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विद्यालय के पास चलती है मदिरा की दुकान
kushinagar
Updated Mon, 07 Nov 2016 10:52 PM IST
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लापरवाही
- फोटो : santosh verma
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जटहा बाजार। आबकारी विभाग की मनमानी के चलते जटहां बाजार के जूनियर हाईस्कूल के बगल में ही अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान खोल दी गई है। बिहार में शराबबंदी के बाद इन दोनों दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। दारू पीने आने वाले लोग अक्सर स्कूल परिसर में ही बैठ जाते हैं। बच्चों पर पड़ने वाले इसके बुरे असर को देखते हुए अभिभावक और अन्य लोग इन दुकानों को हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अफसर इस पर ध्यान नहीं देते।
जटहा बाजार के मुख्य मार्ग पर परिषदीय जूनियर विद्यालय है। यहां से महज 50 मीटर दूरी पर प्राथमिक विद्यालय भी है। जूनियर विद्यालय के मुख्य गेट से सटे ही अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान चलती है। दोनों दुकानों का लाइसेंस आबकारी विभाग ने ही जारी किया है, जबकि शासन ने विद्यालय और धार्मिक स्थल से 500 मीटर की परिधि में शराब की दुकान पर पाबंदी लगा रखी है। लोगों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने और बॉर्डर से सटे इस बाजार की मदिरा की दुकानों पर भीड़ कई गुना बढ़ गई है। दुकान खुलते ही शराब पीने वाले यहां पहुंचना शुरू कर देते हैं और देर रात तक आवाजाही लगी रहती है। अक्सर नशे में धुत लोगों के बीच गाली गलौज और मारपीट होती रहती है। विद्यालय से सटे ही शराब की दुकान होने के कारण कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों में लिखवा दिया है। करीब एक वर्ष से चल रही इस शराब को दुकान को हटवाने के लिए अभिभावकों के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भी पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विशुनपुरा के बीईओ सुरेंद्र नाथ प्रजापति का कहना है कि दुकान यहां से हटवाने के लिए उन्होंने खुद उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था। परंतु इस पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी राज शेखर उपाध्याय का कहना है कि हो सकता है कि दुकानदार ने अनुबंध में जो चौहद्दी दर्शाई हो उससे हटकर दुकान खोल दी है। इसकी जांच कराकर दुकान को स्कूल से दूर हटवाया जाएगा।
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जटहा बाजार के मुख्य मार्ग पर परिषदीय जूनियर विद्यालय है। यहां से महज 50 मीटर दूरी पर प्राथमिक विद्यालय भी है। जूनियर विद्यालय के मुख्य गेट से सटे ही अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान चलती है। दोनों दुकानों का लाइसेंस आबकारी विभाग ने ही जारी किया है, जबकि शासन ने विद्यालय और धार्मिक स्थल से 500 मीटर की परिधि में शराब की दुकान पर पाबंदी लगा रखी है। लोगों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने और बॉर्डर से सटे इस बाजार की मदिरा की दुकानों पर भीड़ कई गुना बढ़ गई है। दुकान खुलते ही शराब पीने वाले यहां पहुंचना शुरू कर देते हैं और देर रात तक आवाजाही लगी रहती है। अक्सर नशे में धुत लोगों के बीच गाली गलौज और मारपीट होती रहती है। विद्यालय से सटे ही शराब की दुकान होने के कारण कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों में लिखवा दिया है। करीब एक वर्ष से चल रही इस शराब को दुकान को हटवाने के लिए अभिभावकों के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भी पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विशुनपुरा के बीईओ सुरेंद्र नाथ प्रजापति का कहना है कि दुकान यहां से हटवाने के लिए उन्होंने खुद उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था। परंतु इस पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी राज शेखर उपाध्याय का कहना है कि हो सकता है कि दुकानदार ने अनुबंध में जो चौहद्दी दर्शाई हो उससे हटकर दुकान खोल दी है। इसकी जांच कराकर दुकान को स्कूल से दूर हटवाया जाएगा।
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