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मतगणना में देरी, अव्यवस्था से हुई परेशानी
ब्यूरो, अमर उजाला कुशीनगर
Updated Mon, 02 Nov 2015 12:43 AM IST
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जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के पक्ष में पड़े वोटों की गिनती रविवार को गहमागहमी के बीच शुरू हुई। इस दौरान कुछ स्थानों पर गणना देर से शुरू हुई। जबकि कुछ स्थानों पर अव्यवस्था देखने को मिली।
देर शाम तक जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी और उनकी अभिकर्ता परिणाम जानने के लालायित दिखे, पर परिणाम तो दूर, रुझान तक नहीं मिल पा रहा था। एक वार्ड में मतगणना कर्मचारियों के लिए दी गई सूची में प्रत्याशी का नाम और सिंबल ही गायब न होने के कारण वोटों की गिनती नहीं हो रही थी।
जिस पर उसने हंगामा किया। विशुनपुरा ब्लॉक में बीडीओ ने मतगणना पूरी होने से पहले ही परिणाम घोषित कर दिया, जिसको लेकर हंगामा हुआ। दस मिनट तक मतगणना ठप रही। बाद में बचे मतों की गिनती हुई।
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पडरौना ब्लॉक के वोटों की गिनती नगर के उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज में हुई। यहां मतों की गिनती अपेक्षाकृत धीमी रही। शाम को करीब पौने चार बजे तक केवल 36 वार्डों के परिणाम घोषित हो पाए थे। मतगणना की सबसे सुस्त गति जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के पक्ष में पड़े मतों की गिनती की रही।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेहरू इंटर कॉलेज मंसाछापर में मतगणना के दौरान काफी अव्यवस्था दिखी। मतगणना निर्धारित समय आठ बजे की बजाए 08.45 बजे से शुरू हुई। कुछ अभिकर्ताओं के मतगणना स्थल तक पहुंच जाने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
यहां लापरवाही का आलम यह रहा कि मतगणना पूरी हुए बिना ही परिणाम सुना दिया। इस पर वहां मौजूद प्रत्याशियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि दो चरणों की मतगणना बाकी है, फिर परिणाम क्यों घोषित किया गया। कुछ प्रत्याशी मतगणना में दुव्र्यवस्था की आशंका जताने लगे।
वहां दस मिनट तक मतगणना बाधित रही। बाद में बीडीओ के आश्वासन पर मतगणना फिर शुरू की गई। मतगणना की गति काफी धीमी होने के कारण अभिकर्ता और प्रत्याशी परेशान नजर आए। रुझान भी समय से नहीं मिल रहा था। मतगणना स्थल पर कुछ बाहरी लोग भी दिखे।
दोपहर बाद रुझान मिलना शुरू हुआ। यहां दस घंटे में यानि शाम छह बजे तक केवल 17 वार्डों की गिनती हो पाई थी। तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर ब्लॉक की मतगणना भी काफी सुस्त रही। दोपहर एक बजे तक केवल चार प्रत्याशियों के विजयी होने की घोषणा हुई थी।
इससे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में बेचैनी देखी गई। जायजा लेने पहुंचे डीएम लोकेश एम और एसपी अतुल शर्मा ने मतगणना कार्मियों को तेजी लाने का निर्देश दिया।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार आदर्श एंग्लो इंटर कॉलेज में बने मतगणना स्थल पर मौजूद कुछ अभिकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर-56 की प्रत्याशी के पति वार्ड नंबर-55 में मतगणना ड्यूटी पर हैं। उन लोगों ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए आपत्ति जताई, जिस पर मौजूद अधिकारियों ने मतगणना निष्पक्ष कराने का आश्वासन देकर शांत कराया।
दुदही क्षेत्र के ही सुभाष कुशवाहा नाम के प्रत्याशी का आरोप था कि मतगणना कार्मियों को दिए गए प्रारूप में उनका चुनाव चिह्न और नाम छूट गया है। जिससे उन्हें मिले वोटों की गिनती नहीं दर्शायी जा रही है।
11 की बजाय 10 ही सिंबल थे। सूचना मिलने पर पहुंचे डीएम और एसपी से उन्होंने शिकायत की। इस संबंध में आरओ एसी श्रीवास्तव ने बताया कि दुदही क्षेत्र के खलवापट्टी गांव के प्रत्याशी का नाम और सिंबल प्रारूप में न होने की बात सामने आयी। प्रत्याशी ने पहले इस बारे में शिकायत नहीं की थी।
उसने मतगणना स्थल पर ही यह आरोप लगाया। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी, उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार जोगिया सोमाली गांव की मतपेटी खुली तो उसमें एक बैलेट पेपर पर अंगूठे का निशान लगा था। मतगणनाकार्मिक उसे अवैध बताकर निरस्त कर दिए।
इस पर संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने हंगामा किया। वहां आरओ और एआरओ पहुंचे, मतगणनाकार्मिकों से बातचीत के बाद उसे अवैध घोषित कर दिया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक की मतगणना भी काफी धीमी थी। प्रत्याशी और उनके अभिकर्ता चुनाव परिणाम जानने के लिए परेशान थे। इसी तरह जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में बने मतगणना स्थलों पर ऐसी कई शिकायतें प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की रही।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के वोटों की गिनती निर्धारित समय से एक घंटा विलंब से हुई।
