{"_id":"62e02dd0cc4b371aa03f2b8c","slug":"cruption-kushinagar-news-gkp4450422140","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक करोड़ 85 लाख रुपये के गबन करने का आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक करोड़ 85 लाख रुपये के गबन करने का आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक करोड़ 85 लाख रुपये के गबन करने का आरोपी गिरफ्तार
पडरौना (कुशीनगर)। सऊदी अरब से एक करोड़ 85 लाख रुपये का गबन करके भागे वारंटी को एसटीएफ की मदद से कसया पुलिस ने मंगलवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी तीन माह से बिहार में छिपा हुआ था। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सउदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा था।
कसया के वीर अब्दुल हमीद नगर (पिपरहिया) निवासी ताहिर और सऊदी नागरिक हसन रवि अल सामेरी व्यावसायिक दोस्त हैं। दोनों सऊदी अरब में आयुर्वेद की दुकान चलाते हैं। उसी दुकान पर कसया के पिपरहिया का रफीक शाह सेल्समैन के रूप में काम करता था। कोरोना में लॉक डाउन में रफीक ही सारा कारोबार संभाल रहा था। आरोप है कि तब उसने जालसाजी करके दुकान की बिक्री का एक करोड़ 85 लाख रुपया हवाला के जरिए घर भेज दिया। इसके बाद वह भागकर बिहार में जाकर छिप गया। इस मामले में ताहिर के पिता यूनुस खान ने तीन नवंबर 2021 को कसया थाना में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच पड़ताल कर मामले में चार्जशीट भेज दिया। न्यायालय की नोटिस के बाद आरोपी रफीक कोर्ट में पेश नहीं हुआ। तीन माह पूर्व कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। कसया पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी तो उसने गोरखपुर एसटीएफ से मदद मांगी। इस संबंध में एसएचओ डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि न्यायालय के वारंट पर रफीक को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
पडरौना (कुशीनगर)। सऊदी अरब से एक करोड़ 85 लाख रुपये का गबन करके भागे वारंटी को एसटीएफ की मदद से कसया पुलिस ने मंगलवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी तीन माह से बिहार में छिपा हुआ था। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सउदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा था।
कसया के वीर अब्दुल हमीद नगर (पिपरहिया) निवासी ताहिर और सऊदी नागरिक हसन रवि अल सामेरी व्यावसायिक दोस्त हैं। दोनों सऊदी अरब में आयुर्वेद की दुकान चलाते हैं। उसी दुकान पर कसया के पिपरहिया का रफीक शाह सेल्समैन के रूप में काम करता था। कोरोना में लॉक डाउन में रफीक ही सारा कारोबार संभाल रहा था। आरोप है कि तब उसने जालसाजी करके दुकान की बिक्री का एक करोड़ 85 लाख रुपया हवाला के जरिए घर भेज दिया। इसके बाद वह भागकर बिहार में जाकर छिप गया। इस मामले में ताहिर के पिता यूनुस खान ने तीन नवंबर 2021 को कसया थाना में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच पड़ताल कर मामले में चार्जशीट भेज दिया। न्यायालय की नोटिस के बाद आरोपी रफीक कोर्ट में पेश नहीं हुआ। तीन माह पूर्व कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। कसया पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी तो उसने गोरखपुर एसटीएफ से मदद मांगी। इस संबंध में एसएचओ डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि न्यायालय के वारंट पर रफीक को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
विज्ञापन