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धर्मस्थल परिसर में आग लगने से तनाव
कुशीनगर
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:57 PM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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पिपरा बाजार। बरवा पुर्दिल गांव के पास गेहूं की फसल के अवशेष जलाने के बाद उससे निकली चिंगारी बृहस्पतिवार को दोपहर में धर्मस्थल के पास पहुंच गई, जिससे धर्मस्थल परिसर में एक झोपड़ी जल गई। इसके बाद दो पक्षों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने तनाव कम करने के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और उसके बाद दोनों वर्गों के लोगों को समझाकर विवाद शांत कराया। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के बरवा पुर्दिल, मिठहा माफ ी और मोतीपुर गांवों की सीमा पर स्थित एक धर्मस्थल के परिसर में बनी झोपड़ी में बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक आग लग गई।
जानकारी होते ही बहुत से लोग एकत्र हो गए और आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। तनाव बढ़ते देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। एसओ शैलेष सिंह अपने मातहतों के साथ धर्मस्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।
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एक पक्ष के लोगों का आरोप था कि धर्मस्थल की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आग लगाई गई है, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों का कहना था कि धर्मस्थल के करीब खेत में गेहूं की फसल के अवशेष जलाने के दौरान दुर्घटनावश आग की चिंगारी परिसर तक पहुंच गई। गौरतलब है कि बुधवार की देर शाम खेत में गेहूं के अवशेष जलाए गए थे।
मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। आखिर में एक पक्ष के लोगों ने धर्मस्थल परिसर में हुई क्षति की भरपाई की पेशकश की और बांस, फूस उपलब्ध कराने का वादा किया। इस संबंध में एसओ शैलेष सिंह ने कहा कि असावधानी के कारण धर्मस्थल परिसर स्थित एक झोपड़ी में आग लग गई थी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने तनाव कम करने के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और उसके बाद दोनों वर्गों के लोगों को समझाकर विवाद शांत कराया। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के बरवा पुर्दिल, मिठहा माफ ी और मोतीपुर गांवों की सीमा पर स्थित एक धर्मस्थल के परिसर में बनी झोपड़ी में बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक आग लग गई।
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जानकारी होते ही बहुत से लोग एकत्र हो गए और आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया। तनाव बढ़ते देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। एसओ शैलेष सिंह अपने मातहतों के साथ धर्मस्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।
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एक पक्ष के लोगों का आरोप था कि धर्मस्थल की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आग लगाई गई है, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों का कहना था कि धर्मस्थल के करीब खेत में गेहूं की फसल के अवशेष जलाने के दौरान दुर्घटनावश आग की चिंगारी परिसर तक पहुंच गई। गौरतलब है कि बुधवार की देर शाम खेत में गेहूं के अवशेष जलाए गए थे।
मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। आखिर में एक पक्ष के लोगों ने धर्मस्थल परिसर में हुई क्षति की भरपाई की पेशकश की और बांस, फूस उपलब्ध कराने का वादा किया। इस संबंध में एसओ शैलेष सिंह ने कहा कि असावधानी के कारण धर्मस्थल परिसर स्थित एक झोपड़ी में आग लग गई थी।