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दो दिन बाद गुरुग्राम से घर लाया गया लालबाबू रौनियार का शव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:01 PM IST
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माैत की सूचना पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
तमकुहीरोड। दो दिन पहले दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम में सड़क हादसे में मरने वाले व्यक्ति का शव शनिवार को एंबुलेंस से घर लाया गया। शव पहुंचते ही मृतक के घरवाले उससे लिपटकर रो पड़े। सांत्वना देने वाले लोगों की आंखें में भी उन्हें देखकर नम हो गईं। शव का अंतिम संस्कार बांसी नदी के शिवाघाट पर कर दिया गया।
सेवरही के स्वर्णनगर मोहल्ले के निवासी 42 वर्षीय लालबाबू रौनियार की मौत दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम में बृहस्पतिवार की शाम सड़क दुर्घटना में हो गई थी। दुर्घटना के समय लालबाबू रौनियार सब्जी खरीदकर गुरुग्राम स्थित अपने क्वार्टर लौट रहे थे तभी तेज रफ्तार में जा रहे बाइकसवारों ने उन्हें चपेट में ले लिया था।
उनका शव शनिवार को सुबह जब एंबुलेंस से सेवरही के स्वर्णनगर स्थित आवास पर लाया गया तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। क्योंकि अपने परिवार की देखरेख करने वाले अकेले व्यक्ति थे और उनकी मौत से उनकी पत्नी के साथ दो लड़कों और एक लड़की के सिर से पिता का साया उठ गया था।
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सेवरही के स्वर्णनगर मोहल्ले के निवासी 42 वर्षीय लालबाबू रौनियार की मौत दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम में बृहस्पतिवार की शाम सड़क दुर्घटना में हो गई थी। दुर्घटना के समय लालबाबू रौनियार सब्जी खरीदकर गुरुग्राम स्थित अपने क्वार्टर लौट रहे थे तभी तेज रफ्तार में जा रहे बाइकसवारों ने उन्हें चपेट में ले लिया था।
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उनका शव शनिवार को सुबह जब एंबुलेंस से सेवरही के स्वर्णनगर स्थित आवास पर लाया गया तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। क्योंकि अपने परिवार की देखरेख करने वाले अकेले व्यक्ति थे और उनकी मौत से उनकी पत्नी के साथ दो लड़कों और एक लड़की के सिर से पिता का साया उठ गया था।
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