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Kushinagar News: देवोत्थान एकदशी पर श्रद्धालुओं ने की भगवान विष्णु की पूजा
Wed, 13 Nov 2024 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 13 Nov 2024 02:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सुख समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना के साथ सेवरही क्षेत्र में मंगलवार को देवोत्थान एकादशी का पर्व मनाया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उपवास रख कर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की।
क्षेत्र के कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला देवोत्थान एकादशी का पर्व भक्ति व आस्था के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के बाद उपवास रखकर ग्यारह प्रकार के फलों से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की। देवोत्थान एकादशी के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए गांधी नगर स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित नागेंद्रनाथ द्विवेदी ने बताया कि सनातन संस्कृति में देवोत्थान एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन चार महीने की योग निद्रा के बाद जागते हैं। इसके बाद मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है। इससे पाप का नाश, पुण्य की वृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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तमकुहीरोड। सुख समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना के साथ सेवरही क्षेत्र में मंगलवार को देवोत्थान एकादशी का पर्व मनाया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उपवास रख कर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की।
क्षेत्र के कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला देवोत्थान एकादशी का पर्व भक्ति व आस्था के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के बाद उपवास रखकर ग्यारह प्रकार के फलों से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की। देवोत्थान एकादशी के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए गांधी नगर स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित नागेंद्रनाथ द्विवेदी ने बताया कि सनातन संस्कृति में देवोत्थान एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन चार महीने की योग निद्रा के बाद जागते हैं। इसके बाद मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है। इससे पाप का नाश, पुण्य की वृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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