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देर शाम तक जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी और उनकी अभिकर्ता परिणाम जानने के लालायित दिखे, पर परिणाम तो दूर, रुझान तक नहीं मिल पा रहा था। एक वार्ड में मतगणना कर्मचारियों के लिए दी गई सूची में प्रत्याशी का नाम और सिंबल ही गायब न होने के कारण वोटों की गिनती नहीं हो रही थी।
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जिस पर उसने हंगामा किया। विशुनपुरा ब्लॉक में बीडीओ ने मतगणना पूरी होने से पहले ही परिणाम घोषित कर दिया, जिसको लेकर हंगामा हुआ। दस मिनट तक मतगणना ठप रही। बाद में बचे मतों की गिनती हुई।
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पडरौना ब्लॉक के वोटों की गिनती नगर के उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज में हुई। यहां मतों की गिनती अपेक्षाकृत धीमी रही। शाम को करीब पौने चार बजे तक केवल 36 वार्डों के परिणाम घोषित हो पाए थे। मतगणना की सबसे सुस्त गति जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के पक्ष में पड़े मतों की गिनती की रही।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेहरू इंटर कॉलेज मंसाछापर में मतगणना के दौरान काफी अव्यवस्था दिखी। मतगणना निर्धारित समय आठ बजे की बजाए 08.45 बजे से शुरू हुई। कुछ अभिकर्ताओं के मतगणना स्थल तक पहुंच जाने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
यहां लापरवाही का आलम यह रहा कि मतगणना पूरी हुए बिना ही परिणाम सुना दिया। इस पर वहां मौजूद प्रत्याशियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि दो चरणों की मतगणना बाकी है, फिर परिणाम क्यों घोषित किया गया। कुछ प्रत्याशी मतगणना में दुव्र्यवस्था की आशंका जताने लगे।
वहां दस मिनट तक मतगणना बाधित रही। बाद में बीडीओ के आश्वासन पर मतगणना फिर शुरू की गई। मतगणना की गति काफी धीमी होने के कारण अभिकर्ता और प्रत्याशी परेशान नजर आए। रुझान भी समय से नहीं मिल रहा था। मतगणना स्थल पर कुछ बाहरी लोग भी दिखे।
दोपहर बाद रुझान मिलना शुरू हुआ। यहां दस घंटे में यानि शाम छह बजे तक केवल 17 वार्डों की गिनती हो पाई थी। तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर ब्लॉक की मतगणना भी काफी सुस्त रही। दोपहर एक बजे तक केवल चार प्रत्याशियों के विजयी होने की घोषणा हुई थी।
इससे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में बेचैनी देखी गई। जायजा लेने पहुंचे डीएम लोकेश एम और एसपी अतुल शर्मा ने मतगणना कार्मियों को तेजी लाने का निर्देश दिया।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार आदर्श एंग्लो इंटर कॉलेज में बने मतगणना स्थल पर मौजूद कुछ अभिकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर-56 की प्रत्याशी के पति वार्ड नंबर-55 में मतगणना ड्यूटी पर हैं। उन लोगों ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए आपत्ति जताई, जिस पर मौजूद अधिकारियों ने मतगणना निष्पक्ष कराने का आश्वासन देकर शांत कराया।
दुदही क्षेत्र के ही सुभाष कुशवाहा नाम के प्रत्याशी का आरोप था कि मतगणना कार्मियों को दिए गए प्रारूप में उनका चुनाव चिह्न और नाम छूट गया है। जिससे उन्हें मिले वोटों की गिनती नहीं दर्शायी जा रही है।
11 की बजाय 10 ही सिंबल थे। सूचना मिलने पर पहुंचे डीएम और एसपी से उन्होंने शिकायत की। इस संबंध में आरओ एसी श्रीवास्तव ने बताया कि दुदही क्षेत्र के खलवापट्टी गांव के प्रत्याशी का नाम और सिंबल प्रारूप में न होने की बात सामने आयी। प्रत्याशी ने पहले इस बारे में शिकायत नहीं की थी।
उसने मतगणना स्थल पर ही यह आरोप लगाया। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी, उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार जोगिया सोमाली गांव की मतपेटी खुली तो उसमें एक बैलेट पेपर पर अंगूठे का निशान लगा था। मतगणनाकार्मिक उसे अवैध बताकर निरस्त कर दिए।
इस पर संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने हंगामा किया। वहां आरओ और एआरओ पहुंचे, मतगणनाकार्मिकों से बातचीत के बाद उसे अवैध घोषित कर दिया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक की मतगणना भी काफी धीमी थी। प्रत्याशी और उनके अभिकर्ता चुनाव परिणाम जानने के लिए परेशान थे। इसी तरह जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में बने मतगणना स्थलों पर ऐसी कई शिकायतें प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की रही।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के वोटों की गिनती निर्धारित समय से एक घंटा विलंब से हुई।