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16 लोगों के खिलाफ लगाया गया गैंगेस्टर
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:16 AM IST
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बसहिया गांव।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के बसहिया गांव में मंगलवार को आठ थाने की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों को लगाकर की गई छापेमारी के बाद दूसरे दिन भी दहशत बनी रही। गांव में बच्चे और बुजुर्गों को छोड़कर अन्य लोग नजर नहीं आए। गांव के बाहर पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान बुधवार को भी तैनात रहे। वहीं पुलिस ने बुधवार को दूसरे दिन भी गांव से पांच गायों के साथ पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए इन व्यक्तियों के पास पशुओं को काटने में प्रयुक्त होने वाले औजार मिले हैं। पुलिस ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर उन पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
बसहिया गांव में मंगलवार की सुबह सात बजे एसपी यमुना प्रसाद की अगुवाई में एएसपी हरिगोविंद, सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह, कोतवाल विजयराज सिंह, स्वॉट टीम, महिला पुलिस और पीएसी के जवानों सहित आठ थानों की पुलिसफोर्स ने गांव में छापा मारा था। शाम करीब साढ़े चार बजे तक चली कार्रवाई में इस गांव से करीब 20 क्विंटल मांस, 500 से अधिक पशुओं की खाल और लगभग सात ट्राली हड्डियां बरामद हुई थीं। वहां से 12 गोवंशीय पशु भी मिले। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने बिना लाइंसेंस के संचालित हो रहे दर्जन भर बूचड़खानों को ध्वस्त कर दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई से गांववाले बुधवार को दूसरे दिन भी दहशत में रहे।गांव के बाहर पुलिस और पीएसी के जवान बुधवार को भी तैनात रहे। चूंकि पुलिस ने मंगलवार की रात में 11 नामजद और 20 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, इसलिए कार्रवाई के डर से बच्चों और बुजुर्गों को छोड़कर अधिकांश लोग गांव से बाहर रहे। इस वजह से गांव में सन्नाटा छाया रहा।
कोतवाल ने बताया
कोतवाल विजयराज सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर में भी पुलिस टीम गांव में गई थी। वहां किनारे पांच व्यक्ति पांच गायों के साथ पकड़े गए, जिन्होंने पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया। उनके पास पशु काटने के औंजार भी मिले। उन्हें कोतवाली लाया गया। उन व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, गोवध निवारण अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को बसहिया से पकड़े गए इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई है।
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इस संबंध में एसपी यमुना प्रसाद का कहना था कि बसहिया में इतनी बड़ी कार्रवाई गांव के कुछ जागरुक और नेकदिल लोगों के सहयोग से हो सकी। क्योंकि मस्जिद के आगे पुलिस कभी बढ़ नहीं पायी थी। उन जागरुक लोगों की मदद से पुलिस वहां तक पहुंची, जहां पशुओं की हड्डियां और खाल छुपाकर रखी गई थी। एसपी का कहना था कि बसहिया में जिनके बूचड़खाने घरों से बाहर थे, उन्हें नष्ट कर दिया, लेकिन बहुत से लोग अपने घरों में ही बूचड़खाना बना रखे हैं और उसमें निवास भी करते हैं, इसलिए वहां बूचड़खाने क्षतिग्रस्त नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि बसहिया में मांस बेचने में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ न केवल गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा रही है, बल्कि उनकी जमीन भी कुर्क कराई जाएगी।
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बसहिया गांव में मंगलवार की सुबह सात बजे एसपी यमुना प्रसाद की अगुवाई में एएसपी हरिगोविंद, सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह, कोतवाल विजयराज सिंह, स्वॉट टीम, महिला पुलिस और पीएसी के जवानों सहित आठ थानों की पुलिसफोर्स ने गांव में छापा मारा था। शाम करीब साढ़े चार बजे तक चली कार्रवाई में इस गांव से करीब 20 क्विंटल मांस, 500 से अधिक पशुओं की खाल और लगभग सात ट्राली हड्डियां बरामद हुई थीं। वहां से 12 गोवंशीय पशु भी मिले। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने बिना लाइंसेंस के संचालित हो रहे दर्जन भर बूचड़खानों को ध्वस्त कर दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई से गांववाले बुधवार को दूसरे दिन भी दहशत में रहे।गांव के बाहर पुलिस और पीएसी के जवान बुधवार को भी तैनात रहे। चूंकि पुलिस ने मंगलवार की रात में 11 नामजद और 20 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, इसलिए कार्रवाई के डर से बच्चों और बुजुर्गों को छोड़कर अधिकांश लोग गांव से बाहर रहे। इस वजह से गांव में सन्नाटा छाया रहा।
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कोतवाल ने बताया
कोतवाल विजयराज सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर में भी पुलिस टीम गांव में गई थी। वहां किनारे पांच व्यक्ति पांच गायों के साथ पकड़े गए, जिन्होंने पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया। उनके पास पशु काटने के औंजार भी मिले। उन्हें कोतवाली लाया गया। उन व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, गोवध निवारण अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को बसहिया से पकड़े गए इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई है।
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इस संबंध में एसपी यमुना प्रसाद का कहना था कि बसहिया में इतनी बड़ी कार्रवाई गांव के कुछ जागरुक और नेकदिल लोगों के सहयोग से हो सकी। क्योंकि मस्जिद के आगे पुलिस कभी बढ़ नहीं पायी थी। उन जागरुक लोगों की मदद से पुलिस वहां तक पहुंची, जहां पशुओं की हड्डियां और खाल छुपाकर रखी गई थी। एसपी का कहना था कि बसहिया में जिनके बूचड़खाने घरों से बाहर थे, उन्हें नष्ट कर दिया, लेकिन बहुत से लोग अपने घरों में ही बूचड़खाना बना रखे हैं और उसमें निवास भी करते हैं, इसलिए वहां बूचड़खाने क्षतिग्रस्त नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि बसहिया में मांस बेचने में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ न केवल गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा रही है, बल्कि उनकी जमीन भी कुर्क कराई जाएगी।