस गोष्ठी के अलावा आईएमए की तरफ से पडरौना शहर के उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस मौके पर संगठन की तरफ से 60 पौधे लगाए गए। ऑनलाइन गोष्ठी और पौधरोपण के दौरान शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी, डॉ. द्वारिका प्रसाद, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. केएन सिंह, सचिव डॉ. अजय शुक्ल, डॉ. वीके सिंह, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, डॉ. बीएन तिवारी, डॉ. केपी गौंड़, डॉ. अभिषेक शुक्ल, डॉ. सिद्घार्थ पांडेय, डॉ. वैभव ज्योति श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञानप्रकाश राय, डॉ. वाईके मद्घेशिया, डॉ. रामायण सिंह, डॉ. आरएस यादव, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. सीपी गुप्ता, एसके श्रीवास्तव सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कुशीनगर इकाई की तरफ से डॉक्टर्स डे के अवसर पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में कोरोना महामारी के दौरान अपनी और परिजनों की जान जोखिम में डालकर मरीजों का उपचार करने तथा संक्रमित होने की वजह से शहीद हुए डॉक्टरों को श्रद्धांजलि दी गई। डॉक्टरों के संघर्ष के बारे में चर्चा की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. अजय शुक्ल ने ऑनलाइन गोष्ठी में कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में डॉक्टरों के अनुभव और संघर्षों पर चर्चा की। संक्रमण के दौरान कई अस्पतालों पर डॉक्टरों को लोगों के रोष का सामना भी करना पड़ा। इस विषम परिस्थिति में डॉक्टर अपने परिवार से दूर रहे। जोखिम के बीच भी मरीजों का उपचार करना नहीं छोड़ा। तमाम डॉक्टर संक्रमित होने के बाद ठीक हुए और दोबारा सेवा में लग गए तो कुछ शहीद हो गए। यह महामारी डॉक्टर व उनके परिवार के लोगों पर आफत बनकर टूटी, लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी।
विज्ञापन
इस गोष्ठी के अलावा आईएमए की तरफ से पडरौना शहर के उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस मौके पर संगठन की तरफ से 60 पौधे लगाए गए। ऑनलाइन गोष्ठी और पौधरोपण के दौरान शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी, डॉ. द्वारिका प्रसाद, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. केएन सिंह, सचिव डॉ. अजय शुक्ल, डॉ. वीके सिंह, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, डॉ. बीएन तिवारी, डॉ. केपी गौंड़, डॉ. अभिषेक शुक्ल, डॉ. सिद्घार्थ पांडेय, डॉ. वैभव ज्योति श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञानप्रकाश राय, डॉ. वाईके मद्घेशिया, डॉ. रामायण सिंह, डॉ. आरएस यादव, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. सीपी गुप्ता, एसके श्रीवास्तव सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन