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नरायनपुर में 25 लोगों के घर जले
कुशीनगर
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:49 PM IST
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मोतीचक ब्लॉक के नारायनपुर गांव में आग लगने से जले घर।
- फोटो : अमर उजाला
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हाटा। मोतीचक विकासखंड के नरायनपुर गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर के समय लगी आग की चपेट में 25 घर आ गए। आग की चपेट में आने से कई पक्के भवनों के अंदर रखे सामान भी जलकर नष्ट हो गए।
पहले गांववालों और बाद में फायर ब्रिगेड के लोगों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग की सूचना मिलने पर राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह गांव में पहुंचे। दोपहर के समय गांव के पूर्वी छोर पर स्थित एक घर में सबसे पहले आग लगी।
हवा के तेज झाेंके से आग की चिंगारी दूर-दूर छिटकने लगी। झोपड़ी के घरों और पक्के मकानों के छतों पर रखे गन्ने के सूखे पत्ते, सरसों के डंठल आदि पर गिरी चिंगारी से आग को विकराल रूप धारण करते देर नहीं लगी।
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देखते ही देखते गांव के 25 घर आग की चपेट में आ गए। चारो ओर चीख पुकार मच गई। गांव में मौजूद लोगों ने पहले तो बाल्टियों में पानी भर-भर कर आग पर फेंकना शुरू किया लेकिन बाल्टी के पानी से आग पर कोई असर नहीं हो रहा था। इस पर लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।
साथ ही पंपसेटों को चालू कर आग पर काबू करने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे बाद गांव में फायर ब्रिगेड के लोग पहुंचे तो गांव के लोगों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा करने लगे। हालांकि बाद में फायर ब्रिगेड ने गांववालों के सहयोग से कड़ी मेहनत करके आग पर काबू किया।
जब तक आग पर काबू किया जाता, तब तक आग की चपेट में आए झोपड़ियों और पक्के घरों में रखे सामान जल कर नष्ट हो चुके थे। आग की चपेट में आने से करीब एक दर्जन मवेशी भी झुलसकर मर गए। आग की चपेट में आने से एक ट्रैक्टर, पंपसेट मशीन भी जल गए।
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पहले गांववालों और बाद में फायर ब्रिगेड के लोगों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग की सूचना मिलने पर राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह गांव में पहुंचे। दोपहर के समय गांव के पूर्वी छोर पर स्थित एक घर में सबसे पहले आग लगी।
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हवा के तेज झाेंके से आग की चिंगारी दूर-दूर छिटकने लगी। झोपड़ी के घरों और पक्के मकानों के छतों पर रखे गन्ने के सूखे पत्ते, सरसों के डंठल आदि पर गिरी चिंगारी से आग को विकराल रूप धारण करते देर नहीं लगी।
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देखते ही देखते गांव के 25 घर आग की चपेट में आ गए। चारो ओर चीख पुकार मच गई। गांव में मौजूद लोगों ने पहले तो बाल्टियों में पानी भर-भर कर आग पर फेंकना शुरू किया लेकिन बाल्टी के पानी से आग पर कोई असर नहीं हो रहा था। इस पर लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।
साथ ही पंपसेटों को चालू कर आग पर काबू करने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे बाद गांव में फायर ब्रिगेड के लोग पहुंचे तो गांव के लोगों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा करने लगे। हालांकि बाद में फायर ब्रिगेड ने गांववालों के सहयोग से कड़ी मेहनत करके आग पर काबू किया।
जब तक आग पर काबू किया जाता, तब तक आग की चपेट में आए झोपड़ियों और पक्के घरों में रखे सामान जल कर नष्ट हो चुके थे। आग की चपेट में आने से करीब एक दर्जन मवेशी भी झुलसकर मर गए। आग की चपेट में आने से एक ट्रैक्टर, पंपसेट मशीन भी जल गए।