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कोतवाली में प्रदर्शन करने वालों को खदेड़ा
kushinagar
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:10 AM IST
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अपराध
- फोटो : santosh verma
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पडरौना/जटहां बाजार। सीलिंग की भूमि को लेकर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सिंगापट्टी गांव में चल रहा विवाद सोमवार को मारपीट तक पहुंच गया। इसे लेकर पूर्व और वर्तमान ग्राम प्रधान में हाथापाई तक हो गई। पुलिस दो व्यक्तियों को पकड़कर कोतवाली ले आई तो पूर्व प्रधान के समर्थक हाथ में लाठी-डंडे लेकर यहां भी पहुंच गए। कोतवाली परिसर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने दौड़ा लिया। इससे वहां कुछ देर के लिए भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोग तो भाग निकले, लेकिन पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशन पर खड़ी की गई उनकी सभी ट्रैक्टर-ट्राली कोतवाली लेकर चले आए।
सिंगापट्टी गांव के बांसी टोला पर सीलिंग की भूमि है, जिस पर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। आरोप है कि पूर्व प्रधान सोमवार को करीब नौ बजे अपने कुछ समर्थकों के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे और कब्जा कराने लगे। इसकी जानकारी होने पर वर्तमान ग्राम प्रधान महादेव प्रसाद ने बांसी पुलिस चौकी और पडरौना कोतवाली को सूचना दी। उसके बाद वे कब्जा रोकने चले गए। वर्तमान और पूर्व ग्राम प्रधान में इसे लेकर हाथापाई हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक भी उलझ गए। इस पर वर्तमान प्रधान पक्ष के लोगों ने पूर्व ग्राम प्रधान को दौड़ा लिया। माहौल बिगड़ने की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस पूर्व प्रधान के दो भतीजों को पकड़कर कोतवाली ले आई।
इससे नाराज पूर्व प्रधान के पक्ष के लोग ट्रैक्टर ट्राली से पडरौना कोतवाली पहुंचे। वाहन रेलवे स्टेशन के निकट खड़ा करके कोतवाली पहुंचे और गेट के अंदर चले गए। वहां पहले से रूट मार्च की तैयारी में जुटी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिस पर वे नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा लिया। इससे कोतवाली के सामने भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रदर्शन करने पहुंचे लोग भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस उनका ट्रैक्टर ट्राली लेकर कोतवाली चली आई।
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इस संबंध में सीओ सदर शशिशेखर सिंह का कहना था कि सिंगापट्टी गांव की सरकारी जमीन पर पूर्व प्रधान के कुछ समर्थक कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसे रोकने को लेकर मारपीट हुई। वे लोग पडरौना कोतवाली में भी लाठी डंडे लेकर प्रदर्शन करने आए थे। उन्हें खदेड़ा गया। दो व्यक्तियों को पकड़ा गया है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने और थाने में प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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सिंगापट्टी गांव के बांसी टोला पर सीलिंग की भूमि है, जिस पर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। आरोप है कि पूर्व प्रधान सोमवार को करीब नौ बजे अपने कुछ समर्थकों के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे और कब्जा कराने लगे। इसकी जानकारी होने पर वर्तमान ग्राम प्रधान महादेव प्रसाद ने बांसी पुलिस चौकी और पडरौना कोतवाली को सूचना दी। उसके बाद वे कब्जा रोकने चले गए। वर्तमान और पूर्व ग्राम प्रधान में इसे लेकर हाथापाई हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक भी उलझ गए। इस पर वर्तमान प्रधान पक्ष के लोगों ने पूर्व ग्राम प्रधान को दौड़ा लिया। माहौल बिगड़ने की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस पूर्व प्रधान के दो भतीजों को पकड़कर कोतवाली ले आई।
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इससे नाराज पूर्व प्रधान के पक्ष के लोग ट्रैक्टर ट्राली से पडरौना कोतवाली पहुंचे। वाहन रेलवे स्टेशन के निकट खड़ा करके कोतवाली पहुंचे और गेट के अंदर चले गए। वहां पहले से रूट मार्च की तैयारी में जुटी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिस पर वे नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा लिया। इससे कोतवाली के सामने भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रदर्शन करने पहुंचे लोग भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस उनका ट्रैक्टर ट्राली लेकर कोतवाली चली आई।
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इस संबंध में सीओ सदर शशिशेखर सिंह का कहना था कि सिंगापट्टी गांव की सरकारी जमीन पर पूर्व प्रधान के कुछ समर्थक कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसे रोकने को लेकर मारपीट हुई। वे लोग पडरौना कोतवाली में भी लाठी डंडे लेकर प्रदर्शन करने आए थे। उन्हें खदेड़ा गया। दो व्यक्तियों को पकड़ा गया है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने और थाने में प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।