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Kushinagar News: कृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
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सलेमगढ़। तरया सुजान क्षेत्र के बहादुरपुर दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय पुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन सुना। कथा व्यास उपेन्द्र कृष्ण पाराशर जी ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी और बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण की माखन चोरी से जुड़ी रोचक लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक गोपी ने कान्हा को माखन चुराते हुए पकड़ लिया और उन्हें अपने घर में बांध दिया। इसके बाद वह शिकायत लेकर माता यशोदा के पास पहुंची। वहां पहुंचकर गोपी ने देखा कि श्रीकृष्ण माता यशोदा के पास ही मौजूद हैं। यह देखकर वह आश्चर्यचकित रह गई कि जिसे उसने अपने घर में माखन चोरी करते पकड़कर बांधा था, वही कृष्ण यहां कैसे मौजूद हैं। कथा के अनुसार, गोपी की शिकायत पर माता यशोदा ने उसे उलाहना देते हुए कहा कि उनका बालक तो घर में ही है और वह उनके पुत्र को झूठे आरोप में फंसा रही है। भगवान श्रीकृष्ण की इस अद्भुत बाल लीला का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा के मुख्य यजमान आजाद पटेल, रवि पटेल, रितेश ठाकुर, धनंजय यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण की माखन चोरी से जुड़ी रोचक लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक गोपी ने कान्हा को माखन चुराते हुए पकड़ लिया और उन्हें अपने घर में बांध दिया। इसके बाद वह शिकायत लेकर माता यशोदा के पास पहुंची। वहां पहुंचकर गोपी ने देखा कि श्रीकृष्ण माता यशोदा के पास ही मौजूद हैं। यह देखकर वह आश्चर्यचकित रह गई कि जिसे उसने अपने घर में माखन चोरी करते पकड़कर बांधा था, वही कृष्ण यहां कैसे मौजूद हैं। कथा के अनुसार, गोपी की शिकायत पर माता यशोदा ने उसे उलाहना देते हुए कहा कि उनका बालक तो घर में ही है और वह उनके पुत्र को झूठे आरोप में फंसा रही है। भगवान श्रीकृष्ण की इस अद्भुत बाल लीला का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा के मुख्य यजमान आजाद पटेल, रवि पटेल, रितेश ठाकुर, धनंजय यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
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